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केरल में मानसून का पहला रेड अलर्ट: मलप्पुरम, कोझिकोड समेत 5 जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी

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केरल में मानसून का पहला रेड अलर्ट: मलप्पुरम, कोझिकोड समेत 5 जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी

सारांश

केरल में इस मानसून सीजन का पहला रेड अलर्ट जारी हो गया है — पाँच उत्तरी जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी है और राज्य के 14 जिले किसी न किसी अलर्ट की जद में हैं। कोझिकोड में पेड़ उखड़ने की घटनाएँ हो चुकी हैं और प्रशासन ने राहत शिविर तथा हेल्पलाइन सक्रिय कर दी हैं।

मुख्य बातें

IMD ने 5 जून 2026 को केरल में इस मानसून सीजन का पहला रेड अलर्ट जारी किया।
मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड — पाँच उत्तरी जिलों में शनिवार को अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी।
इनमें से तीन जिलों में रविवार को भी रेड अलर्ट जारी रहने की संभावना।
इडुक्की, त्रिशूर, एर्नाकुलम, कोट्टायम, पलक्कड़, पथानमथिट्टा में ऑरेंज अलर्ट; अलप्पुझा, कोल्लम, तिरुवनंतपुरम में येलो अलर्ट।
कोझिकोड में शुक्रवार को तेज हवाओं से कई स्थानों पर पेड़ उखड़े।
आपात हेल्पलाइन 1077 और 1070 पर 24 घंटे सहायता उपलब्ध।

केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून के तेज होते ही भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 5 जून 2026 को इस सीजन का पहला रेड अलर्ट जारी किया। मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड — इन पाँच उत्तरी जिलों में शनिवार को अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार इनमें से तीन जिलों में रविवार को भी रेड अलर्ट जारी रह सकता है।

अलर्ट का पूरा विवरण

ऑरेंज अलर्ट के दायरे में इडुक्की, त्रिशूर, एर्नाकुलम, कोट्टायम, पलक्कड़ और पथानमथिट्टा जिले हैं। अलप्पुझा, कोल्लम और तिरुवनंतपुरम जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इस प्रकार राज्य के कुल 14 जिले किसी न किसी मौसम चेतावनी की जद में हैं।

मुख्य घटनाक्रम

मानसून के असर से राज्य के कई हिस्सों में बारिश से जुड़ी घटनाएँ सामने आने लगी हैं। शुक्रवार सुबह कोझिकोड शहर में तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़ गए। यह ऐसे समय में आया है जब केरल में मानसून की शुरुआत पारंपरिक रूप से देश भर में वर्षा ऋतु के आगाज का संकेत मानी जाती है।

प्रशासन की सुरक्षा सलाह

राज्य प्रशासन ने विस्तृत सुरक्षा परामर्श जारी किया है। भूस्खलन, मलबा खिसकने और अचानक बाढ़ की आशंका वाले पहाड़ी क्षेत्रों के निवासियों को दिन के समय सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। जलभराव की संभावना वाले निचले इलाकों के लोगों को आवश्यकता पड़ने पर राहत शिविरों में जाने को कहा गया है।

लोगों को भारी बारिश के दौरान नदियों और जलाशयों में तैराकी, मछली पकड़ने या उन्हें पार करने से बचने की चेतावनी दी गई है। केंद्रीय जल आयोग ने भी नदी किनारे बसे लोगों को सतर्क रहने को कहा है। झरनों, पर्यटन स्थलों और पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा मौसम सामान्य होने तक टालने की सलाह दी गई है।

आपात सेवाएँ सक्रिय

आपात स्थिति से निपटने के लिए 24 घंटे संचालित नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए गए हैं। नागरिक सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1077 और 1070 पर संपर्क कर सकते हैं।

आम जनता और अर्थव्यवस्था पर असर

गौरतलब है कि भारत की लगभग 51 प्रतिशत खेती योग्य भूमि वर्षा पर निर्भर है। मानसून की तीव्रता और उसका वितरण कृषि उत्पादन, ग्रामीण आय, खाद्य कीमतों और समग्र आर्थिक गतिविधियों को सीधे प्रभावित करता है। केरल से मानसून की प्रगति की दिशा और गति आने वाले हफ्तों में देश के बाकी हिस्सों के लिए भी संकेतक बनेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सीजन के पहले ही हफ्ते में पाँच जिलों का एक साथ रेड अलर्ट की जद में आना यह दर्शाता है कि इस बार मानसून की शुरुआत असामान्य रूप से तीव्र है। चिंता की बात यह है कि भूस्खलन और अचानक बाढ़ की चेतावनियाँ वायनाड जैसे उन जिलों को भी कवर करती हैं जो पिछले वर्षों में गंभीर तबाही झेल चुके हैं। राहत और बचाव की तैयारी का असली पैमाना तब पता चलेगा जब पहाड़ी बस्तियों तक समय पर निकासी हो सके — सिर्फ हेल्पलाइन नंबर जारी करना पर्याप्त नहीं।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल में रेड अलर्ट किन जिलों में जारी किया गया है?
मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड — इन पाँच उत्तरी जिलों में शनिवार के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इनमें से तीन जिलों में रविवार को भी रेड अलर्ट जारी रहने की संभावना है।
रेड अलर्ट और ऑरेंज अलर्ट में क्या फर्क है?
रेड अलर्ट अत्यधिक भारी वर्षा (24 घंटे में 20 सेमी से अधिक) की चेतावनी है और इसमें तत्काल सुरक्षात्मक कार्रवाई की जरूरत होती है। ऑरेंज अलर्ट बहुत भारी वर्षा का संकेत है जिसमें सतर्कता और तैयारी आवश्यक है।
केरल में मानसून आपात स्थिति में मदद के लिए कहाँ संपर्क करें?
राज्य प्रशासन ने 24 घंटे संचालित नियंत्रण कक्ष सक्रिय किए हैं। नागरिक हेल्पलाइन नंबर 1077 और 1070 पर संपर्क कर सकते हैं।
मानसून के दौरान केरल में किन गतिविधियों से बचने की सलाह दी गई है?
प्रशासन ने नदियों और जलाशयों में तैराकी, मछली पकड़ने या उन्हें पार करने से बचने की चेतावनी दी है। झरनों, पर्यटन स्थलों और पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा भी मौसम सामान्य होने तक टालने की सलाह दी गई है।
केरल का मानसून देश की अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित करता है?
भारत की लगभग 51 प्रतिशत खेती योग्य भूमि वर्षा पर निर्भर है। केरल से मानसून की शुरुआत कृषि उत्पादन, ग्रामीण आय और खाद्य कीमतों को सीधे प्रभावित करती है और देश भर में मानसून की प्रगति का संकेतक मानी जाती है।
राष्ट्र प्रेस
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