28 जून 2026
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केरल में IMD का ऑरेंज अलर्ट: कासरगोड, कन्नूर, वायनाड, कोझिकोड में 28-29 जून को अत्यधिक भारी बारिश

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केरल में IMD का ऑरेंज अलर्ट: कासरगोड, कन्नूर, वायनाड, कोझिकोड में 28-29 जून को अत्यधिक भारी बारिश

सारांश

IMD ने 28 जून को केरल के चार उत्तरी जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 28-29 जून को 20 सेमी तक अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है। तेलंगाना और बंगाल की खाड़ी के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण इस मौसम का मुख्य कारण है। 2 जुलाई तक केरल और लक्षद्वीप में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

मुख्य बातें

IMD ने 28 जून 2026 को केरल के कासरगोड, कन्नूर, वायनाड और कोझिकोड जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया।
शेष 10 जिलों में येलो अलर्ट लागू; 28-29 जून को 7–20 सेमी तक वर्षा का अनुमान।
उत्तर तेलंगाना के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 3.1–4.5 किमी ऊंचाई तक फैला।
1 जुलाई तक केरल-लक्षद्वीप में 40–50 किमी/घंटे तेज हवाएं और बिजली गिरने की चेतावनी।
तमिलनाडु के चेन्नई, तिरुवल्लुर, कांचीपुरम सहित 6 जिलों में भी भारी बारिश का अनुमान।
बारिश का दौर 2 जुलाई तक जारी रहने की संभावना।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 जून 2026 (रविवार) को केरल के कासरगोड, कन्नूर, वायनाड और कोझिकोड जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि राज्य के शेष 10 जिलों में येलो अलर्ट लागू है। विभाग के अनुसार 28 और 29 जून को केरल के कुछ स्थानों पर 7 से 20 सेमी तक वर्षा दर्ज होने की संभावना है।

अलर्ट का विवरण और तिथिवार पूर्वानुमान

मौसम विभाग के अनुसार 29 जून को कन्नूर और कासरगोड जिलों में येलो अलर्ट रहेगा और सात अन्य जिलों में भी यही स्थिति बनी रहेगी। 27 जून, 30 जून तथा 1 और 2 जुलाई को केरल के कुछ स्थानों पर 7–11 सेमी (भारी श्रेणी) वर्षा का अनुमान है। 28 और 29 जून को लक्षद्वीप में भी कुछ स्थानों पर 7–11 सेमी बारिश की संभावना जताई गई है।

विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि 1 जुलाई तक केरल और लक्षद्वीप में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है।

मौसमी परिस्थितियाँ: क्यों है इतनी बारिश

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर तेलंगाना और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर एक सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 3.1 से 4.5 किमी की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके अतिरिक्त, पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और तटीय आंध्र प्रदेश के ऊपर समुद्र तल से लगभग 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक और चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

वहीं, उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी और म्यांमार तट के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण कमजोर पड़ गया है। तटीय आंध्र प्रदेश से मध्य महाराष्ट्र तक फैला ऊपरी हवा का ट्रफ (कम दबाव का क्षेत्र) दक्षिणी भारत के मौसम को प्रभावित करता रहेगा। इन संयुक्त मौसमी कारकों के चलते केरल और लक्षद्वीप में आगामी दिनों में व्यापक वर्षा की संभावना बनी हुई है।

तमिलनाडु और दक्षिण भारत पर असर

क्षेत्रीय मौसम केंद्र (RMC) ने तमिलनाडु के चेन्नई, तिरुवल्लुर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, तिरुवन्नामलाई और रानीपेट जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान लगाया है। अगले सप्ताह पुडुचेरी और कराईकल में भी छिटपुट वर्षा होने की उम्मीद है।

मौसम विभाग ने इन इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि भारी बारिश और तेज हवाओं से जलभराव, यातायात बाधा और स्थानीय नुकसान की आशंका है।

आम जनता के लिए सावधानियाँ

ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों — विशेषकर वायनाड और कोझिकोड — में प्रशासन को सतर्क रहने और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी रखने की सलाह है। मौसम विभाग के अनुसार स्थिति अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है और 2 जुलाई तक बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 2018 और 2021 की विनाशकारी बाढ़ के बाद भी राज्य की आपदा प्रबंधन तैयारी पर सवाल बने रहते हैं। वायनाड जैसे पहाड़ी और पारिस्थितिकी-संवेदनशील जिले में ऑरेंज अलर्ट विशेष चिंता का विषय है, जहाँ भूस्खलन का खतरा हर भारी बारिश के साथ बढ़ जाता है। IMD के पूर्वानुमान तंत्र में सुधार हुआ है, लेकिन अलर्ट को ज़मीनी निकासी और राहत तंत्र से जोड़ने की कड़ी अभी भी कमज़ोर है। असली परीक्षा यह है कि प्रशासन इस चेतावनी को कागज़ से ज़मीन तक कितनी तेज़ी से पहुँचाता है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल में ऑरेंज अलर्ट का क्या मतलब है?
ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है कि संबंधित जिलों में 12–20 सेमी तक अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना है और प्रशासन को सतर्क रहना चाहिए। यह येलो अलर्ट से अधिक गंभीर श्रेणी है और इसमें लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।
28-29 जून को केरल के किन जिलों में सबसे अधिक बारिश होगी?
IMD के अनुसार कासरगोड, कन्नूर, वायनाड और कोझिकोड में 28-29 जून को सबसे अधिक — 7 से 20 सेमी तक — वर्षा होने की संभावना है। इन्हीं जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इस बारिश का मुख्य मौसमी कारण क्या है?
उत्तर तेलंगाना के ऊपर सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी पर बना एक और चक्रवाती तंत्र इस भारी बारिश के प्रमुख कारण हैं। तटीय आंध्र प्रदेश से मध्य महाराष्ट्र तक फैला ऊपरी हवा का ट्रफ भी दक्षिण भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है।
केरल में बारिश का यह दौर कब तक चलेगा?
मौसम विभाग के अनुसार केरल में भारी बारिश का दौर 2 जुलाई 2026 तक जारी रहने की संभावना है। 1 जुलाई तक गरज-चमक और 40–50 किमी/घंटे की तेज हवाएं भी चलती रह सकती हैं।
क्या तमिलनाडु में भी बारिश का अलर्ट है?
हाँ, क्षेत्रीय मौसम केंद्र (RMC) ने तमिलनाडु के चेन्नई, तिरुवल्लुर, कांचीपुरम, चेंगलपट्टू, तिरुवन्नामलाई और रानीपेट जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान लगाया है। पुडुचेरी और कराईकल में भी अगले सप्ताह छिटपुट वर्षा की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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