तमिलनाडु में 9 जून तक भारी बारिश का अलर्ट, मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
चेन्नई स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने 6 जून 2025 को जानकारी दी कि दक्षिण-पश्चिम मानसून के दक्षिण भारत में सक्रिय रूप से आगे बढ़ने के कारण तमिलनाडु के कई जिलों में 9 जून 2025 तक तेज हवाओं, आंधी-तूफान और भारी बारिश की संभावना है। तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन सागर में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और झोंकों के 60 किमी/घंटा तक पहुँचने का अनुमान है।
मानसून की स्थिति और मौसमी तंत्र
आरएमसी के अनुसार, समुद्र तल से 3.1 किमी से 4.5 किमी की ऊँचाई पर तटीय कर्नाटक और आसपास के इलाकों में ऊपरी हवाओं का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। दक्षिण-पश्चिम मानसून अरब सागर के दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व हिस्सों, लक्षद्वीप, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के कुछ भागों के साथ-साथ बंगाल की खाड़ी के बड़े क्षेत्रों में आगे बढ़ चुका है।
यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के कई हिस्सों में पहले से ही तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा था। मानसून की यह प्रगति मौसमी राहत का संकेत है, लेकिन साथ ही तटीय और पहाड़ी क्षेत्रों के लिए सतर्कता भी जरूरी है।
जिलेवार पूर्वानुमान
6 जून (शनिवार) को कोयंबटूर जिले के पहाड़ी इलाकों और नीलगिरी, थेनी तथा डिंडीगुल जिलों में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश और आंधी-तूफान की संभावना है। तेनकासी, तिरुनेलवेली, कन्याकुमारी, इरोड, सलेम, धर्मपुरी, कृष्णगिरि, तिरुपत्तूर, वेल्लोर, रानीपेट, तिरुप्पुर, मदुरै और विरुधुनगर जिलों में भी तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान है।
7 जून को नीलगिरी, तिरुप्पुर, डिंडीगुल, थेनी, कन्याकुमारी और कोयंबटूर के पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। तेनकासी, तिरुनेलवेली, इरोड, सलेम, धर्मपुरी, कृष्णगिरि, विरुधुनगर और मदुरै में आंधी-तूफान और तेज हवाएं जारी रह सकती हैं।
चेन्नई का मौसम
चेन्नई में 6 जून को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने और शहर के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। अधिकतम तापमान 38°C से 39°C और न्यूनतम तापमान 29°C से 30°C के बीच रहने का अनुमान है।
मछुआरों और समुद्री गतिविधियों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने शनिवार से 9 जून तक मछुआरों को समुद्र में न जाने की कड़ी सलाह दी है। तमिलनाडु तट, मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन सागर के अलावा दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर, केरल-कर्नाटक तट, लक्षद्वीप और मालदीव क्षेत्र में भी खराब समुद्री परिस्थितियाँ रहने की संभावना है। मछुआरों को अत्यधिक सावधानी बरतने और मौसम की स्थिति सामान्य होने तक तट पर रहने की हिदायत दी गई है।
गौरतलब है कि मानसून के सक्रिय होने के दौरान तटीय इलाकों में समुद्री लहरें और तेज हवाएं मछुआरों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं। आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति और मौसमी अपडेट पर नज़र रखना जरूरी होगा।