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क्या धनबाद में एसएससी-सीजीएल परीक्षा में फर्जीवाड़ा हुआ?

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क्या धनबाद में एसएससी-सीजीएल परीक्षा में फर्जीवाड़ा हुआ?

सारांश

धनबाद में एसएससी-सीजीएल परीक्षा के दौरान सिस्टम हैक कर नकल कराने का मामला सामने आया है। संचालक को गिरफ्तार किया गया है, और पुलिस ने इस साइबर स्कैम की गहराई से जांच शुरू कर दी है। जानिए इस मामले में क्या हुआ और क्या आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य बातें

फर्जीवाड़ा के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है।
आरोपी ने सिस्टम हैकिंग की स्वीकार्यता दी है।
जांच में कई अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है।
परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
टेक्नोलॉजी का दुरुपयोग करने वाले गिरोहों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

धनबाद, 9 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। स्टाफ सेलेक्शन कमीशन की कंबाइड ग्रेजुएट लेवल की ऑनलाइन परीक्षा में सिस्टम हैक कर नकल कराने का एक चौकाने वाला मामला प्रकाश में आया है, जिसके बाद पुलिस ने धनबाद स्थित परीक्षा केंद्र के संचालक मृत्युंजय कुमार को गिरफ्तार किया है।

डीएसपी (मुख्यालय-1) शंकर कामति ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि आरोपी ने इस साइबर स्कैम में अपनी भागीदारी को स्वीकार कर लिया है।

यह परीक्षा एसएससी द्वारा 26 सितंबर को आयोजित की गई थी। परीक्षा की तीसरी पाली के दौरान पटना के निवासी अभ्यर्थी आईके गुजराल को संदिग्ध गतिविधियों के लिए पकड़ा गया था।

परीक्षा के दौरान तैनात दंडाधिकारी महादेव गोराई ने देखा कि अभ्यर्थी माउस पकड़े हुए थे, लेकिन उनके कंप्यूटर पर उत्तर अपने आप चेक हो रहे थे। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और अभ्यर्थी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच में यह पता चला कि परीक्षा केंद्र के सिस्टम को हैक करके रिमोट कंट्रोल के माध्यम से बाहर से परीक्षा दी जा रही थी।

गिरफ्तार अभ्यर्थी ने बताया कि इस पूरे मामले की योजना पटना में बनाई गई थी। उसने रौशन कुमार, सचिन कुमार और एजुकीटी करियर टेक्नोलॉजीज कंपनी के कर्मचारी राक्सन रहमान का नाम लिया, जिन्होंने तकनीकी सहायता प्रदान की थी।

इसी सिलसिले में धनबाद पुलिस ने संचालक मृत्युंजय कुमार को बुधवार रात गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि परीक्षा के दौरान तकनीकी सहायता देकर उसने नकल कराने में मदद की थी।

पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जो ऑनलाइन परीक्षा में फर्जीवाड़ा कराने का साइबर गिरोह चला रहे हैं। डीएसपी शंकर कामति ने बताया कि फर्जीवाड़े में प्रयुक्त डिवाइस और सॉफ्टवेयर की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान की जा रही है।

पुलिस ने सभी नामजदों के कॉल डिटेल और डिजिटल संपर्कों की भी जांच शुरू कर दी है। एसपी सिटी ऋत्विक श्रीवास्तव मामले की जांच की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि परीक्षा केंद्र के कंप्यूटर सिस्टम को बाहरी सहायता से रिमोट एक्सेस किया गया था। धनबाद पुलिस ने इस मामले में एसएससी और अन्य केंद्रीय एजेंसियों को जानकारी भेज दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन हमें यह समझने की जरूरत है कि ऐसी घटनाएं हमारे शिक्षा तंत्र को कितना प्रभावित करती हैं। मानव संसाधन मंत्रालय और एसएससी को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फर्जीवाड़ा कैसे हुआ?
परीक्षा के दौरान सिस्टम को हैक कर रिमोट कंट्रोल के माध्यम से नकल कराई गई।
क्या और लोग शामिल हैं?
पुलिस का मानना है कि इस नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।
पुलिस ने क्या कदम उठाए हैं?
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी है और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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