एलपीजी गैस की आपूर्ति पर संकट, कई शहरों में कारोबारियों की बढ़ी चिंताएं
सारांश
Key Takeaways
- एलपीजी गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
- कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है।
- व्यापारी और ग्राहक चिंतित हैं।
- सरकार से समाधान की मांग।
- यदि स्थिति नहीं सुधरी, तो गंभीर संकट हो सकता है।
नई दिल्ली, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के परिणामस्वरूप अब भारत में एलपीजी गैस की आपूर्ति पर असर दिखने लगा है। देश के विभिन्न शहरों से गैस की उपलब्धता और कीमतों पर भिन्न प्रतिक्रियाएं प्राप्त हो रही हैं।
कर्नाटक के बेलगावी में भारत गैस के डिस्ट्रीब्यूटर ग्रीश साव्वाश्वरी ने बताया कि वर्तमान युद्ध के कारण कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति पर गंभीर प्रभाव पड़ा है।
उन्होंने राष्ट्र प्रेस को बताया, "जारी युद्ध के कारण लगभग 90 प्रतिशत कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति बाधित हो चुकी है। यदि यह स्थिति अगले चार दिनों तक बनी रहती है, तो गैस की गंभीर कमी हो सकती है।"
वहीं, पंजाब के जालंधर में एचपी गैस सप्लायर और एजेंसी के मालिक जर्नैल सिंह रंधावा ने कहा कि कीमतों में वृद्धि हो रही है। उनका कहना है, "घरेलू सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए और कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 114 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। सिलेंडरों की मांग अभी भी बहुत अधिक है, और ग्राहकों को चिंता है कि कहीं गैस समाप्त न हो जाए।"
गुजरात के अहमदाबाद में व्यापारी नरेंद्र सोमानी ने इस विषय पर केंद्र सरकार तक अपनी चिंताएं पहुंचाई हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को इस समस्या के बारे में पत्र लिखा है। इसके अलावा, गुजरात के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सोलंकी रमणभाई को भी पत्र भेजा गया है।
नरेंद्र सोमानी ने कहा, "हमने पत्र भेजा है ताकि सरकार इस समस्या पर ध्यान दे सके। वर्तमान में गुजरात में स्थिति बहुत गंभीर नहीं है, लेकिन समस्या धीरे-धीरे बढ़ रही है।"
इसी बीच, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक रेस्टोरेंट के मालिक ने बताया कि गैस की कमी से कारोबार में कठिनाई हो सकती है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, "हमारे पास कुल आठ सिलेंडर थे, जिनमें से सात एक ही दिन में खत्म हो गए। एक सिलेंडर आधा भरा था, उसमें अब केवल एक-तिहाई गैस बची है और मुझे लगता है कि वह भी जल्द ही खत्म हो जाएगी। उसके बाद आगे क्या होगा, यह निश्चित नहीं है।"