अदाणी पावर ने ₹4,194 करोड़ में जयप्रकाश पावर की 24% हिस्सेदारी और चुर्क थर्मल प्लांट का अधिग्रहण किया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अदाणी पावर ने ₹4,194 करोड़ में जयप्रकाश पावर की 24% हिस्सेदारी और चुर्क थर्मल प्लांट का अधिग्रहण किया

सारांश

अदाणी पावर ने ₹4,194 करोड़ के दो समझौतों के ज़रिये जेपीवीएल में 24% हिस्सेदारी और सोनभद्र का 180 मेगावाट चुर्क थर्मल प्लांट अधिग्रहित किया। यह सौदा एनसीएलटी-अनुमोदित जेएएल समाधान योजना का हिस्सा है, जिसे सीसीआई, एनसीएलटी और एनसीएलएटी तीनों की मंजूरी मिल चुकी है।

मुख्य बातें

अदाणी पावर ने जेपीवीएल में 24% हिस्सेदारी ₹2,993.6 करोड़ में खरीदने के लिए शेयर खरीद समझौता किया।
सोनभद्र, उत्तर प्रदेश स्थित 180 मेगावाट के चुर्क थर्मल पावर स्टेशन का अधिग्रहण ₹1,200 करोड़ में होगा।
कुल सौदे का मूल्य ₹4,194 करोड़ ; दोनों लेन-देन नकद में होंगे।
अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड जेएएल की एनसीएलटी-अनुमोदित समाधान योजना में समाधान आवेदक है।
सीसीआई ने अगस्त 2025 में, एनसीएलटी इलाहाबाद बेंच ने मार्च 2026 में और एनसीएलएटी ने मई 2026 में मंजूरी दी।
जेपीवीएल की कुल क्षमता 2,220 मेगावाट ; तापीय, जलविद्युत, कोयला व सीमेंट क्षेत्रों में उपस्थिति।

अदाणी पावर ने 21 मई 2026 को घोषणा की कि उसने जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड (जेपीवीएल) में 24 प्रतिशत हिस्सेदारी और उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में स्थित 180 मेगावाट के चुर्क थर्मल पावर स्टेशन का अधिग्रहण करने के लिए जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (जेएएल) के साथ कुल ₹4,194 करोड़ के दो अलग समझौते किए हैं। ये सौदे राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) द्वारा अनुमोदित जेएएल की समाधान योजना का हिस्सा हैं।

दो अलग सौदों का विवरण

स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, अदाणी पावर ने जेएएल की जेपीवीएल में 24 प्रतिशत हिस्सेदारी को ₹2,993.6 करोड़ में खरीदने के लिए एक शेयर खरीद समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके अतिरिक्त, कंपनी ने सोनभद्र स्थित 180 मेगावाट के चुर्क थर्मल पावर स्टेशन को संबंधित संपत्तियों सहित — जिसमें प्रयागराज पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड में 11.49 प्रतिशत हिस्सेदारी भी शामिल है — ₹1,200 करोड़ में अधिग्रहित करने के लिए एक व्यापार हस्तांतरण समझौते में प्रवेश किया है।

एनसीएलटी समाधान योजना की भूमिका

कंपनी ने स्पष्ट किया कि ये लेन-देन जेएएल की एनसीएलटी-अनुमोदित समाधान योजना के अंतर्गत हैं, जिसमें अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड समाधान आवेदक है और अदाणी पावर कार्यान्वयन संस्थाओं में से एक के रूप में कार्य कर रही है। दोनों सौदे नकद में पूरे किए जाएंगे और समाधान योजना में परिभाषित 'प्रभावी तिथि' पर संपन्न होने की उम्मीद है।

नियामक मंजूरियों का क्रम

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने अगस्त 2025 में इस लेनदेन को मंजूरी दी थी। इसके बाद एनसीएलटी की इलाहाबाद बेंच ने मार्च 2026 में समाधान योजना को अनुमोदित किया। राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने मई 2026 में इस आदेश को बरकरार रखा, जिससे सौदे के लिए कानूनी मार्ग प्रशस्त हो गया।

जेपीवीएल की परिसंपत्तियाँ और रणनीतिक महत्त्व

जेपीवीएल 2,220 मेगावाट की संयुक्त क्षमता वाली तापीय और जलविद्युत परिसंपत्तियों का संचालन करती है। इसके अलावा कंपनी की कोयला खनन, रेत खनन और सीमेंट पिसाई में भी हिस्सेदारी है। यह अधिग्रहण अदाणी पावर की विद्युत उत्पादन क्षमता विस्तार की रणनीति के अनुरूप है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत की बिजली माँग तेज़ी से बढ़ रही है और बड़े औद्योगिक समूह दिवालिया परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के ज़रिये अपनी क्षमता बढ़ा रहे हैं।

आगे की राह

सौदे की 'प्रभावी तिथि' समाधान योजना के कार्यान्वयन समयसीमा से जुड़ी है और शेष नियामक प्रक्रियाओं के पूरा होने पर निर्भर करती है। अदाणी पावर ने पहले ही इस समाधान प्रक्रिया में अपनी रुचि ज़ाहिर की थी और ये नए समझौते मंजूर ढाँचे के तहत परिसंपत्ति अधिग्रहण को औपचारिक रूप देते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बिजली क्षेत्र में बाज़ार संकेंद्रण की एक उभरती प्रवृत्ति को दर्शाता है। 2,220 मेगावाट की जेपीवीएल क्षमता और चुर्क प्लांट मिलकर अदाणी पावर के पोर्टफोलियो को उत्तर प्रदेश में और मज़बूत करते हैं। सवाल यह है कि क्या इन परिसंपत्तियों का परिचालन सुधार उतनी ही तेज़ी से होगा जितनी तेज़ी से अधिग्रहण हो रहे हैं।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अदाणी पावर ने जयप्रकाश पावर वेंचर्स में कितनी हिस्सेदारी और किस कीमत पर खरीदी?
अदाणी पावर ने जेपीवीएल में जेएएल की 24 प्रतिशत हिस्सेदारी ₹2,993.6 करोड़ में खरीदने के लिए शेयर खरीद समझौता किया है। यह सौदा एनसीएलटी-अनुमोदित समाधान योजना के तहत है।
चुर्क थर्मल पावर प्लांट कहाँ है और इसे किस कीमत पर खरीदा गया?
चुर्क थर्मल पावर स्टेशन उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में स्थित 180 मेगावाट की तापीय ऊर्जा सुविधा है। अदाणी पावर ने इसे संबंधित संपत्तियों सहित ₹1,200 करोड़ में खरीदने के लिए व्यापार हस्तांतरण समझौता किया है।
इस अधिग्रहण को किन नियामक संस्थाओं ने मंजूरी दी है?
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने अगस्त 2025 में, एनसीएलटी की इलाहाबाद बेंच ने मार्च 2026 में और राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने मई 2026 में इस सौदे को मंजूरी दी है।
जयप्रकाश एसोसिएट्स की समाधान योजना में अदाणी की क्या भूमिका है?
अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड जेएएल की एनसीएलटी-अनुमोदित समाधान योजना में समाधान आवेदक है, जबकि अदाणी पावर कार्यान्वयन संस्थाओं में से एक के रूप में परिसंपत्तियों का अधिग्रहण कर रही है।
जेपीवीएल की कुल क्षमता और व्यावसायिक उपस्थिति क्या है?
जेपीवीएल 2,220 मेगावाट की संयुक्त क्षमता वाली तापीय और जलविद्युत परिसंपत्तियों का संचालन करती है। इसके अलावा कंपनी की कोयला खनन, रेत खनन और सीमेंट पिसाई में भी हिस्सेदारी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
    क्या अदाणी पावर को मध्य प्रदेश में 800 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता के लिए ग्रीनफील्ड थर्मल प्लांट से बिजली सप्लाई का ऑर्डर मिला?
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले