24 अक्टूबर 2026
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केरल में भारी बारिश: IMD ने 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी, अगले 3 दिन सतर्कता ज़रूरी

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केरल में भारी बारिश: IMD ने 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी, अगले 3 दिन सतर्कता ज़रूरी

सारांश

IMD ने केरल के 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी कर अगले तीन दिन भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। रविवार तक 12 जिले अलर्ट में आ जाएँगे। KSDMA ने भूस्खलन-संभावित और बाढ़-प्रवण इलाकों के निवासियों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया है।

मुख्य बातें

IMD ने 23 अक्टूबर 2026 को केरल के 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया।
ऑरेंज अलर्ट में 24 घंटे में 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक बारिश की संभावना रहती है।
रविवार, 25 अक्टूबर तक ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों की संख्या बढ़कर 12 हो जाएगी।
सोमवार, 26 अक्टूबर को 12 जिलों में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।
KSDMA ने भूस्खलन-संभावित और बाढ़-प्रवण क्षेत्रों के निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया।
झरनों, पहाड़ी क्षेत्रों और जलाशयों की यात्राएँ चेतावनी हटने तक स्थगित रखने की सलाह।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार) को केरल के 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है और अगले तीन दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश तथा गरज-चमक की चेतावनी दी है। केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) ने भूस्खलन-संभावित और अचानक बाढ़ की आशंका वाले इलाकों के निवासियों से तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

ऑरेंज अलर्ट: कहाँ और कब

ऑरेंज अलर्ट उन क्षेत्रों के लिए जारी किया जाता है जहाँ 24 घंटे में 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक वर्षा होने की संभावना होती है। शुक्रवार, 23 अक्टूबर को तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में यह अलर्ट प्रभावी है।

शनिवार, 24 अक्टूबर को तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़ और मलप्पुरम जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी रहेगा। रविवार, 25 अक्टूबर को अलर्ट का दायरा और बढ़ेगा — 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा, जिनमें तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड शामिल हैं।

येलो अलर्ट की स्थिति

येलो अलर्ट, जो 24 घंटे में 64.5 मिमी से 115.5 मिमी तक वर्षा की संभावना दर्शाता है, शुक्रवार को एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़ और मलप्पुरम के लिए जारी किया गया है। शनिवार को कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड में तथा रविवार को कन्नूर और कासरगोड में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा।

सोमवार, 26 अक्टूबर को 12 जिलों — तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड — में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। गौरतलब है कि यह चेतावनी शृंखला संकेत देती है कि मानसून का यह दौर कम से कम सप्ताहांत भर सक्रिय रहेगा।

आपदा प्रबंधन की अपील और सावधानियाँ

केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) ने भूस्खलन-संभावित क्षेत्रों और अचानक बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में रहने वाले लोगों से अधिकारियों के निर्देश के अनुसार सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। नदियों के किनारे और बाँधों के निचले क्षेत्रों में रहने वालों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

आम जनता को भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और चेतावनी हटने तक झरनों, जलाशयों और पहाड़ी क्षेत्रों की यात्राएँ स्थगित रखने को कहा गया है। नदियों और अन्य जल स्रोतों में नहाने, मछली पकड़ने या किसी भी जल-आधारित गतिविधि से भी परहेज़ करने की हिदायत दी गई है।

वाहन चालकों से जलाशयों के पास और मरम्मत कार्य वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने का आग्रह किया गया है। तेज़ हवाओं के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों, होर्डिंग्स और कमज़ोर दीवारों से दूर रहने की भी सलाह जारी की गई है।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब अक्टूबर में उत्तर-पूर्व मानसून के सक्रिय होने से केरल में वर्षा की तीव्रता बढ़ती है और वायनाड जैसे ज़िले — जो पहले से भूस्खलन की दृष्टि से संवेदनशील हैं — विशेष जोखिम में रहते हैं। IMD की चेतावनियों के मद्देनज़र राज्य प्रशासन की निगरानी अगले 72 घंटे अत्यंत निर्णायक रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार चेतावनी का दायरा — एक साथ 10 जिले और रविवार तक 12 — असाधारण है। वायनाड, इडुक्की जैसे ज़िले जो 2018 और 2019 की भीषण बाढ़ और हाल के भूस्खलन के ज़ख्म अभी भी नहीं भूले, इस सूची में फिर शामिल हैं — यह संयोग नहीं, बल्कि एक पैटर्न है। असली सवाल यह है कि चेतावनी जारी करना पर्याप्त है या नहीं — राहत तंत्र की पूर्व-तैनाती, लोगों की समय पर निकासी और संचार अवसंरचना की मज़बूती ही वास्तविक जाँच है।
RashtraPress
24 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल में ऑरेंज अलर्ट का क्या मतलब है?
ऑरेंज अलर्ट का अर्थ है कि संबंधित जिले में 24 घंटे में 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। यह येलो अलर्ट से अधिक गंभीर स्तर है और इसमें प्रशासन को सतर्क रहने तथा नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।
23 अक्टूबर को केरल के किन जिलों में ऑरेंज अलर्ट है?
शुक्रवार, 23 अक्टूबर को तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड — कुल 10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट प्रभावी है।
केरल में यह बारिश की चेतावनी कितने दिनों तक रहेगी?
IMD की चेतावनी अगले तीन दिनों — शुक्रवार से रविवार तक — के लिए जारी की गई है। सोमवार, 26 अक्टूबर को 12 जिलों में येलो अलर्ट बना रहेगा, यानी प्रभाव सोमवार तक जारी रह सकता है।
KSDMA ने नागरिकों को क्या सलाह दी है?
केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भूस्खलन-संभावित और बाढ़-प्रवण क्षेत्रों के लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने, नदियों-जलाशयों के पास न जाने और भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। झरनों व पहाड़ी क्षेत्रों की यात्राएँ भी चेतावनी हटने तक स्थगित रखने को कहा गया है।
वायनाड और इडुक्की जैसे संवेदनशील जिलों के लिए क्या विशेष खतरा है?
वायनाड और इडुक्की पहाड़ी और भूस्खलन-संभावित जिले हैं, जो अत्यधिक वर्षा के दौरान भूस्खलन और अचानक बाढ़ के उच्च जोखिम में रहते हैं। दोनों जिले शुक्रवार के ऑरेंज अलर्ट में शामिल हैं और रविवार के 12-जिला अलर्ट में भी इनका नाम है।
राष्ट्र प्रेस
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