जनकपुरी के गड्ढे में हुई मौत के मामले में ठेकेदार हिमांशु गुप्ता को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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जनकपुरी के गड्ढे में हुई मौत के मामले में ठेकेदार हिमांशु गुप्ता को पुलिस ने किया गिरफ्तार

सारांश

दिल्ली पुलिस ने जनकपुरी के गड्ढे में हुई मौत के मामले में मुख्य ठेकेदार हिमांशु गुप्ता को गिरफ्तार किया है। घटना की गहराई और जांच के दौरान सामने आए तथ्य इस मामले को और भी गंभीर बनाते हैं।

मुख्य बातें

हिमांशु गुप्ता की गिरफ्तारी ने मामले में नई जान फूंकी है।
जनकपुरी में कमल ध्यानी की असामयिक मृत्यु ने सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाए हैं।
अदालत ने योगेश की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
जांच में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है।
मामला नागरिक सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण बन गया है।

नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को जनकपुरी के गड्ढे में हुई मौत के मामले में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा नियुक्त मुख्य ठेकेदार हिमांशु गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।

पश्चिमी जिले की वाहन चोरी रोधी दस्ते (एएटीएस) की टीम ने मंगलवार सुबह राजस्थान के उदयपुर में छिपे हुए हिमांशु गुप्ता को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उसे आगे की जांच के लिए दिल्ली लाया जा रहा है।

यह गिरफ्तारी 25 वर्षीय कमल ध्यानी की मौत की चल रही जांच के बीच हुई है, जो इस साल की शुरुआत में पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी में दिल्ली जल बोर्ड की एक असुरक्षित खुदाई के गड्ढे में अपनी मोटरसाइकिल के साथ गिर गया था। इससे पहले, 28 फरवरी को दिल्ली की एक अदालत ने इस मामले में आरोपी मजदूर योगेश की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने पाया कि आरोपी ने पीड़ित को बचाने की कोशिश करने के बजाय घटनास्थल को छिपाने का प्रयास किया।

द्वारका न्यायालय के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी हरजोत सिंह औजला ने आदेश पारित करते हुए कहा कि योगेश ने किसी भी बचाव प्रयास से पहले घटना के बारे में अपने नियोक्ता को सूचित करना चुना, जिससे जानबूझकर घटना को दबाने का आभास होता है।

अदालत ने कहा कि उसकी चिंता केवल खुले गड्ढे की मौजूदगी ही नहीं, बल्कि ध्यानी का शव देखने के बाद आरोपी द्वारा किए गए जानबूझकर किए गए कृत्य से भी है। अदालत ने टिप्पणी की, "प्रथमदृष्टया, साक्ष्य से संकेत मिलता है कि आरोपी ने शोर मचाने, मदद मांगने या पीड़ित को बचाने के लिए कोई गंभीर प्रयास करने के बजाय, अपने नियोक्ता को सूचित करने को प्राथमिकता दी और बाद में उस जगह को ढकने का प्रयास किया।"

जांच के अनुसार कमल ध्यानी 6 फरवरी को रात 12:15 बजे रोहिणी स्थित एक कॉल सेंटर से घर लौटते समय 4.5 फुट गहरे गड्ढे में गिर गया। पुलिस ने बताया कि वह लगभग आठ घंटे तक गड्ढे में पड़ा रहा जबकि कम से कम छह लोगों को घटना की जानकारी थी लेकिन उन्होंने अधिकारियों को सूचना नहीं दी।

उप-ठेकेदार राजेश कुमार प्रजापति और मजदूर योगेश को घटना की जानकारी होने के बावजूद ध्यानी का शव निकालने में मदद करने से इनकार करने के आरोप में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।

पुलिस ने बताया कि योगेश ने प्रजापति को सूचना दी थी, जिसके बाद दोनों ने खुदाई स्थल के चारों ओर बैरिकेड न लगाने की अपनी गलती को छिपाने की कोशिश की। जांच में यह भी खुलासा किया गया कि दिल्ली जल बोर्ड द्वारा नियुक्त कंपनी के निदेशक हिमांशु गुप्ता और कविश गुप्ता को घटना के लगभग एक घंटे बाद प्रजापति द्वारा सूचित किया गया था। हालांकि, उन्होंने कथित तौर पर सूचना को नजरअंदाज कर दिया और भाग गए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह दिल्ली जल बोर्ड और ठेकेदार की जिम्मेदारी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर भी प्रकाश डालती है। जनकपुरी में हुई यह घटना समस्त नागरिकों के लिए एक चेतावनी है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या हिमांशु गुप्ता ने अपनी गिरफ्तारी से पहले भागने की कोशिश की थी?
हां, हिमांशु गुप्ता गिरफ्तार होने से पहले उदयपुर में छिपा हुआ था।
कमल ध्यानी की मृत्यु का कारण क्या था?
कमल ध्यानी की मृत्यु गड्ढे में गिरने के कारण हुई थी, जिसमें वह लगभग आठ घंटे तक पड़ा रहा।
अदालत ने योगेश की जमानत याचिका क्यों खारिज की?
अदालत ने पाया कि योगेश ने पीड़ित को बचाने की बजाय घटनास्थल को छिपाने का प्रयास किया।
इस मामले में अन्य आरोपी कौन हैं?
उप-ठेकेदार राजेश कुमार प्रजापति और मजदूर योगेश पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
क्या दिल्ली जल बोर्ड ने इस घटना पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक दिल्ली जल बोर्ड ने इस घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
राष्ट्र प्रेस
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