25 जुलाई 2026
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BRO ने राजौरी, पुंछ और रियासी में बहाल किया सड़क संपर्क, भूस्खलन के बावजूद 200 फुट अस्थायी पुल बना रहा सहारा

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BRO ने राजौरी, पुंछ और रियासी में बहाल किया सड़क संपर्क, भूस्खलन के बावजूद 200 फुट अस्थायी पुल बना रहा सहारा

सारांश

19 से 24 जुलाई के बीच भारी बारिश ने राजौरी, पुंछ और रियासी के प्रमुख मार्ग बंद कर दिए — लेकिन BRO की अग्रिम तैयारी और 200 फुट अस्थायी पुल ने महोर का संपर्क बचाए रखा। सीमावर्ती जिलों में यह ऑपरेशन दिखाता है कि रणनीतिक पूर्व-तैनाती आपदा प्रतिक्रिया को कितना बदल सकती है।

मुख्य बातें

सीमा सड़क संगठन (BRO) ने 19 से 24 जुलाई 2025 के बीच हुई भारी बारिश के बाद राजौरी, पुंछ और रियासी में सड़क संपर्क बहाल किया।
राजौरी-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग सहित रियासी-महोर और राजौरी-बुढाल-गुल मार्गों पर एकाधिक स्थानों पर भूस्खलन हुआ।
बडोरा नाले पर वैकल्पिक मार्ग बह जाने के बाद 200 फुट लंबे अस्थायी पुल ने महोर क्षेत्र का संपर्क बनाए रखा।
वर्षा ऋतु से पहले संवेदनशील स्थानों पर संसाधनों की अग्रिम तैनाती से मार्ग कम समय में बहाल हो सके।
क्षतिग्रस्त हिस्सों की स्थायी मरम्मत अभी जारी है; BRO टीमें मार्गों पर लगातार तैनात हैं।

सीमा सड़क संगठन (BRO) ने 19 से 24 जुलाई 2025 के बीच हुई लगातार भारी बारिश और व्यापक भूस्खलन के बाद जम्मू-कश्मीर के राजौरी, पुंछ और रियासी जिलों में प्रमुख सड़क मार्ग बहाल कर दिए हैं। इस त्वरित कार्रवाई से सुरक्षा बलों, राहत दलों, आवश्यक सेवाओं और स्थानीय निवासियों की आवाजाही एक बार फिर सामान्य हो सकी है।

मुख्य घटनाक्रम

लगातार छह दिनों की मूसलाधार बारिश ने राजौरी-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई अहम मार्गों पर बड़े पैमाने पर मलबा जमा कर दिया। रियासी से महोर तथा राजौरी से बुढाल, महोर और गुल जाने वाले मार्गों पर एकाधिक स्थानों पर भूस्खलन दर्ज किए गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए BRO ने अपने कर्मचारियों, भारी मशीनरी और संसाधनों को तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में भेजा।

सबसे उल्लेखनीय स्थिति बडोरा नाले पर उत्पन्न हुई, जहाँ वैकल्पिक मार्ग तेज जलप्रवाह में बह गया। हालाँकि, BRO द्वारा पहले से स्थापित 200 फुट लंबे अस्थायी पुल के कारण महोर क्षेत्र का संपर्क पूरी तरह नहीं टूटा और यातायात बाधित नहीं हुआ।

पूर्व तैयारी रही निर्णायक

BRO ने बताया कि वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले ही संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहाँ आवश्यक उपकरण और संसाधन तैनात कर दिए गए थे। इसी अग्रिम तैयारी के कारण मलबा हटाने का काम कम समय में पूरा किया जा सका। अग्रिम क्षेत्रों की सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया गया, ताकि सुरक्षा बलों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित हो सके।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों में मानसून के दौरान सड़क संपर्क टूटना एक वार्षिक चुनौती बन चुकी है। BRO की यह कार्रवाई उसी दीर्घकालिक परिचालन रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत संवेदनशील मार्गों पर पहले से संसाधन तैनात रखे जाते हैं।

नुकसान और मरम्मत कार्य

लगातार बारिश से सड़क निर्माण में लगे उपकरणों और अन्य ढाँचों को भारी क्षति पहुँची। इसके बावजूद BRO और निर्माण एजेंसियों की टीमें खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी अनवरत काम करती रहीं। संगठन ने स्पष्ट किया कि सभी प्रमुख मार्गों पर संपर्क बहाल कर दिया गया है, परन्तु क्षतिग्रस्त हिस्सों की स्थायी मरम्मत का काम अभी जारी है।

आम जनता और सुरक्षा बलों पर असर

राजौरी, पुंछ और रियासी जैसे सीमावर्ती जिलों में सड़क संपर्क केवल नागरिक आवाजाही का साधन नहीं है — यह सुरक्षा बलों की तैनाती और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए भी जीवनरेखा है। मार्गों के बहाल होने से न केवल स्थानीय निवासियों को राहत मिली, बल्कि सुरक्षा बलों के वाहनों और आपूर्ति शृंखला की निरंतरता भी सुनिश्चित हुई।

आगे की राह

BRO की टीमें प्रभावित मार्गों पर लगातार तैनात हैं और निगरानी जारी है। संगठन ने कहा है कि वह प्राकृतिक आपदाओं के बीच भी देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क संपर्क बनाए रखने के अपने दायित्व को पूरी तत्परता से निभाता रहेगा। मानसून के शेष महीनों में भी ऐसी तैयारी बनाए रखने की योजना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह है मानसून-पूर्व संसाधन तैनाती की रणनीति — जो अक्सर सुर्खियों से बाहर रहती है। बडोरा नाले पर 200 फुट का अस्थायी पुल पहले से लगाया गया था, यही कारण है कि वैकल्पिक मार्ग बहने के बाद भी महोर अलग-थलग नहीं पड़ा। यह मॉडल जम्मू-कश्मीर के अन्य संवेदनशील सीमावर्ती जिलों में भी दोहराए जाने की माँग करता है। असली सवाल यह है कि क्या यह तैयारी हर वर्ष व्यवस्थित रूप से होती है, या आपदा के बाद की प्रतिक्रिया अभी भी डिफ़ॉल्ट मोड बनी हुई है।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BRO ने राजौरी, पुंछ और रियासी में सड़क संपर्क कब बहाल किया?
19 से 24 जुलाई 2025 के बीच हुई भारी बारिश और भूस्खलन के बाद BRO ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 25 जुलाई तक राजौरी, पुंछ और रियासी के प्रमुख मार्गों पर संपर्क बहाल कर दिया। स्थायी मरम्मत कार्य अभी भी जारी है।
बडोरा नाले पर 200 फुट का अस्थायी पुल क्यों अहम रहा?
बडोरा नाले पर बना वैकल्पिक मार्ग तेज जलप्रवाह में बह गया था, जिससे महोर क्षेत्र का संपर्क टूटने का खतरा था। BRO द्वारा पहले से लगाए गए 200 फुट लंबे अस्थायी पुल ने यातायात को पूरी तरह बंद होने से बचाया और महोर का सड़क संपर्क बनाए रखा।
किन मार्गों पर सबसे अधिक असर पड़ा?
सबसे अधिक असर राजौरी-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ा। इसके अलावा रियासी से महोर और राजौरी से बुढाल, महोर तथा गुल जाने वाले मार्गों पर भी कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ।
BRO इतनी जल्दी सड़कें कैसे बहाल कर पाया?
BRO ने वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले ही संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहाँ भारी मशीनरी और संसाधन तैनात कर दिए थे। इसी अग्रिम तैयारी के कारण मलबा हटाने और मार्ग बहाल करने का काम कम समय में संभव हो सका।
क्या अभी भी मरम्मत कार्य जारी है?
हाँ, BRO के अनुसार सभी प्रमुख मार्गों पर यातायात बहाल कर दिया गया है, लेकिन क्षतिग्रस्त हिस्सों की स्थायी मरम्मत अभी जारी है। टीमें लगातार तैनात हैं ताकि यातायात बाधित न हो।
राष्ट्र प्रेस
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