27 जुलाई 2026
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क्या राजस्थान एसआई भर्ती घोटाले में सुप्रीम कोर्ट ने देवेश और शोभा राईका को जमानत दी?

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क्या राजस्थान एसआई भर्ती घोटाले में सुप्रीम कोर्ट ने देवेश और शोभा राईका को जमानत दी?

सारांश

राजस्थान सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 के पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने देवेश और शोभा राईका को जमानत दी है। यह फैसला महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं। जानें इस फैसले के पीछे की कहानी।

मुख्य बातें

सुप्रीम कोर्ट ने देवेश और शोभा राईका को जमानत दी।
राजस्थान हाईकोर्ट ने भर्ती को रद्द किया।
परीक्षा में डमी उम्मीदवारों का मामला सामने आया।
राज्य सरकार ने जांच की जिम्मेदारी एसओजी को दी।
इस मामले ने भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाया।

नई दिल्ली, १८ सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा २०२१ के चर्चित पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए आरपीएससी के पूर्व सदस्य रामूराम राईका के बेटे देवेश राईका और बेटी शोभा राईका को जमानत दे दी है।

उन्हें आरोपित किया गया था कि उन्होंने परीक्षा में अवैध तरीके से बेहतर रैंक प्राप्त की थी। शोभा राईका ने भर्ती में ५वीं और देवेश राईका ने ४०वीं रैंक हासिल की थी।

इससे पहले, राजस्थान हाईकोर्ट ने १९ मई को दोनों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का सहारा लिया। सुप्रीम कोर्ट ने पहले उन्हें फौरी राहत प्रदान करते हुए शोभा को २ जून और देवेश को ५ जून को अंतरिम जमानत दी थी। अब कोर्ट ने इस अंतरिम जमानत को नियमित जमानत में परिवर्तित कर दिया है।

यह ध्यान देने योग्य है कि इस मामले में एसओजी ने राजस्थान पुलिस अकादमी (आरपीए) से देवेश और शोभा को गिरफ्तार किया था। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि दोनों ने गलत तरीके से परीक्षा उत्तीर्ण की थी। इसके तुरंत बाद, एसओजी ने उनके पिता रामूराम राईका को भी गिरफ्तार किया। रामूराम राईका को २०१८ में वसुंधरा राजे सरकार द्वारा आरपीएससी का सदस्य नियुक्त किया गया था और वह जुलाई २०२२ तक इस पद पर रहे।

सूचना के अनुसार, राजस्थान सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा २०२१ में ८५९ पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी, लेकिन परीक्षा के बाद लगातार डमी उम्मीदवारों, पेपर लीक और बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों के आरोप सामने आए। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार ने जांच की जिम्मेदारी एसओजी को सौंपी। जांच में यह स्पष्ट हो गया कि परीक्षा में डमी अभ्यर्थियों को शामिल किया गया था और संगठित तरीके से धांधली हुई थी। इससे भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया। राजस्थान हाईकोर्ट ने २८ अगस्त २०२५ को इस भर्ती को पूरी तरह से रद्द कर दिया।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे देश में सरकारी नियुक्तियों की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को भी चुनौती देता है। समाज को एक स्पष्ट संदेश है कि हम सबको मिलकर इस तरह की धांधलियों के खिलाफ खड़ा होना होगा।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुप्रीम कोर्ट ने देवेश और शोभा राईका को कब जमानत दी?
सुप्रीम कोर्ट ने देवेश और शोभा राईका को हाल ही में जमानत दी है, जो पहले से ही अंतरिम जमानत पर थे।
राजस्थान सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2021 में क्या गड़बड़ियां पाई गईं?
परीक्षा में डमी उम्मीदवारों, पेपर लीक और बड़ी गड़बड़ियों के आरोप लगे थे, जिससे भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठे।
रामूराम राईका कौन हैं?
रामूराम राईका राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन के पूर्व सदस्य हैं, जिन्हें इस मामले में गिरफ्तार किया गया था।
राजस्थान हाईकोर्ट ने इस भर्ती को कब रद्द किया?
राजस्थान हाईकोर्ट ने 28 अगस्त 2025 को इस भर्ती को पूरी तरह रद्द कर दिया।
इस मामले की जांच कौन कर रहा है?
राज्य सरकार ने इस मामले की जांच की जिम्मेदारी एसओजी को सौंपी है।
राष्ट्र प्रेस
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