21 सितंबर 2026
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जम्मू-कश्मीर: राजौरी में सड़कों-पुलों की बहाली पर ₹185 करोड़ खर्च होंगे, उमर अब्दुल्ला का विधानसभा में ऐलान

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जम्मू-कश्मीर: राजौरी में सड़कों-पुलों की बहाली पर ₹185 करोड़ खर्च होंगे, उमर अब्दुल्ला का विधानसभा में ऐलान

सारांश

राजौरी में जुलाई 2026 की बाढ़ और भूस्खलन ने 403 सड़कें-पुल तबाह किए। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में ₹185 करोड़ की बहाली योजना का ब्यौरा दिया — साथ ही कुपवाड़ा के 1,936 घरों तक 2027 तक बिजली पहुँचाने का वादा भी।

मुख्य बातें

राजौरी जिले में 403 सड़कों और पुलों की स्थायी बहाली के लिए ₹185 करोड़ का प्रस्ताव तैयार।
एसडीआरएफ से ₹40.61 लाख और मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹2.81 करोड़ प्रभावित परिवारों को वितरित।
बिजली बुनियादी ढाँचे को ₹27.99 करोड़ का नुकसान; 132 केवी राजौरी-द्राबा ट्रांसमिशन लाइन पर ईआरएस टावर लगाया गया।
416 हेक्टेयर में मक्का ( 15% नुकसान) और 101.50 हेक्टेयर में धान ( 65% नुकसान) प्रभावित।
कुपवाड़ा में आरडीएसएस के तहत 1,936 घरों तक बिजली पहुँचाने का काम अक्टूबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य।
एसडीआरएफ नियमों में बदलाव के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय से अनुरोध की आवश्यकता: उमर अब्दुल्ला।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार, 21 सितंबर 2026 को विधानसभा के शरद सत्र में बताया कि राजौरी जिले में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन से क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की स्थायी बहाली पर ₹185 करोड़ खर्च किए जाएंगे। यह जानकारी प्रश्नकाल के दौरान राजौरी विधायक इफ्तिखार अहमद के सवाल के जवाब में दी गई।

क्षति का आकलन और राहत राशि

मुख्यमंत्री ने बताया कि राजौरी जिला प्रशासन को परिवारों को हुए नुकसान के 149 मामले प्राप्त हुए थे। राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) के नियमों के तहत प्रभावित परिवारों को ₹40.61 लाख वितरित किए गए हैं, जबकि मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त ₹2.81 करोड़ जारी किए गए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एसडीआरएफ के नियमों में बदलाव करना केंद्र के गृह मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है।

सड़क, पुल और बिजली बुनियादी ढाँचे की स्थिति

जुलाई 2026 में भारी बारिश और अचानक बाढ़ के कारण राजौरी जिले में बिजली के बुनियादी ढाँचे को ₹27.99 करोड़ का नुकसान हुआ, जिसमें से ₹9.39 करोड़ का नुकसान अकेले राजौरी विधानसभा क्षेत्र में हुआ। अस्थायी बहाली के लिए 132 केवी राजौरी-द्राबा ट्रांसमिशन लाइन पर इमरजेंसी रेस्टोरेशन सिस्टम (ईआरएस) टावर लगाया गया है। बिजली आपूर्ति की अस्थायी बहाली के लिए एसडीआरएफ के तहत ₹1.25 करोड़ स्वीकृत हुए हैं, जिसमें से ₹57.60 लाख राजौरी विधानसभा क्षेत्र को आवंटित किए गए। कुल 403 सड़कों और पुलों की स्थायी बहाली के लिए ₹185 करोड़ के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं।

कृषि क्षेत्र पर असर

बाढ़ से कृषि क्षेत्र भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। 416 हेक्टेयर क्षेत्र में मक्के की फसल को 15 प्रतिशत नुकसान आँका गया है, जबकि 101.50 हेक्टेयर में धान की फसल को 65 प्रतिशत तक हानि हुई है। जल शक्ति और लोक निर्माण विभागों ने जलापूर्ति, सिंचाई और सड़क बुनियादी ढाँचे का विस्तृत आकलन पूरा कर लिया है।

कुपवाड़ा जिले में बिजली विस्तार योजना

विधायक मीर मोहम्मद फैयाज के तारांकित प्रश्न के उत्तर में उमर अब्दुल्ला ने बताया कि कुपवाड़ा जिले में रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत 29 बस्तियों और 1,936 घरों को बिजली से जोड़ने का काम जारी है। 10 ब्लॉकों में ₹14.74 करोड़ के कार्यों के लिए लेटर ऑफ अवॉर्ड (एलओए) जारी किए जा चुके हैं। पाँच ब्लॉकों में काम प्रारंभ हो चुका है और अब तक ₹86 लाख व्यय किए गए हैं। चालू वित्त वर्ष में कुपवाड़ा के लिए ₹3.68 करोड़ जारी किए गए हैं।

आगे की योजना

मुख्यमंत्री ने विधानसभा को भरोसा दिलाया कि क्षतिग्रस्त सभी सड़कें, पुल, जलापूर्ति और बिजली योजनाएँ एक महीने के भीतर अस्थायी रूप से बहाल कर दी गई हैं। स्थायी बहाली के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर विचार जारी है। बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों में बिजली बुनियादी ढाँचे को मजबूत बनाया जाएगा और जरूरत के अनुसार उसका स्थान भी बदला जाएगा। कश्मीर पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (केपीडीसीएल) ने कुपवाड़ा के शेष घरों तक विद्युतीकरण का काम अक्टूबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जम्मू-कश्मीर में हर मानसून के बाद इसी तरह की आपातकालीन बहाली की नौबत क्यों आती है। बाढ़-प्रतिरोधी बुनियादी ढाँचे में दीर्घकालिक निवेश की बजाय हर साल क्षति-आकलन और पुनर्निर्माण का चक्र चलता रहता है। एसडीआरएफ मुआवजे के लिए केंद्र पर निर्भरता और डीपीआर पर 'विचार जारी' जैसे वाक्यांश दर्शाते हैं कि आपदा प्रबंधन की संरचनात्मक कमियाँ अभी भी बरकरार हैं। जब तक भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे का 'रिलोकेशन' और मजबूती सिर्फ नीतिगत घोषणा नहीं बल्कि समयबद्ध परियोजना बनती, यह चक्र अगले मानसून में दोहराया जाएगा।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजौरी में सड़कों और पुलों की बहाली पर कितना खर्च होगा?
राजौरी जिले में 403 क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों की स्थायी बहाली के लिए ₹185 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 21 सितंबर 2026 को विधानसभा के शरद सत्र में यह जानकारी दी।
राजौरी बाढ़ पीड़ितों को कितना मुआवजा मिला है?
एसडीआरएफ के तहत 149 प्रभावित परिवारों को ₹40.61 लाख दिए गए हैं और मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹2.81 करोड़ अतिरिक्त जारी किए गए हैं। अस्थायी बिजली बहाली के लिए एसडीआरएफ से ₹1.25 करोड़ अलग से स्वीकृत हुए हैं।
राजौरी में कृषि को कितना नुकसान हुआ?
बाढ़ से 416 हेक्टेयर में मक्के की फसल को 15 प्रतिशत और 101.50 हेक्टेयर में धान की फसल को 65 प्रतिशत नुकसान हुआ है। जल शक्ति और लोक निर्माण विभागों ने जलापूर्ति एवं सिंचाई बुनियादी ढाँचे का भी विस्तृत आकलन पूरा कर लिया है।
कुपवाड़ा में बिजली विस्तार कब तक पूरा होगा?
आरडीएसएस के तहत कुपवाड़ा की 29 बस्तियों के 1,936 घरों तक बिजली पहुँचाने का काम अक्टूबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। 10 ब्लॉकों में ₹14.74 करोड़ के कार्यों के लिए एलओए जारी हो चुका है और पाँच ब्लॉकों में काम शुरू भी हो गया है।
क्या एसडीआरएफ के तहत मुआवजा बढ़ाया जाएगा?
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्पष्ट किया कि एसडीआरएफ के नियमों में बदलाव केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में है। जम्मू-कश्मीर सरकार अपने स्तर पर मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त सहायता दे रही है।
राष्ट्र प्रेस
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