1 अगस्त 2026
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किश्तवाड़ बादल फटने से दुकानें क्षतिग्रस्त, जितेंद्र सिंह ने दिया मुआवज़े का आश्वासन

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किश्तवाड़ बादल फटने से दुकानें क्षतिग्रस्त, जितेंद्र सिंह ने दिया मुआवज़े का आश्वासन

सारांश

किश्तवाड़ के छतरू में तड़के बादल फटने से डुग्गा मार्केट के पास दो दुकानें और दो घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए, कोई जनहानि नहीं। केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने मुआवज़े का आश्वासन दिया और पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा लगाए गए नए अर्ली वार्निंग सिस्टम की जानकारी दी।

मुख्य बातें

1 अगस्त को किश्तवाड़ के छतरू में सुबह करीब 3 बजे बादल फटा; दो घर, दो दुकानें आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त, दो वाहन बहे।
घटना में कोई जनहानि नहीं ; डीसी पंकज कुमार शर्मा ने तत्काल राहत एजेंसियाँ सक्रिय कीं।
केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने प्रभावित दुकानदारों को उचित मुआवज़े का आश्वासन दिया।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने किश्तवाड़ और मचैल में दो नए अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाए; पाडर में ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन शीघ्र आएगा।
19 जुलाई को राजौरी में भी बादल फटने से थानामंडी-डीकेजी-बुफलियाज रोड बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई थी।

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के छतरू इलाके में 1 अगस्त की तड़के लगभग सुबह 3 बजे बादल फटने की घटना हुई, जिससे डुग्गा मार्केट के पास दो घर, दो दुकानें आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं और दो वाहन बह गए। प्रशासन के अनुसार इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

मुख्य घटनाक्रम

किश्तवाड़ के डिप्टी कमिश्नर पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि जेएंडके बैंक के निकट एक नाले में बादल फटने से यह नुकसान हुआ। उन्होंने कहा, 'घटना के तुरंत बाद हाइड्रोलिक विभाग, पीडब्ल्यूडी, नगर पालिका अधिकारियों और अन्य संबंधित एजेंसियों को सक्रिय कर दिया गया।' राहत और बहाली कार्य तत्काल शुरू कर दिए गए।

सरकार की प्रतिक्रिया

केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर बताया कि बादल फटने की सूचना मिलते ही उन्होंने डीसी पंकज कुमार शर्मा से सीधे संपर्क किया। उन्होंने स्थानीय दुकानदारों और प्रभावित लोगों को आश्वस्त किया कि सरकार की ओर से उचित मुआवज़ा प्रदान किया जाएगा।

अर्ली वार्निंग सिस्टम की तैयारी

जितेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि पिछले वर्ष चसोटी में हुई बादल फटने की घटना के बाद एहतियाती कदम उठाए गए हैं। भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने किश्तवाड़ और मचैल में दो नए अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित किए हैं, जो भविष्य में बादल फटने जैसी आपदाओं की पूर्व-चेतावनी दे सकेंगे। इसके अतिरिक्त, पाडर इलाके में एक ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन भी शीघ्र लगाया जाना है।

जम्मू-कश्मीर में व्यापक नुकसान का संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में 19 जुलाई को भी भारी बारिश और बादल फटने से बड़ा नुकसान हो चुका है। उस घटना में भूस्खलन से थानामंडी-डीकेजी-बुफलियाज रोड बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी — यह सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जो राजौरी और पुंछ के सीमावर्ती जिलों को कश्मीर घाटी से जोड़ती है। अचानक आई बाढ़ में सड़क के कई हिस्से, पुलिया और बड़े पेड़ बह गए थे।

क्या होगा आगे

गौरतलब है कि किश्तवाड़ जैसे पहाड़ी ज़िलों में मानसून के दौरान बादल फटने की घटनाएँ बारंबार होती हैं। नए अर्ली वार्निंग सिस्टम और ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन के चालू होने के बाद प्रशासन की आपदा-प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार की उम्मीद है। प्रभावित दुकानदारों और परिवारों को मुआवज़े की प्रक्रिया शुरू होने की प्रतीक्षा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह घटना जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी ज़िलों में हर मानसून दोहराई जाने वाली एक परिचित कहानी है। अर्ली वार्निंग सिस्टम की स्थापना सकारात्मक कदम है, पर असली सवाल यह है कि ये सिस्टम रात के 3 बजे की घटना में कितने प्रभावी रहे। मुआवज़े के आश्वासन राजनीतिक दृष्टि से ज़रूरी हैं, लेकिन दीर्घकालिक समाधान के लिए भूमि उपयोग नियोजन और नाला प्रबंधन पर ध्यान देना अधिक आवश्यक है, जो अभी तक नीतिगत एजेंडे में पर्याप्त जगह नहीं पा सका है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किश्तवाड़ में बादल फटने की घटना कब और कहाँ हुई?
यह घटना 1 अगस्त को सुबह करीब 3 बजे किश्तवाड़ जिले के छतरू इलाके में जेएंडके बैंक के पास डुग्गा मार्केट के निकट एक नाले में हुई। बादल फटने से दो घर, दो दुकानें आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुईं और दो वाहन बह गए।
क्या किश्तवाड़ बादल फटने में कोई जनहानि हुई?
नहीं, डिप्टी कमिश्नर पंकज कुमार शर्मा के अनुसार इस घटना में किसी की जान नहीं गई। केवल संपत्ति को आंशिक नुकसान पहुँचा है।
जितेंद्र सिंह ने मुआवज़े के बारे में क्या कहा?
केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने डीसी से बात की और सरकार की ओर से प्रभावित दुकानदारों व परिवारों को उचित मुआवज़ा दिया जाएगा।
किश्तवाड़ में बादल फटने से बचाव के लिए क्या इंतज़ाम किए गए हैं?
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने किश्तवाड़ और मचैल में दो नए अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित किए हैं जो बादल फटने की पूर्व-चेतावनी दे सकते हैं। इसके अलावा पाडर इलाके में एक ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन भी जल्द लगाया जाना है।
जम्मू-कश्मीर में इस मानसून में और कहाँ बड़ा नुकसान हुआ है?
19 जुलाई को राजौरी जिले में भारी बारिश और बादल फटने से थानामंडी-डीकेजी-बुफलियाज रोड बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। यह बीआरओ की महत्वपूर्ण सड़क राजौरी और पुंछ को कश्मीर घाटी से जोड़ती है।
राष्ट्र प्रेस
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