मुंबई में गैस संकट: 20%25 होटल-रेस्टोरेंट हुए बंद, पेट्रोलियम मंत्री से मदद की गुहार

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मुंबई में गैस संकट: 20%25 होटल-रेस्टोरेंट हुए बंद, पेट्रोलियम मंत्री से मदद की गुहार

सारांश

मुंबई में गैस संकट ने 20%25 होटल और रेस्तरां को बंद कर दिया है। इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने पेट्रोलियम मंत्री से आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। यह संकट कई सालों बाद आया है, जिससे उद्योग पर गंभीर असर पड़ सकता है।

Key Takeaways

  • मुंबई में गैस संकट के कारण 20%25 रेस्तरां बंद हुए।
  • आहार ने पेट्रोलियम मंत्री से आपूर्ति बहाल करने की मांग की।
  • गैस संकट श्रमिकों की आजीविका को प्रभावित कर सकता है।
  • आहार ने 25%25 की कटौती के साथ काम चलाने का सुझाव दिया है।

मुंबई, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इंडियन होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन (आहार) ने कमर्शियल सिलेंडर्स की गंभीर कमी को लेकर चिंता व्यक्त की है। आहार ने बताया कि इस कमी के कारण लगभग 20 प्रतिशत होटल और रेस्तरां अपने संचालन को बंद करने पर मजबूर हो गए हैं। इसके साथ ही, आहार ने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को समाधान के लिए पत्र लिखा है। आज, आहार का एक प्रतिनिधिमंडल महाराष्ट्र के खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल के साथ गैस संकट पर चर्चा करेगा।

आहार के अध्यक्ष विजय शेट्टी ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 72 घंटों में आपूर्ति बहाल नहीं की गई, तो मुंबई के 50 प्रतिशत तक रेस्तरां बंद होने की संभावना है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से टैंकरों की आवाजाही लगभग ठप हो गई है। भारत अपनी एलपीजी गैस का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है, जिससे आपूर्ति पर बुरा असर पड़ा है। यह संकट मुंबई के होटल और रेस्तरां के सामने कई सालों के बाद आया है।

आहार ने पत्र में कहा, "हमारी संस्था लगभग 8000 छोटे रेस्टोरेंट, परमिट रूम और होटलों का प्रतिनिधित्व करती है और महाराष्ट्र में 65 संबद्ध संस्थाओं के साथ सबसे बड़ी आतिथ्य संस्थाओं में से एक है। आहार लघु एवं मध्यम उद्यमों और स्टार श्रेणी के होटलों तथा रेस्टोरेंटों के हितों का बचाव करती है। हम मानते हैं कि वैश्विक भू-राजनीतिक कारकों के कारण वर्तमान स्थिति हमारे नियंत्रण से बाहर है, लेकिन एलपीजी आपूर्ति में किसी भी प्रकार की रुकावट से पूरे उद्योग पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। रेस्टोरेंट और होटल अपने दैनिक खाना पकाने के लिए एलपीजी पर निर्भर हैं। इस प्रकार की रुकावट से सभी हितधारकों की आजीविका पर बुरा असर पड़ेगा।"

आहार ने आगे कहा, "हमारा उद्योग लाखों प्रवासी श्रमिकों को रोजगार, भोजन और सहायक सेवाएं प्रदान करता है। वर्तमान में महाराष्ट्र में लगभग 40 लाख प्रत्यक्ष रोजगार और 160 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार इस क्षेत्र पर निर्भर हैं।"

आहार ने कहा, "पीएनजी आपूर्ति में पूर्ण रुकावट से श्रमिकों की आय पर गंभीर असर पड़ेगा और रेस्टोरेंट तथा होटलों द्वारा प्रदान की जाने वाली आवश्यक सेवाएं बाधित होंगी। इस प्रकार की बाधा से सरकार की राजस्व आय पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।"

वैश्विक स्थिति को देखते हुए आहार ने निवेदन किया है कि उद्योग पीएनजी आपूर्ति में 25 प्रतिशत की कटौती के साथ काम चला सकता है, लेकिन 100 प्रतिशत कटौती करना या पूर्ण रूप से बंद करना प्रतिष्ठानों के संचालन को असंभव बना देगा। इसलिए, आहार ने हस्तक्षेप की मांग की है ताकि आतिथ्य उद्योग को पीएनजी की न्यूनतम मात्रा मिलती रहे, जिससे रेस्तरां और होटल सुचारू रूप से चल सकें और कर्मचारियों की आजीविका सुरक्षित रहे।

Point of View

बल्कि लाखों श्रमिकों के लिए भी चिंता का विषय है। सरकार को जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान निकालना होगा ताकि इस क्षेत्र की स्थिरता बनी रहे।
NationPress
14/03/2026

Frequently Asked Questions

गैस संकट का मुख्य कारण क्या है?
गैस संकट का मुख्य कारण वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से टैंकरों की आवाजाही में कमी है।
कितने होटल और रेस्तरां बंद हुए हैं?
लगभग 20 प्रतिशत होटल और रेस्तरां अपने संचालन को बंद करने पर मजबूर हो गए हैं।
आहार ने सरकार से क्या मांग की है?
आहार ने पेट्रोलियम मंत्री से गैस आपूर्ति को बहाल करने की मांग की है।
इस संकट का असर किस पर होगा?
इस संकट का असर होटल और रेस्तरां के संचालन के साथ-साथ श्रमिकों की आजीविका पर भी पड़ेगा।
क्या इस संकट का समाधान निकाला जा सकता है?
आहार ने कहा है कि उद्योग पीएनजी आपूर्ति में 25 प्रतिशत की कटौती के साथ काम चला सकता है।
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