25 सितंबर 2026
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जम्मू-कश्मीर: बादल फटने और अचानक बाढ़ से क्षतिग्रस्त बुनियादी ढाँचे की बहाली जारी, SDRF से मिल रही राहत

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जम्मू-कश्मीर: बादल फटने और अचानक बाढ़ से क्षतिग्रस्त बुनियादी ढाँचे की बहाली जारी, SDRF से मिल रही राहत

सारांश

जम्मू-कश्मीर सरकार ने विधानसभा में बताया कि बादल फटने और अचानक बाढ़ से प्रभावित बुनियादी ढाँचे की बहाली जारी है। पुंछ में ₹108 लाख और राजौरी में ₹281 लाख SDRF और मुख्यमंत्री राहत कोष से वितरित किए गए हैं, जबकि स्थायी पुनर्निर्माण कार्य सभी प्रभावित जिलों में चल रहा है।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने 25 सितंबर 2026 को विधानसभा में बाढ़ व बादल फटने से प्रभावित बुनियादी ढाँचे की बहाली की जानकारी दी।
वर्ष 2025-26 में क्षतिग्रस्त सड़कें व जलापूर्ति योजनाएँ अस्थायी रूप से बहाल; स्थायी बहाली जारी।
किश्तवाड़ के चिशोती में पूरी तरह क्षतिग्रस्त 16 परिवारों को ₹1 लाख और आंशिक रूप से प्रभावित 3 मकानों को ₹25,000 प्रति परिवार दिए गए।
पुंछ में 87 लाभार्थियों को ₹108 लाख और राजौरी में 377 लाभार्थियों को ₹281 लाख मुख्यमंत्री राहत कोष से जारी।
पुनर्वास के लिए कोई अलग विशेष राहत पैकेज स्वीकृत नहीं; सहायता SDRF नियमों के तहत दी जा रही है।

जम्मू-कश्मीर सरकार ने 25 सितंबर 2026 को विधानसभा में जानकारी दी कि केंद्र शासित प्रदेश में बादल फटने और अचानक आई बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए बुनियादी ढाँचे को बहाल करने का काम तेज़ गति से जारी है। उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने विधायक शक्ति राज परिहार के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी, जो मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से सदन को अवगत करा रहे थे।

बहाली कार्य की मौजूदा स्थिति

उपमुख्यमंत्री चौधरी ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान प्रभावित हुई सड़कों और जलापूर्ति योजनाओं को अस्थायी रूप से बहाल कर दिया गया है, जबकि स्थायी बहाली का कार्य अभी चल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2026-27 के दौरान क्षतिग्रस्त हुए बुनियादी ढाँचे को आंशिक रूप से बहाल किया गया है और सभी प्रभावित जिलों में स्थायी पुनर्निर्माण कार्य जारी है।

राहत और वित्तीय सहायता का वितरण

प्रभावित परिवारों को राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के नियमों के तहत निर्धारित वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। हालाँकि, सरकार ने स्पष्ट किया कि पुनर्वास के लिए कोई अलग विशेष राहत पैकेज स्वीकृत नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री राहत कोष से उन परिवारों को अतिरिक्त सहायता दी गई है, जिनके मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।

ज़िलेवार राहत का विवरण

किश्तवाड़ जिले में वर्ष 2025-26 के दौरान चिशोती में बादल फटने की घटना के बाद पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों वाले 16 परिवारों को प्रत्येक को ₹1 लाख की सहायता दी गई। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त 3 मकानों के लिए प्रत्येक परिवार को ₹25,000 प्रदान किए गए।

पुंछ जिले में वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 87 लाभार्थियों के लिए कुल ₹108 लाख जारी किए गए हैं, जिनके मकानों या अन्य ढाँचों को नुकसान पहुँचा था। इसी तरह, राजौरी जिले में ढाँचों को हुए नुकसान से प्रभावित 377 लाभार्थियों के लिए सरकार ने ₹281 लाख जारी किए हैं।

सरकार की प्रतिबद्धता

उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने सदन को आश्वस्त किया कि सरकार प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक बुनियादी ढाँचे को समय पर बहाल करने और प्रभावित परिवारों को नियमों के तहत राहत देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाके हर मानसून सीज़न में बादल फटने और अचानक बाढ़ की घटनाओं की चपेट में आते रहे हैं, जिससे दूरदराज के गाँवों में बुनियादी सेवाएँ बाधित होती हैं।

गौरतलब है कि स्थायी बहाली और SDRF वितरण की यह प्रक्रिया आगामी सर्दियों से पहले की समयसीमा को देखते हुए और अधिक महत्त्वपूर्ण हो जाती है, जब दुर्गम इलाकों में पहुँचना मुश्किल हो जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उतना ही महत्त्वपूर्ण है जो नहीं बताया गया — पुनर्वास के लिए कोई विशेष पैकेज नहीं है, और SDRF की दरें — पूरी तरह ध्वस्त मकान के लिए मात्र ₹1 लाख — ज़मीनी वास्तविकता से कितनी दूर हैं, यह सवाल अनुत्तरित रह जाता है। हर साल मानसून में बादल फटने की घटनाएँ दोहराई जाती हैं, फिर भी स्थायी बहाली का काम 'जारी' ही रहता है — यह चक्र टूटता नहीं दिखता। बुनियादी ढाँचे की कमज़ोरी और राहत की सीमित दरें मिलकर दूरदराज के समुदायों की असली कीमत को छुपाती हैं।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर में बाढ़ और बादल फटने से क्षतिग्रस्त बुनियादी ढाँचे की बहाली की क्या स्थिति है?
सरकार के अनुसार वर्ष 2025-26 में प्रभावित सड़कें और जलापूर्ति योजनाएँ अस्थायी रूप से बहाल कर दी गई हैं, जबकि स्थायी बहाली का कार्य सभी प्रभावित जिलों में जारी है। वर्ष 2026-27 में क्षतिग्रस्त ढाँचे को आंशिक रूप से बहाल किया गया है।
प्रभावित परिवारों को कितनी वित्तीय सहायता मिल रही है?
किश्तवाड़ में पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों वाले 16 परिवारों को ₹1 लाख प्रति परिवार और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त 3 मकानों को ₹25,000 प्रत्येक दिए गए। पुंछ में 87 लाभार्थियों को ₹108 लाख और राजौरी में 377 लाभार्थियों को ₹281 लाख मुख्यमंत्री राहत कोष से जारी किए गए हैं।
क्या जम्मू-कश्मीर सरकार ने बाढ़ पीड़ितों के लिए कोई विशेष पुनर्वास पैकेज घोषित किया है?
नहीं, सरकार ने स्पष्ट किया है कि पुनर्वास के लिए कोई अलग विशेष राहत पैकेज स्वीकृत नहीं किया गया है। सहायता राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) के निर्धारित नियमों और मुख्यमंत्री राहत कोष के तहत दी जा रही है।
यह जानकारी विधानसभा में किसने दी?
उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने 25 सितंबर 2026 को विधायक शक्ति राज परिहार के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। वे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से सदन को अवगत करा रहे थे।
जम्मू-कश्मीर में बादल फटने की घटनाएँ किन जिलों में सबसे अधिक प्रभावित करती हैं?
स्रोत के अनुसार किश्तवाड़, पुंछ और राजौरी जिले इन घटनाओं से विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं। किश्तवाड़ के चिशोती में 2025-26 में बादल फटने की घटना तथा पुंछ व राजौरी में 2026-27 के दौरान बाढ़ से व्यापक नुकसान हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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