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किश्तवाड़ आपदा: प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर क्यों जारी किया?

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किश्तवाड़ आपदा: प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर क्यों जारी किया?

सारांश

किश्तवाड़ में आई आपदा ने कई जिंदगियों को प्रभावित किया है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। जानिए इस संकट के बारे में और अधिक जानकारी।

मुख्य बातें

किश्तवाड़ आपदा ने 36 लोगों की जान ली है।
50 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है।
बचाव कार्य तेजी से चल रहा है।
भारी बारिश की आशंका है।

किश्तवाड़, 14 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने से उत्पन्न संकट के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। इस बीच, जम्मू संभागीय आयुक्त कार्यालय ने प्रभावितों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। इस आपदा में अब तक 36 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।

जम्मू संभागीय आयुक्त कार्यालय ने गुरुवार को किश्तवाड़ में बादल फटने के बाद प्रभावितों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया। उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर के चशोती क्षेत्र में इस आपदा के बाद प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है। बचाव कार्यों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। संभागीय आयुक्त कार्यालय, जम्मू (0191-2478993), जिला कंट्रोल रूम, किश्तवाड़ (01995-259555), (9482217492) और पीसीआर, किश्तवाड़ (99061-54100) पर सहायता के लिए संपर्क किया जा सकता है।

एसडीआरएफ के एडीजीपी के अनुसार, किश्तवाड़ आपदा में कम से कम 36 लोगों की मौत हो गई है और 50 से ज्यादा घायल हैं। कुछ घायलों को किश्तवाड़ के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

जम्मू जोन के आईजीपी भीमसेन टूटी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि किश्तवाड़ में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। 75 लोगों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रहेगा। भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं की आशंका है। मैं सभी से अपील करूँगा कि वे सभी सावधानी बरतें।

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ के चशोती क्षेत्र में बादल फटने और बाढ़ से जानमाल का काफी नुकसान हुआ है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने आपदा में जान गंवाने वालों के प्रति दुख प्रकट किया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने की घटना में कई लोगों की मृत्यु का समाचार अत्यंत दुःखद है। मैं शोकाकुल परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करती हूं और राहत तथा बचाव कार्य में सफलता की कामना करती हूं।"

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पोस्ट में लिखा, "मेरी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में बादल फटने और बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं। स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। बचाव और राहत अभियान जारी है। जरूरतमंदों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह एक गंभीर चेतावनी भी है कि हमें जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के प्रति सजग रहना होगा। प्रशासन की तत्परता और बचाव कार्यों की गति इस संकट में महत्वपूर्ण हैं।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किश्तवाड़ में आपदा कब आई?
किश्तवाड़ में बादल फटने की घटना 14 अगस्त को हुई।
हेल्पलाइन नंबर क्या हैं?
हेल्पलाइन नंबर: 0191-2478993 , 01995-259555 , 9482217492 , 99061-54100 ।
इस आपदा में कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
इस आपदा में अब तक 36 लोगों की मौत हुई है और 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
प्रशासन क्या कर रहा है?
प्रशासन ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं।
भविष्य में मौसम का अनुमान क्या है?
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश होने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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