केरल में भारी बारिश: 9 जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद, IMD ने सभी 14 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया
सारांश
मुख्य बातें
केरल में रविवार, 3 अगस्त 2025 को मानसून की व्यापक बारिश जारी रही, जिससे राज्य के कई निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की स्थिति बन गई। एहतियात के तौर पर नौ जिलों के जिला प्रशासन ने सोमवार को सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है, जबकि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के समस्त 14 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है।
किन जिलों में बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज
कासरगोड, कन्नूर, कोझिकोड, वायनाड, मलप्पुरम, त्रिशूर, इडुक्की, कोट्टायम और पत्तनमथिट्टा — इन नौ जिलों के जिला प्रशासन ने आदेश जारी किए हैं कि सोमवार को स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। यह निर्णय मौजूदा मौसम की स्थिति और आगे भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लिया गया है।
अलाप्पुझा जिले में प्रशासन ने उन शैक्षणिक संस्थानों के छात्रों के लिए भी छुट्टी घोषित की है, जो इस समय राहत शिविरों के रूप में उपयोग में लाए जा रहे हैं।
बाढ़ प्रभावित चेंगन्नूर और कुट्टनाड तालुकों में व्यापक बंद का आदेश दिया गया है — यहाँ स्कूल, कॉलेज, प्रोफेशनल कॉलेज, आंगनवाड़ियाँ और ट्यूशन सेंटर सभी सोमवार को बंद रहेंगे। गौरतलब है कि लगातार मानसून बारिश के दौरान बाढ़ और जलभराव की दृष्टि से ये दोनों तालुक राज्य के सबसे संवेदनशील क्षेत्रों में गिने जाते हैं।
IMD का येलो अलर्ट और बारिश का पूर्वानुमान
IMD ने सोमवार के लिए केरल के सभी 14 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वानुमान के अनुसार अगले 24 घंटों में कुछ स्थानों पर 7 से 11 सेमी तक वर्षा दर्ज हो सकती है।
अधिकारी नदियों के जलस्तर और निचले व पहाड़ी इलाकों की स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं, क्योंकि अतिरिक्त बारिश से स्थानीय बाढ़ और भूस्खलन का खतरा और बढ़ सकता है।
प्रशासन की सलाह और राहत उपाय
अधिकारियों ने छात्रों, अभिभावकों और शैक्षणिक संस्थानों को सलाह दी है कि वे आधिकारिक घोषणाओं पर नज़र रखें, क्योंकि बारिश और ज़मीनी हालात के आधार पर स्थानीय पाबंदियों में बदलाव किया जा सकता है। जलमग्न रास्तों पर अनावश्यक यात्रा से बचने और जिला प्रशासन तथा आपदा प्रबंधन प्राधिकारियों के निर्देशों का सख्ती से पालन करने की अपील की गई है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और भूस्खलन-संभावित स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। राज्य में आपातकालीन और आपदा प्रतिक्रिया टीमें पूरी तरह अलर्ट पर तैनात हैं।
आम जनता पर असर
निचले इलाकों में जलभराव से आवागमन बाधित हुआ है और पहले से बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों में चिंता बढ़ गई है। चेंगन्नूर और कुट्टनाड जैसे इलाकों में रहने वाले परिवार हर साल मानसून में इसी तरह की स्थिति से जूझते हैं — इस बार भी स्थिति उतनी ही गंभीर बताई जा रही है।
क्या होगा आगे
मानसून का यह दौर अभी थमने के आसार नहीं हैं। IMD के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि बारिश की तीव्रता और ज़मीनी स्थिति के आधार पर आगे के दिनों में भी स्कूल बंद रहने के आदेश जारी किए जा सकते हैं। राज्य सरकार और जिला प्रशासन स्थिति की घड़ी-घड़ी समीक्षा कर रहे हैं।