केरल के 7 जिलों में IMD का ऑरेंज अलर्ट, स्कूल-कॉलेज बंद; मछुआरों को समुद्र में जाने से रोका
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 8 अगस्त 2026 को केरल के सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया, जहाँ उत्तरी और मध्य क्षेत्रों में अगले कुछ घंटों में तीव्र वर्षा की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार जलभराव, अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ा हुआ है, जिसके मद्देनजर राज्य में व्यापक एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
किन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड — इन सात जिलों में ऑरेंज अलर्ट प्रभावी है। इन इलाकों के कुछ हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। शेष जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
यह ऐसे समय में आया है जब केरल पहले से ही मानसून की सक्रियता के कारण कई जगहों पर जलभराव और भूस्खलन की घटनाओं का सामना कर रहा है।
शिक्षण संस्थानों पर असर
एहतियात के तौर पर अधिकारियों ने प्रभावित जिलों में आंगनवाड़ी से लेकर व्यावसायिक कॉलेजों तक सभी शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया है। हालाँकि, कोझिकोड में व्यावसायिक कॉलेजों को इस बंदी आदेश से छूट दी गई है। पहले से निर्धारित सार्वजनिक और विश्वविद्यालय परीक्षाएँ योजना के अनुसार ही आयोजित होंगी।
तटीय प्रतिबंध और हवाओं की चेतावनी
तटीय इलाकों में प्रतिबंध कड़े कर दिए गए हैं। मछुआरों को समुद्र में जाने से पूरी तरह रोक दिया गया है, क्योंकि केरल तट के किनारे 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएँ चलने की संभावना है, जो कभी-कभी 60 किमी प्रति घंटे तक पहुँच सकती हैं।
गौरतलब है कि नदियों के किनारे मछली पकड़ने और सेल्फी लेने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है — एक कदम जो पिछले वर्षों में पर्यटकों और स्थानीय लोगों की दुर्घटनाओं के बाद प्रशासन की नियमित सावधानी बन चुका है।
आपदा प्रबंधन की तैयारी
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से गैर-ज़रूरी यात्रा से बचने का आग्रह किया है। भूस्खलन और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में रहने वाले निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है।
तालुक स्तर पर नियंत्रण कक्ष सक्रिय कर दिए गए हैं, जबकि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और अग्निशमन एवं बचाव दल को उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में तैनात रखा गया है।
आगे क्या
नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार, केरल में आने वाले दिनों में बारिश जारी रहने की संभावना है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे केवल IMD और आपदा प्रबंधन की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। नदियों, नालों और झरनों के पास जाने से बचने की सख्त हिदायत दी गई है, क्योंकि जलस्तर में अचानक वृद्धि का खतरा बना हुआ है।