केरल में भारी बारिश: कोझिकोड, कन्नूर, कासरगोड में रेड अलर्ट, 204.4 मिमी से अधिक बारिश की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 जून 2026 को उत्तरी केरल के तीन जिलों — कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड — में रेड अलर्ट जारी किया है, जहाँ अगले 24 घंटों में 204.4 मिमी से अधिक अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका जताई गई है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि इस स्तर की बारिश से अचानक बाढ़, भूस्खलन और कीचड़-प्रवाह की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
मुख्य अलर्ट और प्रभावित जिले
8 जून को कोझिकोड, कन्नूर और कासरगोड के लिए रेड अलर्ट जारी है। इसी दिन मलप्पुरम और वायनाड सहित तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर और पलक्कड़ येलो अलर्ट के दायरे में हैं।
9 जून को मलप्पुरम और वायनाड के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि पथानामथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर और पलक्कड़ येलो अलर्ट पर रहेंगे।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
10 और 11 जून को मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड अलर्ट पर बने रहेंगे। 12 जून को एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड में अलग-अलग स्थानों पर भारी वर्षा की संभावना है। गौरतलब है कि पिछले पाँच दिनों से कई जिलों में लगातार येलो अलर्ट बना हुआ है।
मौसम विभाग की चेतावनियाँ
IMD के अनुसार, 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक की 24 घंटे की वर्षा को 'अत्यधिक भारी बारिश' की श्रेणी में रखा जाता है। विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि मौजूदा मौसमी परिस्थितियाँ तूफान और अल्प अवधि में अचानक तीव्र वर्षा का कारण बन सकती हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब सोमवार, 8 जून को राज्य के कई हिस्सों में मौसम की अनियमितताओं के कारण इमारतों, घरों और संपत्तियों को नुकसान पहुँचने की खबरें पहले ही सामने आ चुकी हैं।
आम जनता और प्रशासन के लिए सलाह
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अत्यधिक भारी बारिश की स्थिति में शहरी क्षेत्रों और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ जाता है। जनता और सरकारी एजेंसियों को सतर्क रहने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक सावधानियाँ बरतने की सलाह दी गई है। मौसम की स्थिति में तेज़ी से बदलाव की संभावना को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है।
क्या होगा आगे
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले कई दिनों तक केरल के अधिकांश जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। राज्य आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय रखा गया है और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है।