दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक: तमिलनाडु के 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 4 जून तक तेज़ हवाएँ
सारांश
मुख्य बातें
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) चेन्नई ने 31 मई 2026 को तमिलनाडु में अगले पाँच दिनों के दौरान व्यापक वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया है, जिसमें कम से कम 16 जिलों में भारी बारिश, गरज और 40-50 किमी प्रति घंटे की तेज़ हवाओं की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगमन के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल होती जा रही हैं और अगले तीन से चार दिनों में इसके केरल में प्रवेश करने की संभावना है।
मानसून कब और कैसे आएगा
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और उससे सटे दक्षिण केरल में समुद्र तल से 3.1 किमी से 5.8 किमी की ऊँचाई पर स्थित चक्रवाती परिसंचरण मानसून की प्रगति को गति दे रहा है। इस मौसमी प्रणाली की सहायता से मानसून के केरल तट से होते हुए तमिलनाडु की ओर बढ़ने का अनुमान है। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण भारत में पूर्व-मानसून वर्षा पहले ही सामान्य से अधिक दर्ज की जा चुकी है।
कौन-से जिले हैं अलर्ट पर
आरएमसी ने सोमवार को जिन 16 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, उनमें नीलगिरी, कोयंबटूर, तिरुप्पुर, डिंडीगुल, थेनी, करूर, तिरुचिरापल्ली, नमक्कल, इरोड, सलेम, धर्मपुरी, कृष्णागिरि, तिरुपत्तूर, वेल्लोर, रानीपेट और तिरुवन्नामलाई शामिल हैं। इसके अलावा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी अलग-अलग स्थानों पर गरज के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।
आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
1 और 2 जून को पश्चिमी और उत्तरी जिलों में भारी बारिश की स्थिति बनी रहने की आशंका है। 2 से 4 जून के बीच पश्चिमी तमिलनाडु के जिलों — नीलगिरी, कोयंबटूर, तिरुप्पुर, डिंडीगुल, थेनी, इरोड, सलेम, धर्मपुरी, कृष्णागिरि और तिरुवनमलाई — में बारिश और तेज़ होने का अनुमान है।
तिरुनेलवेली के पहाड़ी क्षेत्रों के साथ-साथ तेनकासी और कन्याकुमारी जिलों में भी भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। 4 जून को नीलगिरी, कोयंबटूर, तिरुप्पुर, इरोड, सलेम, डिंडीगुल, थेनी, विरुधुनगर, तेनकासी और कन्याकुमारी जिलों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। 5 और 6 जून को वर्षा की तीव्रता में कुछ कमी आने की उम्मीद है, हालाँकि तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है।
समुद्री चेतावनी और मछुआरों के लिए निर्देश
आरएमसी ने 31 मई से 4 जून के बीच तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएँ चलने की चेतावनी दी है, जो 60 किमी प्रति घंटे तक पहुँच सकती हैं। बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और उससे सटे अरब सागर के कुछ हिस्सों में भी ऐसी ही परिस्थितियाँ रहने की आशंका है। मछुआरों को चेतावनी अवधि के दौरान सतर्क रहने और प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
आम जनता पर असर और तैयारी
गौरतलब है कि तमिलनाडु के पश्चिमी घाट से सटे जिले हर मानसून सीज़न में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की चपेट में आते हैं। इस वर्ष मानसून के समय पर या थोड़ा पहले आने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे प्रशासन को पहले से तैयारी का अवसर मिला है। आने वाले दिनों में जिला प्रशासन की ओर से राहत व बचाव दलों की तैनाती और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क करने के निर्देश जारी होने की संभावना है।