2 जुलाई 2026
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डोडा में दो बार बादल फटे, भलेसा की सड़कें तबाह; कई गांव जिले से कटे, चिनाब खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर

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डोडा में दो बार बादल फटे, भलेसा की सड़कें तबाह; कई गांव जिले से कटे, चिनाब खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर

सारांश

जम्मू-कश्मीर के डोडा में बादल फटने की दो घटनाओं ने भलेसा इलाके को तबाह कर दिया — सड़कें मलबे में दबीं, सैकड़ों क्विंटल सरकारी अनाज बर्बाद, और चिनाब नदी खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर। कोई जनहानि नहीं, लेकिन कई गांव पूरी तरह कटे हुए हैं।

मुख्य बातें

डोडा जिले के भलेसा इलाके में 2 जुलाई को कहल जुगेसर के पास बादल फटने की दो घटनाएं हुईं।
थाथरी-किलहोत्रन रोड मलबे से दब गई; यात्री कई घंटों तक दोनों ओर फंसे रहे।
भटियास के सरकारी अनाज भंडारण डिपो में बाढ़ का पानी घुसा, सैकड़ों क्विंटल अनाज नष्ट।
चिनाब नदी का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग एक मीटर ऊपर ; जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया।
अब तक कोई जनहानि नहीं; बहाली टीमें मलबा हटाने में जुटी हैं।
निवासियों ने जल निकासी व्यवस्था और बाढ़-रोधी उपायों की माँग पर ध्यान न देने का आरोप लगाया।

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में 2 जुलाई को भलेसा इलाके में कहल जुगेसर के पास बादल फटने की दो घटनाएं हुईं, जिनसे अचानक बाढ़ आ गई और कई सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। अधिकारियों के अनुसार, अब तक कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन बाढ़ के कारण भलेसा क्षेत्र के बड़े हिस्से जिले के शेष भागों से पूरी तरह कट गए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

बादल फटने से सबसे अधिक नुकसान थाथरी-किलहोत्रन रोड पर हुआ, जहाँ भारी मात्रा में मलबा जमा होने से सड़क पूरी तरह दब गई और यातायात ठप हो गया। यात्री कई घंटों तक दोनों ओर फंसे रहे। दूरदराज के गांवों को जोड़ने वाली अनेक संपर्क सड़कें भी क्षतिग्रस्त हुईं, जिससे राहत एवं बहाली कार्य में भी बाधा आई।

भटियास इलाके से भी भारी नुकसान की सूचना है — बाढ़ का पानी सरकारी अनाज भंडारण डिपो में घुस गया, जिससे अंदर रखा अनाज खराब हो गया। स्थानीय लोगों के अनुमान के अनुसार, मलबे और बाढ़ के पानी में डूबे रहने के कारण सैकड़ों क्विंटल अनाज नष्ट हो गया।

आम जनता पर असर

कोई वैकल्पिक मार्ग न होने के कारण मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के आवागमन को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो गई। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि कई घंटों तक सड़क साफ करने का काम शुरू नहीं किया गया, जिससे फंसे यात्रियों की परेशानी और बढ़ी।

निवासियों ने यह भी कहा कि उचित जल निकासी व्यवस्था और बाढ़-रोधी उपायों की बार-बार माँग के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे भारी बारिश के दौरान यह इलाका और अधिक असुरक्षित हो जाता है।

चिनाब नदी में खतरे का स्तर

चिनाब नदी के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण नदी का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग एक मीटर ऊपर पहुँच गया है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी किया है और नदी किनारे रहने वाले लोगों को नदी से दूर रहने तथा असुरक्षित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही न करने की सलाह दी है।

सरकार की प्रतिक्रिया

अधिकारियों ने बताया कि मलबा हटाने और बंद सड़कों को फिर से खोलने के लिए बहाली टीमें तैनात कर दी गई हैं। प्रशासन मौसम की स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए है, क्योंकि बारिश का यह दौर भूस्खलन और अचानक बाढ़ के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बना सकता है।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में मानसून अपने चरम पर है और पहाड़ी जिलों में बादल फटने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। गौरतलब है कि डोडा जिला पिछले कुछ वर्षों में ऐसी आपदाओं का बार-बार सामना कर चुका है। बहाली टीमों के काम की गति और चिनाब के जलस्तर पर अगले कुछ घंटे निर्णायक रहेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी जल निकासी और बाढ़-रोधी बुनियादी ढाँचे पर ठोस काम नहीं हुआ। सरकारी अनाज डिपो का डूबना और एम्बुलेंस सेवाओं के ठप होने का खतरा यह दर्शाता है कि आपदा-प्रबंधन की तैयारी केवल कागज़ों पर है। जब तक स्थायी जल निकासी और पूर्व-चेतावनी प्रणाली नहीं बनती, हर बारिश में यही दोहराव होता रहेगा।
RashtraPress
2 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डोडा में बादल कब और कहाँ फटा?
2 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के भलेसा इलाके में कहल जुगेसर के पास बादल फटने की दो घटनाएं हुईं। इससे अचानक बाढ़ आई और कई सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं।
क्या बादल फटने से कोई जनहानि हुई?
अधिकारियों के अनुसार अब तक कोई जनहानि नहीं हुई है। हालांकि, सड़कें बंद होने से एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाओं के आवागमन को लेकर चिंता बनी हुई है।
कौन-सी सड़क सबसे अधिक प्रभावित हुई?
थाथरी-किलहोत्रन रोड पर सबसे अधिक असर पड़ा, जहाँ भारी मलबा जमा होने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई और यात्री कई घंटों तक दोनों ओर फंसे रहे। दूरदराज के गांवों को जोड़ने वाली कई संपर्क सड़कें भी क्षतिग्रस्त हुईं।
चिनाब नदी को लेकर क्या अलर्ट जारी किया गया है?
ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश से चिनाब नदी का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग एक मीटर ऊपर पहुँच गया है। जिला प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी करते हुए नदी किनारे के निवासियों को सतर्क रहने और अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है।
भटियास इलाके में क्या नुकसान हुआ?
भटियास में बाढ़ का पानी सरकारी अनाज भंडारण डिपो में घुस गया, जिससे अंदर रखा अनाज खराब हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार सैकड़ों क्विंटल अनाज मलबे और बाढ़ के पानी में डूबने से नष्ट हो गया।
राष्ट्र प्रेस
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