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डोडा में बस पर पत्थर गिरने से 2 की मौत, रग्गी नाला में हाईवे बंद; कई वाहन चपेट में

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डोडा में बस पर पत्थर गिरने से 2 की मौत, रग्गी नाला में हाईवे बंद; कई वाहन चपेट में

सारांश

जम्मू-कश्मीर के डोडा में रग्गी नाला के पास पहाड़ी से अचानक गिरे पत्थरों ने एक यात्री बस और कई वाहनों को चपेट में ले लिया। 2 की मौत, कई घायल। हाईवे बंद, बचाव कार्य जारी — यह इस खतरनाक पहाड़ी क्षेत्र में इस वर्ष की एक और बड़ी त्रासदी है।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में 20 जुलाई को रग्गी नाला के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने से यात्री बस चपेट में आई।
हादसे में कम से कम 2 लोगों की मौत , कई अन्य घायल; घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
मडस्लाइड और पत्थर गिरने के खतरे के कारण हाईवे पर यातायात पूरी तरह बंद, बहाली कार्य जारी।
इस वर्ष जनवरी में खन्नी टॉप पर सेना का ट्रक गिरने से 10 सैनिकों की मौत ; जुलाई 2025 में डोडा-बाराथ सड़क पर 7 की मौत हो चुकी है।
यात्रियों को सड़क सुरक्षित घोषित होने तक इस मार्ग पर यात्रा न करने की सलाह दी गई है।

जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सोमवार, 20 जुलाई को रग्गी नाला के पास पहाड़ी से भारी पत्थर और मलबा अचानक खिसकने से एक यात्री बस सहित कई वाहन चपेट में आ गए, जिसमें कम से कम 2 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार बचाव दल तुरंत मौके पर पहुँचे और घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

हादसे का घटनाक्रम

अधिकारियों ने बताया कि रग्गी नाला क्षेत्र में पहाड़ी ढलान से अचानक भारी पत्थर और मलबा हाईवे पर आ गिरा। उस समय सड़क पर चल रही एक यात्री बस और कई अन्य वाहन इसकी चपेट में आ गए। घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और बचाव दलों ने राहत कार्य शुरू किया। मडस्लाइड और लगातार गिरते पत्थरों के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने हाईवे पर यातायात पूरी तरह रोक दिया।

बचाव एवं राहत कार्य

अधिकारियों के अनुसार सड़क की बहाली और सफाई का काम जारी है, लेकिन मौजूदा मौसमी परिस्थितियों को देखते हुए इसमें काफी समय लग सकता है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि जब तक सड़क को यातायात के लिए सुरक्षित घोषित न कर दिया जाए, तब तक इस मार्ग पर अनावश्यक यात्रा से बचें। ट्रैफिक विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के लिए विशेष टीमें तैनात की हैं।

इस क्षेत्र में दुर्घटनाओं का इतिहास

गौरतलब है कि डोडा, किश्तवाड़, राजौरी, पुंछ, रियासी, रामबन और उधमपुर जैसे पहाड़ी जिलों में लैंडस्लाइड, मडस्लाइड और पत्थर गिरने की घटनाएँ आम हैं। इन इलाकों की सड़कें अत्यंत संकरी, तीखी और घुमावदार हैं तथा भारी बारिश के कारण खतरा और बढ़ जाता है।

इस वर्ष जनवरी में भद्रवाह-चंबा अंतर-राज्यीय सड़क पर खन्नी टॉप के पास सेना का एक बुलेटप्रूफ ट्रक 200 फुट गहरी खाई में गिरा था, जिसमें 10 सैनिकों की मौत हुई और 11 अन्य घायल हुए थे। जून में खेलानी टनल के पास पक्की हट्टी में मच्छैल यात्रा के 3 तीर्थयात्रियों की मौत हो गई थी जब उनकी कार खाई में गिरी। जुलाई 2025 में डोडा-बाराथ सड़क पर पोंडा के पास एक ओवरलोडेड टेम्पो ट्रैवलर खाई में गिरने से 7 यात्रियों की मौत हुई थी और 15 घायल हुए थे।

प्रशासन की चेतावनी

स्थानीय प्रशासन ट्रांसपोर्टरों को खराब मौसम के दौरान जोखिम वाले इलाकों में यात्रा न करने की नियमित सलाह जारी करता है। आलोचकों का कहना है कि इन चेतावनियों के बावजूद ओवरलोडिंग और तेज गति से वाहन चलाने की प्रवृत्ति पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है।

आगे क्या

प्रशासन के अनुसार हाईवे पर यातायात की बहाली मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगी। मृतकों की संख्या और घायलों की स्थिति की पुष्टि के लिए जाँच जारी है। यह घटना एक बार फिर जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी मार्गों पर स्थायी सुरक्षा ढाँचे की माँग को सामने लाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक दोहराई जाने वाली त्रासदी की कड़ी है — इसी वर्ष इस क्षेत्र में पत्थर गिरने और सड़क हादसों में दर्जनों जानें जा चुकी हैं। सवाल यह है कि चेतावनी प्रणाली, रॉकफॉल बैरियर और वास्तविक समय की मौसम निगरानी जैसे स्थायी उपाय अब तक क्यों नहीं अपनाए गए। ट्रैफिक विभाग की 'विशेष टीमें' और 'नियमित सलाह' उन सड़कों पर पर्याप्त नहीं हैं जहाँ एक मोड़ के आगे का रास्ता भी नहीं दिखता। जब तक बुनियादी ढाँचे में निवेश नहीं होगा, ये आँकड़े बढ़ते रहेंगे।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डोडा में पत्थर गिरने का हादसा कहाँ और कब हुआ?
यह हादसा 20 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले के रग्गी नाला इलाके में हुआ, जब पहाड़ी से भारी पत्थर और मलबा अचानक हाईवे पर आ गिरा। एक यात्री बस और कई अन्य वाहन इसकी चपेट में आ गए।
डोडा हादसे में कितने लोगों की मौत हुई और कितने घायल हैं?
अधिकारियों के अनुसार इस हादसे में कम से कम 2 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है और उनकी स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है।
डोडा हाईवे कब तक बंद रहेगा?
अधिकारियों के अनुसार मडस्लाइड और लगातार गिरते पत्थरों के कारण हाईवे पर यातायात फिलहाल पूरी तरह रोका गया है। बहाली और सफाई कार्य जारी है, लेकिन मौसमी परिस्थितियों के कारण इसमें काफी समय लग सकता है।
जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी जिलों में सड़क हादसे इतने आम क्यों हैं?
डोडा, किश्तवाड़, राजौरी और रामबन जैसे जिलों में सड़कें अत्यंत संकरी, तीखी और घुमावदार हैं। भारी बारिश, लैंडस्लाइड, ओवरलोडिंग और तेज गति से वाहन चलाना इन हादसों के प्रमुख कारण हैं।
इस साल इस क्षेत्र में पहले कौन-से बड़े हादसे हो चुके हैं?
जनवरी में खन्नी टॉप के पास सेना का ट्रक 200 फुट गहरी खाई में गिरने से 10 सैनिकों की मौत हुई थी। जून में खेलानी टनल के पास 3 तीर्थयात्री मारे गए थे। जुलाई 2025 में डोडा-बाराथ सड़क पर एक टेम्पो ट्रैवलर दुर्घटना में 7 की मौत हुई थी।
राष्ट्र प्रेस
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