राजस्थान एसओजी ने भर्ती परीक्षा धोखाधड़ी का भंडाफोड़ किया, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- राजस्थान एसओजी ने एक धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़ किया।
- मुख्य आरोपी सुनील बिश्नोई को गिरफ्तार किया गया।
- आरोपी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित था।
- यह मामला आरपीएससी सीनियर टीचर परीक्षा से जुड़ा है।
- जांच का दायरा बढ़ाने की योजना है।
जयपुर, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) ने भर्ती परीक्षा में होने वाली धोखाधड़ी के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह डमी उम्मीदवारों का सहारा लेता था। एसओजी ने इस मामले में एक मुख्य आरोपी को पकड़ लिया है, जो लगभग दो साल से फरार था। उस पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था।
गिरफ्तार आरोपी, सुनील बिश्नोई, 2023 से फरार चल रहा था और एसओजी की टीमें लगातार उसकी खोज में थीं। एसओजी के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि यह मामला आरपीएससी सीनियर टीचर (माध्यमिक शिक्षा) ग्रेड-2 प्रतियोगी परीक्षा, 2022 से संबंधित है। यह परीक्षा, जो पहले 24 दिसंबर, 2022 को आयोजित की गई थी, सामान्य ज्ञान के पेपर लीक होने की वजह से उसी दिन रद्द कर दी गई और फिर 29 जनवरी, 2023 को पुनः आयोजित की गई। जांच में यह पाया गया कि असली उम्मीदवार, संपतलाल माली, दोनों पेपरों में शामिल नहीं हुआ था। इसके बजाय, दो डमी उम्मीदवारों ने उसकी जगह परीक्षा दी थी।
एसओजी के अनुसार, सुनील बिश्नोई ने 29 जनवरी, 2023 को उदयपुर के चेतक सर्कल स्थित सरकारी गुरु गोबिंद सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सामान्य ज्ञान और शैक्षिक मनोविज्ञान के पेपर में असली उम्मीदवार बनकर परीक्षा दी थी। दूसरा डमी उम्मीदवार, जिसने विज्ञान के पेपर में परीक्षा दी, अभी भी फरार है और उसकी तलाश जारी है। अधिकारियों का मानना है कि बिश्नोई से पूछताछ करने से इस रैकेट में शामिल बिचौलियों के बड़े नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हो सकती है।
इस धोखाधड़ी के बावजूद, संपतलाल माली को सीनियर टीचर ग्रेड-2 (विज्ञान) के पद के लिए अस्थायी रूप से चयनित किया गया था। हालाँकि, अजमेर स्थित आरपीएससी मुख्यालय में शिकायत दर्ज होने के बाद उसकी नियुक्ति रोक दी गई। माली को इससे पहले 13 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था।
बिश्नोई के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं और 'राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2022' के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस जांच का नेतृत्व प्रकाश कुमार शर्मा कर रहे हैं।
एसओजी अब अपनी जांच का दायरा बढ़ा रही है ताकि इस बड़े भर्ती धोखाधड़ी नेटवर्क में शामिल अन्य डमी उम्मीदवारों, बिचौलियों और व्यक्तियों की पहचान की जा सके।