डोडा में बस पर पत्थर गिरने से 2 की मौत, रग्गी नाला में हाईवे बंद; कई वाहन चपेट में
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सोमवार, 20 जुलाई को रग्गी नाला के पास पहाड़ी से भारी पत्थर और मलबा अचानक खिसकने से एक यात्री बस सहित कई वाहन चपेट में आ गए, जिसमें कम से कम 2 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार बचाव दल तुरंत मौके पर पहुँचे और घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
हादसे का घटनाक्रम
अधिकारियों ने बताया कि रग्गी नाला क्षेत्र में पहाड़ी ढलान से अचानक भारी पत्थर और मलबा हाईवे पर आ गिरा। उस समय सड़क पर चल रही एक यात्री बस और कई अन्य वाहन इसकी चपेट में आ गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और बचाव दलों ने राहत कार्य शुरू किया। मडस्लाइड और लगातार गिरते पत्थरों के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने हाईवे पर यातायात पूरी तरह रोक दिया।
बचाव एवं राहत कार्य
अधिकारियों के अनुसार सड़क की बहाली और सफाई का काम जारी है, लेकिन मौजूदा मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए इसमें काफी समय लग सकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि जब तक सड़क को यातायात के लिए सुरक्षित घोषित न कर दिया जाए, तब तक इस मार्ग पर अनावश्यक यात्रा से बचें। ट्रैफिक विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के लिए विशेष टीमें तैनात की हैं।
इस क्षेत्र में दुर्घटनाओं का इतिहास
गौरतलब है कि डोडा, किश्तवाड़, राजौरी, पुंछ, रियासी, रामबन और उधमपुर जैसे पहाड़ी जिलों में लैंडस्लाइड, मडस्लाइड और पत्थर गिरने की घटनाएँ आम हैं। इन इलाकों की सड़कें अत्यंत संकरी, तीखी और घुमावदार हैं तथा भारी बारिश के कारण खतरा और बढ़ जाता है।
इस वर्ष जनवरी में भद्रवाह-चंबा अंतर-राज्यीय सड़क पर खन्नी टॉप के पास सेना का एक बुलेटप्रूफ ट्रक 200 फुट गहरी खाई में गिरा था, जिसमें 10 सैनिकों की मौत हुई और 11 अन्य घायल हुए थे। जून में खेलानी टनल के पास पक्की हट्टी में मच्छैल यात्रा के 3 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी जब उनकी कार खाई में गिरी। जुलाई 2025 में डोडा-बाराथ सड़क पर पोंडा के पास एक ओवरलोडेड टेम्पो ट्रैवलर खाई में गिरने से 7 यात्रियों की मौत हुई थी और 15 घायल हुए थे।
प्रशासन की चेतावनी
स्थानीय प्रशासन ट्रांसपोर्टरों को खराब मौसम के दौरान जोखिम वाले इलाकों में यात्रा न करने की नियमित सलाह जारी करता है। आलोचकों का कहना है कि इन चेतावनियों के बावजूद ओवरलोडिंग और तेज गति से वाहन चलाने की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है।
आगे क्या
प्रशासन के अनुसार हाईवे पर यातायात की बहाली मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगी। मृतकों की संख्या और घायलों की स्थिति की पुष्टि के लिए जाँच जारी है। यह घटना एक बार फिर जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी मार्गों पर स्थायी सुरक्षा ढाँचे की माँग को सामने लाती है।