क्या अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 18,000 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट हासिल किया?

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क्या अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 18,000 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट हासिल किया?

सारांश

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 18,000 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट हासिल किया है। कंपनी ने अपने ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार भी किया है। यह जानकारी कंपनी के हालिया ऑपरेशनल अपडेट में साझा की गई है। जानें और क्या है इस प्रोजेक्ट का महत्व?

मुख्य बातें

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का 18,000 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार 2,500 मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी का ट्रांसमिशन स्मार्ट मीटरिंग में 18.88 लाख नए मीटर ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक 77,787 करोड़ रुपए

अहमदाबाद, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड (एईएसएल) ने मंगलवार को वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही की ऑपरेशनल अपडेट जारी की, जिसमें बताया गया कि कंपनी ने समीक्षा अवधि में 18,000 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट हासिल किया है और ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार किया है।

कंपनी के अनुसार, केपीएस III (खावड़ा साउथ ओलपाड) एचवीडीसी प्रोजेक्ट, गुजरात के कच्छ जिले में खावड़ा रिन्यूएबल एनर्जी पार्क से 2,500 मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी को सूरत के पास ओलपाड तक पहुंचाने में मदद करेगा। इस प्रोजेक्ट को भारत के रिन्यूएबल एनर्जी ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर में एक महत्वपूर्ण बढ़ोतरी माना जा रहा है।

इस तिमाही के दौरान, एईएसएल ने नॉर्थ करणपुरा ट्रांसमिशन लाइन प्रोजेक्ट को भी पूरी तरह से चालू कर दिया है, जिसका नेटवर्क लगभग 300 सर्किट किलोमीटर लंबा है।

प्रोजेक्ट के चालू होने के बाद, कंपनी का कुल ट्रांसमिशन नेटवर्क बढ़कर 27,901 सर्किट किलोमीटर हो गया, जबकि इसकी ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी 1,18,175 एमवीए हो गई।

कंपनी ने फाइलिंग में कहा कि उसकी ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक बढ़कर 77,787 करोड़ रुपए की हो गई है।

कंपनी ने बताया कि तिमाही के दौरान उसके डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस में भी काफी बढ़ोतरी हुई है, जिससे एईएसएल की ऑपरेशनल दक्षता में सुधार हुआ है।

दूसरी डिस्ट्रीब्यूशन लॉस वित्त वर्ष 26 की शुरुआत से अब तक 4.22 प्रतिशत पर आ गई है, जो पिछले साल समान अवधि में 4.91 प्रतिशत थी।

इस दौरान कंपनी की आपूर्ति विश्वसनीयता उच्च स्तर पर रही है और औसत आपूर्ति उपलब्धता इंडेक्स 99.998 प्रतिशत रहा है।

एसएआईडीआई, एसएआईएफआई और सीएआईडीआई जैसे सिस्टम विश्वसनीयता पैरामीटर में भी इस अवधि के दौरान सुधार हुआ है।

मुंबई डिस्ट्रीब्यूशन सर्कल में इस तिमाही में कुल 2,487 मिलियन यूनिट बिजली बेची गई, जो पिछले साल इसी तिमाही में बेची गई 2,574 मिलियन यूनिट से थोड़ी कम है।

कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि कलेक्शन दक्षता 101.75 प्रतिशत पर रही है।

मुंबई यूटिलिटीज लिमिटेड की यूनिट बिक्री में तेजी से बढ़ोतरी हुई, जो पिछले साल के मुकाबले 57 प्रतिशत बढ़कर 371 मिलियन यूनिट हो गई, जबकि पिछले साल यह 236 मिलियन यूनिट थी।

एईएसएल ने अपने स्मार्ट मीटरिंग बिजनेस में भी अच्छी प्रगति की है। वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के दौरान, कंपनी ने 18.88 लाख नए स्मार्ट मीटर लगाए, जिससे कुल इंस्टॉल किए गए मीटरों की संख्या 92.5 लाख हो गई।

मौजूदा रफ्तार के आधार पर, एईएसएल को उम्मीद है कि वह वित्त वर्ष 26 के अंत तक एक करोड़ कुल स्मार्ट मीटर लगाने के अपने लक्ष्य को पार कर लेगी।

स्मार्ट मीटरिंग ऑर्डर बुक 2.46 करोड़ मीटर की है, जिससे 29,519 करोड़ रुपए की आय प्राप्त होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मुझे लगता है कि अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस का यह प्रोजेक्ट भारतीय ऊर्जा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह न केवल कंपनी की वृद्धि को दर्शाता है, बल्कि भारत की रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता को भी उजागर करता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने कौन सा नया प्रोजेक्ट शुरू किया है?
अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने केपीएस III (खावड़ा साउथ ओलपाड) एचवीडीसी प्रोजेक्ट शुरू किया है।
इस प्रोजेक्ट का महत्व क्या है?
यह प्रोजेक्ट गुजरात के कच्छ जिले से 2,500 मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी को सूरत तक पहुंचाने में मदद करेगा।
कंपनी का ट्रांसमिशन नेटवर्क कितना बढ़ा है?
कंपनी का कुल ट्रांसमिशन नेटवर्क बढ़कर 27,901 सर्किट किलोमीटर हो गया है।
स्मार्ट मीटरिंग बिजनेस में एईएसएल ने क्या प्रगति की है?
एईएसएल ने 18.88 लाख नए स्मार्ट मीटर लगाए हैं, जिससे कुल इंस्टॉल किए गए मीटरों की संख्या 92.5 लाख हो गई है।
कंपनी की ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक कितनी है?
कंपनी की ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक 77,787 करोड़ रुपए की है।
राष्ट्र प्रेस