राजस्थान पुलिस ने 1 साल से फरार ब्लूटूथ चीटिंग रैकेट के आरोपी को किया गिरफ्तार

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राजस्थान पुलिस ने 1 साल से फरार ब्लूटूथ चीटिंग रैकेट के आरोपी को किया गिरफ्तार

सारांश

राजस्थान में पुलिस ने लंबे समय से फरार ब्लूटूथ चीटिंग रैकेट के आरोपी राकेश कुमार रेवाड़ को गिरफ्तार किया है। यह मामला क्लर्क ग्रेड-II परीक्षा से जुड़ा है, जिसमें आरोपी ने नकल के लिए उच्च तकनीक का इस्तेमाल किया।

Key Takeaways

  • ब्लूटूथ चीटिंग रैकेट का खुलासा
  • राकेश कुमार रेवाड़ की गिरफ्तारी
  • मुख्य सरगना ईश्वर कैलाश की भूमिका
  • परीक्षा के दौरान नकल के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग
  • राज्य सरकार की कड़ी कार्रवाई

जयपुर, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान में परीक्षा नकल से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में, पुलिस ने ब्लूटूथ आधारित चीटिंग रैकेट के आरोपी राकेश कुमार रेवाड़ को गिरफ्तार किया है, जो पिछले एक साल से अधिक समय से फरार था।

जांच अधिकारी प्रदीप कुमार शर्मा, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शास्त्री नगर की टीम ने शुक्रवार को आरोपी को पकड़ लिया।

मामले की जानकारी देते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (लाइसेंसिंग एवं कल्याण) विशाल बली ने बताया कि यह मामला राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश पर आयोजित क्लर्क ग्रेड-II भर्ती परीक्षा से संबंधित है, जो संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2022 के तहत 12 और 19 मार्च 2023 को आयोजित की गई थी।

पुलिस के अनुसार, चूरू जिले का निवासी रेवाड़ 19 मार्च 2023 को जयपुर के सांगानेर स्थित एक परीक्षा केंद्र में परीक्षा देने आया था, जहाँ उसे बाहरी लोगों से उत्तर प्राप्त करने के लिए ब्लूटूथ-सक्षम माइक्रो-डिवाइस का उपयोग करते हुए पकड़ा गया।

जांच में यह सामने आया कि मुख्य सूत्रधार ईश्वर कैलाश, उम्मीदवारों को बड़ी रकम के बदले ब्लूटूथ से जुड़े उपकरण उपलब्ध करा रहा था। इस सेटअप के जरिए रेवाड़ को परीक्षा के दौरान उत्तर मिलते थे।

पुलिस ने यह भी बताया कि इस रैकेट का मुख्य सरगना ईश्वर कैलाश था, जो उम्मीदवारों से मोटी रकम लेकर ब्लूटूथ डिवाइस प्रदान करता था और परीक्षा के दौरान मोबाइल के माध्यम से उत्तर भेजता था। इस अवैध नेटवर्क में उसके सहयोगी रामलाल कैलाश भी शामिल थे।

एक अलग मामले (पुलिस स्टेशन शास्त्री नगर में एफआईआर नंबर 66/2024) के तहत भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420, 467, 468, 471, 120B और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2022 की धारा 3, 4, 6 और 10 के तहत जांच चल रही है।

रेवाड़ को 14 मई, 2023 को आयोजित पटवारी भर्ती परीक्षा के दौरान भी ब्लूटूथ-आधारित नकल में शामिल पाया गया था। धांधली की पुष्टि के बाद, राज्य सरकार ने प्रभावित परीक्षाओं को रद्द कर दिया।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सरगना ईश्वर कैलाश और उसके साथी रामलाल कैलाश ने कई उम्मीदवारों से मोटी रकम वसूली और उन्हें परीक्षा के दौरान जवाब भेजने के लिए उपकरण दिए।

इससे पहले, 19 अक्टूबर, 2024 को रेवाड़ की पत्नी, चंद्रकला रेवाड़ को भी वीडियो/आरओ भर्ती परीक्षा के दौरान इसी तरह की ब्लूटूथ-आधारित नकल के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

रेवाड़ एक साल से अधिक समय से गिरफ्तारी से बच रहा था, जिसके चलते अतिरिक्त महानिदेशक ने उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने वाले को 25,000 रुपए का इनाम देने की घोषणा की थी। पुलिस ने बताया कि इस रैकेट में शामिल अन्य सदस्यों की पहचान और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए आगे की जांच जारी है।

Point of View

बल्कि यह उन सभी विद्यार्थियों के लिए भी एक चेतावनी है जो नकल से परीक्षा में सफलता पाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे रैकेट्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई आवश्यक है।
NationPress
05/04/2026

Frequently Asked Questions

राकेश कुमार रेवाड़ को क्यों गिरफ्तार किया गया?
उन्हें ब्लूटूथ आधारित नकल के आरोप में गिरफ्तार किया गया, जो पिछले एक साल से फरार थे।
इस रैकेट का मुख्य सरगना कौन था?
इस रैकेट का मुख्य सरगना ईश्वर कैलाश था।
क्या इस मामले में अन्य आरोपी भी हैं?
हाँ, इस मामले में अन्य आरोपी जैसे रामलाल कैलाश भी शामिल हैं।
राजस्थान सरकार ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
राज्य सरकार ने प्रभावित परीक्षाओं को रद्द कर दिया।
क्या रेवाड़ की पत्नी भी इस मामले में शामिल थीं?
हाँ, रेवाड़ की पत्नी चंद्रकला रेवाड़ को भी इसी तरह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
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