7 अगस्त 2026
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केरल में IMD का रेड अलर्ट: 7 जिलों में भारी बारिश, 50 किमी/घंटा हवाओं की चेतावनी

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केरल में IMD का रेड अलर्ट: 7 जिलों में भारी बारिश, 50 किमी/घंटा हवाओं की चेतावनी

सारांश

IMD ने केरल के सात जिलों में एक साथ रेड अलर्ट जारी किया है — 50 किमी/घंटा हवाएं, अत्यधिक भारी बारिश और समुद्र में 'कल्लाक्कडल' की चेतावनी के साथ। बारिश का यह दौर शनिवार तक जारी रह सकता है; आपदा प्रबंधन एजेंसियाँ हाई अलर्ट पर हैं।

मुख्य बातें

IMD ने 7 अगस्त को केरल के 7 जिलों — कोट्टायम, अलाप्पुझा, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, कन्नूर और कासरगोड — के लिए रेड अलर्ट जारी किया।
प्रभावित क्षेत्रों में 50 किमी प्रति घंटा तक की हवाएं और भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी।
पत्तनमथिट्टा, इडुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड के लिए ऑरेंज अलर्ट ; शेष जिलों में येलो अलर्ट लागू।
'कल्लाक्कडल' (समुद्री ऊंची लहरें) की चेतावनी; मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह।
बारिश का दौर शनिवार तक जारी रहने का अनुमान; रविवार से मौसम में सुधार की संभावना।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 7 अगस्त 2026 को केरल के सात जिलों के लिए तीन घंटे का रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश और 50 किमी प्रति घंटा तक की तेज़ हवाओं की चेतावनी दी गई है। शुक्रवार सुबह से ही राज्य में जोरदार बारिश जारी है और अधिकारी स्थिति पर कड़ी नज़र बनाए हुए हैं।

किन जिलों में रेड अलर्ट

IMD ने कोट्टायम, अलाप्पुझा, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, कन्नूर और कासरगोड के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अगले तीन घंटों के भीतर कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा और 50 किमी प्रति घंटा की रफ़्तार से हवाएं चलने की संभावना है।

इसके अलावा पत्तनमथिट्टा, इडुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड के लिए ऑरेंज अलर्ट सक्रिय है, जहाँ मध्यम से भारी बारिश और तेज़ हवाओं का अनुमान है। शेष जिलों में येलो अलर्ट लागू है, जहाँ हल्की से मध्यम बारिश और 40 किमी प्रति घंटा की हवाएं चल सकती हैं।

समुद्री खतरा और 'कल्लाक्कडल' की चेतावनी

IMD ने तटीय क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से 'कल्लाक्कडल' — यानी समुद्र में अचानक उठने वाली ऊंची लहरों — की घटना को लेकर अलर्ट जारी किया है। दिन के समय केरल के तट पर ऊंची और खतरनाक लहरें उठ सकती हैं।

मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र के खतरनाक क्षेत्रों में न जाने की सख्त सलाह दी है। तटीय बस्तियों में रहने वाले नागरिकों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।

मानसून की स्थिति और पृष्ठभूमि

राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है और पिछले कई दिनों से अधिकांश जिलों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है। यह ताज़ा रेड अलर्ट ऐसे समय में आया है जब IMD पहले ही शुक्रवार को पूरे राज्य में व्यापक वर्षा का पूर्वानुमान जारी कर चुका था।

गौरतलब है कि केरल में मानसून के दौरान इस तरह की बहु-जिला चेतावनियाँ जून से सितंबर के बीच सामान्य हैं, लेकिन एक साथ सात जिलों का रेड अलर्ट मौसम की गंभीरता को रेखांकित करता है।

प्रशासन और आपदा प्रबंधन की तैयारी

आपदा प्रबंधन एजेंसियों और जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार दिन भर भारी बारिश, तेज़ हवाएं और कुछ निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बने रहने की आशंका है।

आगे कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार बारिश का यह दौर शनिवार तक जारी रह सकता है। रविवार से मौसम में धीरे-धीरे सुधार होने की संभावना जताई गई है। नागरिकों से अनुरोध है कि वे अगले 48 घंटों तक अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन के संपर्क में रहें।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा ज़मीनी स्तर पर प्रशासन की प्रतिक्रिया गति की होती है — जो अक्सर चेतावनी से पीछे रह जाती है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल में IMD का रेड अलर्ट किन जिलों के लिए जारी हुआ है?
IMD ने 7 अगस्त को कोट्टायम, अलाप्पुझा, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, कन्नूर और कासरगोड — इन सात जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश और 50 किमी प्रति घंटा तक की हवाओं की चेतावनी दी गई है।
'कल्लाक्कडल' क्या है और यह केरल के लिए क्यों खतरनाक है?
'कल्लाक्कडल' समुद्र में अचानक उठने वाली ऊंची लहरों की घटना है, जो तटीय क्षेत्रों में बिना किसी तूफान के भी भारी नुकसान पहुंचा सकती है। IMD ने चेतावनी दी है कि 7 अगस्त को दिन के समय केरल के तट पर ऐसी लहरें उठ सकती हैं, जिससे मछुआरों और तटीय बस्तियों को विशेष खतरा है।
केरल में बारिश कब तक जारी रहेगी?
मौसम विभाग के अनुसार बारिश का यह दौर शनिवार तक जारी रह सकता है। रविवार से मौसम में धीरे-धीरे सुधार होने की संभावना जताई गई है।
ऑरेंज और येलो अलर्ट वाले जिलों में क्या स्थिति है?
पत्तनमथिट्टा, इडुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड में ऑरेंज अलर्ट लागू है, जहाँ मध्यम से भारी बारिश और 50 किमी/घंटा हवाओं की संभावना है। शेष सभी जिलों में येलो अलर्ट के तहत हल्की से मध्यम बारिश और 40 किमी/घंटा हवाओं का अनुमान है।
मछुआरों और तटीय निवासियों के लिए क्या सलाह जारी की गई है?
IMD और स्थानीय प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र के खतरनाक क्षेत्रों में न जाने की सख्त हिदायत दी है। तटीय इलाकों में रहने वाले नागरिकों से सतर्क रहने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
राष्ट्र प्रेस
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