क्या जम्मू-कश्मीर आपदा के पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा? सीएम अब्दुल्ला ने 6 लाख की सहायता की घोषणा की

सारांश
Key Takeaways
- मुख्यमंत्री ने 6 लाख रुपए का मुआवजा घोषित किया है।
- भूस्खलन और बाढ़ से 30 लोगों की जान गई है।
- घायलों को 1 लाख और 50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी।
- सुरक्षा एजेंसियां राहत कार्य में जुटी हैं।
- मुख्यमंत्री ने 10 करोड़ रुपए की अग्रिम राशि जारी की है।
जम्मू, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने माता वैष्णो देवी में हुए भूस्खलन और पिछले दो दिनों में आई बाढ़ से जुड़े हादसों में जान गंवाने वालों के परिवारों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। उन्होंने मृतकों के परिवारों को 6 लाख रुपए की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। इस बात की जानकारी जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री कार्यालय ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से दी।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने लिखा, "मुख्यमंत्री ने माता वैष्णो देवी में भूस्खलन और पिछले दो दिनों में जम्मू-कश्मीर में हुई अन्य बाढ़ से संबंधित घटनाओं में जान गंवाने वालों के परिवारों को 6 लाख की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। इसमें से 4 लाख राज्य आपदा राहत कोष (एसडीआरएफ) से और 2 लाख मुख्यमंत्री राहत कोष से दिए जाएंगे।"
उन्होंने आगे कहा, "गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को 1 लाख रुपए और मामूली रूप से घायल हुए व्यक्तियों को 50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को राहत, पुनर्वास और पुनर्स्थापन के लिए तत्काल आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु 10 करोड़ रुपए की अग्रिम राशि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।"
ज्ञात हो कि जम्मू-कश्मीर में हुई भारी बारिश के कारण माता वैष्णो देवी रूट पर भूस्खलन हुआ था। अर्धकुंवारी के निकट पहाड़ी से गिरे पत्थरों और मलबे ने इस रूट को प्रभावित किया है।
इस हादसे में अब तक 30 लोगों की जान जा चुकी है।
फिलहाल, भूस्खलन और भारी बारिश के चलते माता वैष्णो देवी की यात्रा को रोक दिया गया है।
इस बीच, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "5000 से अधिक लोगों को निचले बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें संभागीय आयुक्त कार्यालय के साथ समन्वय करके कार्य कर रही हैं।"
उपराज्यपाल ने यह भी बताया कि प्रभावित लोगों को पर्याप्त राहत सामग्री और हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।