केरल में भारी बारिश का येलो अलर्ट: 7 जिले सतर्क, बंगाल की खाड़ी का डीप डिप्रेशन जिम्मेदार
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार, 24 सितंबर 2026 के लिए केरल के सात जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है, क्योंकि बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव (डीप डिप्रेशन) आंध्र प्रदेश-ओडिशा तट की ओर बढ़ रहा है। IMD के अनुसार, इस मौसमी प्रणाली के असर से केरल में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की गतिविधि एक बार फिर तेज होने की आशंका है।
कौन-से जिले अलर्ट पर हैं
तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, कोट्टायम, इडुक्की, कन्नूर और कासरगोड में बुधवार को कहीं-कहीं भारी बारिश होने का अनुमान है। IMD के अनुसार यह मौसमी प्रणाली बुधवार रात या गुरुवार तड़के विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) और गोपालपुर (ओडिशा) के बीच तट पार करने की संभावना है।
गौरतलब है कि पूर्वी पहाड़ी इलाकों में अत्यधिक बारिश का अनुमान है, जिसके मद्देनजर अधिकारियों ने भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
अगले तीन दिनों का मौसम पूर्वानुमान
गुरुवार को अलर्ट उत्तरी केरल की ओर खिसकेगा — मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड येलो अलर्ट के दायरे में रहेंगे। इन जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है।
शुक्रवार को भी बारिश जारी रहने का अनुमान है, तथा तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड के लिए येलो अलर्ट बरकरार रखा गया है।
समुद्री चेतावनी और मछुआरों को सलाह
केरल, लक्षद्वीप और कर्नाटक के तटीय इलाकों के लिए भी चेतावनी जारी की गई है, क्योंकि समुद्र में तेज हलचल और तेज हवाओं का अनुमान है। मछुआरों को समुद्र में जाते समय पूरी सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
लगातार बारिश की आशंका के कारण निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ा हुआ है। अधिकारियों ने यह भी चेताया है कि तेज हवाओं से पेड़ उखड़ने और बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त होने की संभावना है।
प्रशासन की तैयारी और आपदा प्रबंधन
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने कमजोर घरों, नदी के किनारों और भूस्खलन-संभावित पहाड़ी इलाकों में रह रहे लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहने का आग्रह किया है। जिला प्रशासन और स्थानीय निकायों को आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं और तालुक स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं।
अधिकारियों ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे केवल IMD और आपदा प्रबंधन की आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि वाली जानकारी न फैलाएँ। IMD के आने वाले घंटों में और बुलेटिन जारी करने की उम्मीद है तथा मौसमी प्रणाली की गति व तीव्रता के आधार पर जिलेवार अलर्ट में बदलाव संभव है।