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क्या आईएमडी ने केरल में भारी बारिश की भविष्यवाणी के साथ येलो अलर्ट जारी किया है?

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क्या आईएमडी ने केरल में भारी बारिश की भविष्यवाणी के साथ येलो अलर्ट जारी किया है?

सारांश

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने केरल में अगले दो दिनों के लिए भारी बारिश की चेतावनी दी है। यह अलर्ट बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में कम दबाव प्रणाली के प्रभाव से जारी किया गया है। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

मुख्य बातें

आईएमडी ने केरल के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
अगले दो दिनों में भारी बारिश की संभावना है।
मछुआरों को समुद्र में जाने से मना किया गया है।
तटीय निवासियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
स्थानीय प्रशासन को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

तिरुवनंतपुरम, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने केरल के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इसके पीछे मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में स्थित कम दबाव प्रणाली का प्रभाव है, जिसके चलते अगले दो दिनों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे सतर्क रहें, क्योंकि मंगलवार और बुधवार को तेज हवाएं चलने और भारी बारिश की संभावना है। आईएमडी के अनुसार, २६ से २८ अगस्त तक कुछ स्थानों पर २४ घंटों में ७ मिमी से ११ मिमी तक भारी बारिश हो सकती है। उत्तरी और मध्य केरल सबसे अधिक प्रभावित होने की आशंका है।

मंगलवार (२६ अगस्त) को त्रिशूर, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर, और कासरगोड जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। अगले दिन, बुधवार को, यह अलर्ट एर्नाकुलम के साथ-साथ त्रिशूर, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों तक बढ़ाया जाएगा।

आईएमडी ने मछुआरों के लिए भी चेतावनी जारी की है, जिसमें उन्हें इस अवधि के दौरान केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप तटों पर समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

हवा की गति ४०-६० किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है, जिससे समुद्री स्थिति असुरक्षित हो सकती है। तटीय निवासियों को इस स्थिति के मद्देनजर सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इस महीने की शुरुआत में केरल में भारी बारिश और तेज हवाओं ने भारी नुकसान पहुंचाया था, जिसमें पेड़ उखड़ गए, घरों को क्षति पहुंची और कई जिलों में बिजली गुल हो गई। राज्य अभी भी उस नुकसान से उबर रहा है, लेकिन अब फिर से भारी बारिश की संभावना ने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।

आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने स्थानीय प्रशासनों को तैयार रहने के निर्देश दिए हैं, जिनमें निचले इलाकों में पानी बढ़ने पर राहत शिविर स्थापित करना भी शामिल है।

लोगों को सलाह दी गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, जलभराव वाली सड़कों से दूर रहें और सरकारी सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करें।

मंगलवार और बुधवार के लिए येलो अलर्ट जारी होने के साथ, अधिकारियों ने चेतावनी वाले जिलों में विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राष्ट्रीय संपादक की दृष्टि से, हमें चाहिए कि हम सभी केरल की वर्तमान जलवायु परिस्थितियों पर ध्यान दें। यह न केवल स्थानीय निवासियों के लिए बल्कि समग्र रूप से देश के लिए महत्वपूर्ण है। हमें प्राकृतिक आपदाओं के प्रति एकजुटता से प्रतिक्रिया करनी चाहिए।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल में येलो अलर्ट का कारण क्या है?
केरल में येलो अलर्ट का कारण बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में कम दबाव प्रणाली है, जिससे अगले दो दिनों में भारी बारिश की संभावना है।
कौन से जिले प्रभावित होंगे?
त्रिशूर, मलप्पुरम, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर, और कासरगोड जिले प्रभावित होंगे।
क्या मछुआरों के लिए कोई चेतावनी है?
हाँ, मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप के तटों पर समुद्र में न जाएं।
लोगों को क्या करना चाहिए?
लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए और जलभराव वाली सड़कों से दूर रहना चाहिए।
हवा की गति कितनी होगी?
हवा की गति 40-60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
राष्ट्र प्रेस
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