डोडा बादल फटना: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने थथरी पीड़ितों को तत्काल राहत के आदेश दिए
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार, 7 जुलाई 2026 को डोडा जिले के थथरी क्षेत्र में आए बादल फटने के बाद प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत एवं सहायता पहुँचाने के निर्देश जारी किए। जम्मू-कश्मीर लोक भवन से जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में कई घर, दुकानें और बुनियादी ढाँचा क्षतिग्रस्त हुए, लेकिन सौभाग्यवश किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
मुख्य घटनाक्रम
बादल फटने से थथरी क्षेत्र में भारी तबाही हुई — दुकानें, आवासीय मकान, सड़कें और अन्य बुनियादी ढाँचा बुरी तरह प्रभावित हुए। उपराज्यपाल सिन्हा ने स्वयं स्थिति की बारीकी से निगरानी करते हुए डोडा के उपायुक्त कृष्ण लाल से सीधे बात की और उन्हें घटनास्थल पर राहत कार्य तेज़ करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
अधिकारियों के अनुसार, उपराज्यपाल ने राष्ट्रीय राजमार्ग-244 (NH-244) की शीघ्र सफाई को प्राथमिकता देने और प्रभावित परिवारों को पुनर्निर्माण में सरकारी सहायता सुनिश्चित करने का विशेष आदेश दिया।
सरकार की प्रतिक्रिया
उपराज्यपाल कार्यालय ने स्पष्ट किया कि मनोज सिन्हा बादल फटने के बाद से ही स्थिति पर नज़र बनाए हुए हैं। उन्होंने उपायुक्त को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरण में किसी प्रकार की देरी न हो और पुनर्निर्माण कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जाए।
यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सीज़न में जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी ज़िलों में बादल फटने की घटनाएँ बढ़ जाती हैं और प्रशासन पर त्वरित प्रतिक्रिया का दबाव रहता है।
आम जनता पर असर
बादल फटने से थथरी के स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को सबसे अधिक नुकसान उठाना पड़ा। कई घर और दुकानें आंशिक या पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं। NH-244 के अवरुद्ध होने से क्षेत्र की संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई, जिससे राहत सामग्री पहुँचाने में भी शुरुआती कठिनाई आई।
गौरतलब है कि जून 2026 में भी थथरी के पास बंदेखरा नाले में स्थानीय स्तर पर बादल फटने की घटना हुई थी, जिससे मलबा बहा और यातायात बाधित हुआ था — हालाँकि उस बार भी कोई हताहत नहीं हुआ था।
डोडा में बादल फटने का इतिहास
डोडा जिले में बादल फटने का एक लंबा और संवेदनशील इतिहास रहा है। भलेसा और थथरी जैसे पहाड़ी इलाके विशेष रूप से इन आपदाओं के प्रति संवेदनशील हैं। अचानक और तीव्र वर्षा से उत्पन्न बाढ़ अक्सर स्थानीय बुनियादी ढाँचे को बहा ले जाती है और परिवहन मार्गों को बाधित करती है।
जुलाई 2017 में इस क्षेत्र की सबसे विनाशकारी बादल फटने की घटनाओं में से एक ने थथरी शहर को आधी रात में प्रभावित किया था। अचानक आई बाढ़ ने विशाल क्षेत्रों को जलमग्न कर दिया था, कई घर और दुकानें बह गई थीं और कई निवासी फँस गए थे — उस घटना में छह लोगों की मौत हुई थी।
क्या होगा आगे
प्रशासन ने राहत एवं पुनर्निर्माण कार्य तेज़ करने का आश्वासन दिया है। NH-244 की बहाली को प्राथमिकता दी जा रही है ताकि क्षेत्र की संपर्क व्यवस्था जल्द बहाल हो सके। मानसून सीज़न जारी रहने के मद्देनज़र अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे स्थानीय मौसम चेतावनी प्रणाली को और सक्रिय रखेंगे।