तमिलनाडु में एलपीजी संकट: एक लाख रेस्तरां बंद होने की कगार पर

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तमिलनाडु में एलपीजी संकट: एक लाख रेस्तरां बंद होने की कगार पर

सारांश

तमिलनाडु होटल मालिक संघ ने चेतावनी दी है कि राज्य में व्यावसायिक एलपीजी की गंभीर कमी के कारण एक लाख रेस्तरां अगले दो दिनों में बंद हो सकते हैं। संघ ने सरकार से तात्कालिक उपाय करने की मांग की है।

Key Takeaways

  • तमिलनाडु में व्यावसायिक एलपीजी की गंभीर कमी है।
  • अगले दो दिनों में एक लाख रेस्तरां बंद होने की संभावना है।
  • 50 लाख श्रमिक इस क्षेत्र पर निर्भर हैं।
  • सरकार से तात्कालिक उपायों की मांग की गई है।
  • गैस की आपूर्ति में बाधा का कारण अंतरराष्ट्रीय संघर्ष है।

चेन्नई, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। तमिलनाडु होटल मालिक संघ ने चेतावनी दी है कि राज्य में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की गंभीर कमी के चलते अगले दो दिनों में लगभग एक लाख रेस्तरां बंद होने की संभावना है। संघ ने केंद्र सरकार से व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए खाना पकाने की गैस की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।

संघ के अध्यक्ष एम. वेंकटसुब्बू ने बताया कि व्यावसायिक खाना पकाने की गैस की आपूर्ति में रुकावट का असर कई जिलों के रेस्तरां पर पड़ना शुरू हो गया है। अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो बड़े रेस्तरां से लेकर छोटे चाय-स्टॉल तक सभी को संचालन बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

उन्होंने कहा कि लगभग 50 लाख श्रमिक प्रत्यक्ष रूप से रेस्तरां पर निर्भर हैं, जबकि अन्य 50 लाख लोग अप्रत्यक्ष रूप से इस क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। यदि गैस की आपूर्ति तुरंत बहाल नहीं की गई, तो पूरा उद्योग संकट में आ जाएगा।

वेंकटसुब्बू ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि रेस्तरां और होटलों को व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तत्काल उपाय करे।

उन्होंने बताया कि बड़े रेस्तरां को कारखाना अधिनियम के तहत कारखानों के रूप में वर्गीकृत किया गया है, फिर भी उन्हें औद्योगिक इकाइयों को दी जाने वाली बिजली दरों में कोई छूट नहीं मिलती। उन्होंने सरकार से यह भी अनुरोध किया कि रेस्तरांओं को वैकल्पिक रूप से निजी स्रोतों से कम दरों पर बिजली खरीदने की अनुमति दी जाए।

इस बीच, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्षों के कारण गैस आपूर्ति में बाधा का असर तमिलनाडु के कई जिलों पर पड़ना शुरू हो गया है। मंगलवार को चेन्नई और वेल्लोर जैसे जिलों में स्थिति नियंत्रण में थी, लेकिन यदि आपूर्ति में सुधार नहीं हुआ, तो पर्यटन पर निर्भर रेस्तरां और होटल बुधवार से बंद होने लग सकते हैं।

विलुपुरम और कल्लकुरुची से आए समाचारों के अनुसार, घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग में भारी वृद्धि हुई है, जिससे डिलीवरी के लिए प्रतीक्षा समय 21 दिन से बढ़कर 25 दिन हो गया है। गैस वितरक ने कहा कि सिलेंडर केवल उन्हीं ग्राहकों को दिए जा सकते हैं जिन्होंने पहले से बुकिंग करा रखी है।

तिरुची, पुदुक्कोट्टई, तंजावुर, करूर, पेरम्बालूर और अरियालूर के रेस्तरां मालिकों ने बताया कि उनके पास व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों का स्टॉक केवल दो दिनों के लिए ही बचा है क्योंकि इन जिलों में आपूर्ति ट्रक नहीं पहुंचे हैं। तिरुवनमलाई और कुड्डालोर में भी कमी की सूचना मिली है, जहां व्यावसायिक सिलेंडरों की बुकिंग अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई है।

कोयंबटूर में कई बड़े रेस्तरां ने गैस की बचत के लिए पहले ही मेनू में शामिल वस्तुओं की संख्या कम कर दी है और संचालन के घंटे भी घटा दिए हैं। इस संकट का असर मदुरै, रामनाथपुरम, दिंडीगुल, थेनी, शिवगंगा और विरुधुनगर जैसे जिलों पर भी पड़ रहा है, जहां सोमवार से व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति कथित तौर पर बंद है।

रामेश्वरम में लगभग 90 प्रतिशत रेस्तरां एलपीजी सिलेंडरों पर पूरी तरह निर्भर हैं। उद्योग प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि आपूर्ति जल्द ही बहाल नहीं की गई, तो तमिलनाडु भर में रेस्तरां के बड़े पैमाने पर बंद होने की आशंका है।

Point of View

राज्य के रेस्तरां उद्योग को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। उपभोक्ता और कर्मचारियों की भलाई के लिए यह आवश्यक है कि केंद्र सरकार शीघ्रता से आवश्यक कदम उठाए।
NationPress
13/03/2026

Frequently Asked Questions

एलपीजी की कमी का कारण क्या है?
एलपीजी की कमी का कारण अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष है, जिसने गैस आपूर्ति में बाधा डाली है।
कितने रेस्तरां बंद हो सकते हैं?
संघ के अनुसार, लगभग एक लाख रेस्तरां अगले दो दिनों में बंद होने की संभावना है।
इस संकट का प्रभाव किस पर होगा?
इस संकट का प्रभाव लगभग 50 लाख श्रमिकों पर पड़ेगा, जो रेस्तरां पर निर्भर हैं।
क्या सरकार ने इस पर कोई कदम उठाया है?
होटल मालिक संघ ने सरकार से तात्कालिक उपाय करने की मांग की है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
क्या घरेलू ग्राहकों पर इसका असर पड़ेगा?
हां, घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग में भारी वृद्धि हुई है, जिससे डिलीवरी के लिए प्रतीक्षा अवधि बढ़ गई है।
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