BRO ने राजौरी, पुंछ और रियासी में बहाल किया सड़क संपर्क, भूस्खलन के बावजूद 200 फुट अस्थायी पुल बना रहा सहारा
सारांश
मुख्य बातें
सीमा सड़क संगठन (BRO) ने 19 से 24 जुलाई 2025 के बीच हुई लगातार भारी बारिश और व्यापक भूस्खलन के बाद जम्मू-कश्मीर के राजौरी, पुंछ और रियासी जिलों में प्रमुख सड़क मार्ग बहाल कर दिए हैं। इस त्वरित कार्रवाई से सुरक्षा बलों, राहत दलों, आवश्यक सेवाओं और स्थानीय निवासियों की आवाजाही एक बार फिर सामान्य हो सकी है।
मुख्य घटनाक्रम
लगातार छह दिनों की मूसलाधार बारिश ने राजौरी-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई अहम मार्गों पर बड़े पैमाने पर मलबा जमा कर दिया। रियासी से महोर तथा राजौरी से बुढाल, महोर और गुल जाने वाले मार्गों पर एकाधिक स्थानों पर भूस्खलन दर्ज किए गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए BRO ने अपने कर्मचारियों, भारी मशीनरी और संसाधनों को तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में भेजा।
सबसे उल्लेखनीय स्थिति बडोरा नाले पर उत्पन्न हुई, जहाँ वैकल्पिक मार्ग तेज जलप्रवाह में बह गया। हालाँकि, BRO द्वारा पहले से स्थापित 200 फुट लंबे अस्थायी पुल के कारण महोर क्षेत्र का संपर्क पूरी तरह नहीं टूटा और यातायात बाधित नहीं हुआ।
पूर्व तैयारी रही निर्णायक
BRO ने बताया कि वर्षा ऋतु शुरू होने से पहले ही संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहाँ आवश्यक उपकरण और संसाधन तैनात कर दिए गए थे। इसी अग्रिम तैयारी के कारण मलबा हटाने का काम कम समय में पूरा किया जा सका। अग्रिम क्षेत्रों की सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर बहाल किया गया, ताकि सुरक्षा बलों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित हो सके।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों में मानसून के दौरान सड़क संपर्क टूटना एक वार्षिक चुनौती बन चुकी है। BRO की यह कार्रवाई उसी दीर्घकालिक परिचालन रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत संवेदनशील मार्गों पर पहले से संसाधन तैनात रखे जाते हैं।
नुकसान और मरम्मत कार्य
लगातार बारिश से सड़क निर्माण में लगे उपकरणों और अन्य ढाँचों को भारी क्षति पहुँची। इसके बावजूद BRO और निर्माण एजेंसियों की टीमें खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी अनवरत काम करती रहीं। संगठन ने स्पष्ट किया कि सभी प्रमुख मार्गों पर संपर्क बहाल कर दिया गया है, परन्तु क्षतिग्रस्त हिस्सों की स्थायी मरम्मत का काम अभी जारी है।
आम जनता और सुरक्षा बलों पर असर
राजौरी, पुंछ और रियासी जैसे सीमावर्ती जिलों में सड़क संपर्क केवल नागरिक आवाजाही का साधन नहीं है — यह सुरक्षा बलों की तैनाती और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए भी जीवनरेखा है। मार्गों के बहाल होने से न केवल स्थानीय निवासियों को राहत मिली, बल्कि सुरक्षा बलों के वाहनों और आपूर्ति शृंखला की निरंतरता भी सुनिश्चित हुई।
आगे की राह
BRO की टीमें प्रभावित मार्गों पर लगातार तैनात हैं और निगरानी जारी है। संगठन ने कहा है कि वह प्राकृतिक आपदाओं के बीच भी देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क संपर्क बनाए रखने के अपने दायित्व को पूरी तत्परता से निभाता रहेगा। मानसून के शेष महीनों में भी ऐसी तैयारी बनाए रखने की योजना है।