क्या जम्मू-कश्मीर में रामबन में बादल फटने से आयी तबाही ने लोगों को प्रभावित किया?

सारांश
Key Takeaways
- जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से चार लोगों की मौत हुई है।
- एक व्यक्ति अभी भी लापता है और उसकी खोज जारी है।
- प्रशासन राहत कार्य में तेजी से जुटा है।
- विस्थापित परिवारों को सहायता प्रदान की जा रही है।
- प्राकृतिक आपदाओं का प्रभाव गंभीर हो सकता है।
जम्मू, 30 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू संभाग में बादल फटने से भयंकर तबाही आई है। इस घटना में अब तक चार लोगों की जान चली गई है, जबकि एक व्यक्ति लापता है। प्रशासन और बचाव दल ने क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर बचाव अभियान की जानकारी साझा करते हुए लिखा, "मैंने रामबन के डीसी मोहम्मद अलयास खान से बात की। राजगढ़ क्षेत्र में बादल फटने से चार लोगों की दुखद मौत हुई है। एक व्यक्ति लापता है और उसकी खोज जारी है। इस दौरान कोई घायल नहीं हुआ है। बचाव कार्य जारी है और हरसंभव सहायता दी जा रही है। मैं लगातार संपर्क में हूं।"
एक बार फिर, जम्मू संभाग को प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़ा है। शनिवार को रामबन जिले की राजगढ़ तहसील में बादल फटने से शुरू में तीन लोगों की मृत्यु हुई थी, लेकिन बाद में यह संख्या बढ़कर पांच हो गई, और एक व्यक्ति अभी भी लापता है। प्रशासन और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंच गई हैं और राहत कार्य को तेज कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार तड़के राजगढ़ क्षेत्र में बादल फटा, जिससे कई गांव प्रभावित हुए। इस घटना ने क्षेत्र में भारी तबाही मचाई। तेज बहाव के कारण कई घर क्षतिग्रस्त हो गए और कुछ पूरी तरह से बह गए। बचाव दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और लापता व्यक्तियों की खोज के लिए अभियान जारी है।
इसके साथ ही, पीड़ित परिवारों को तात्कालिक सहायता प्रदान करने के प्रयास किए जा रहे हैं। विस्थापित परिवारों के लिए आश्रय देने और भोजन, पानी एवं बुनियादी चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने के लिए अस्थायी राहत शिविर भी स्थापित किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त टीमें तैनात की जाएंगी।
रियासी जिले में भी बादल फटने के कारण एक ही परिवार के सात सदस्यों की मौत हो गई।