केरल में उत्तर-पूर्वी मानसून की दस्तक, चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट; अगले 24 घंटे भारी
सारांश
मुख्य बातें
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 14 अक्टूबर 2026 को केरल में उत्तर-पूर्वी मानसून के आगमन की पुष्टि करते हुए चार जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक अत्यधिक भारी वर्षा होने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, तेज हवाओं, गरज और बिजली गिरने के साथ अचानक बारिश भी हो सकती है।
किन जिलों में कौन सा अलर्ट
पथानामथिट्टा, कोट्टायम, एर्नाकुलम और इडुक्की — इन चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है, जिसका अर्थ है कि यहाँ 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक की अत्यधिक भारी बारिश संभव है।
इसके अलावा, तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलाप्पुझा, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड — आठ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 64.5 मिमी से 115.5 मिमी तक भारी बारिश की संभावना है। केवल कासरगोड और कन्नूर ऐसे जिले हैं जहाँ फिलहाल कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
शुक्रवार को उत्तरी केरल में और बढ़ेगी बारिश
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि शुक्रवार, 15 अक्टूबर को उत्तरी केरल में बारिश की तीव्रता में और वृद्धि हो सकती है। पहाड़ी जिलों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। मौसम में तेज़ी से बदलाव को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
उत्तर-पूर्वी मानसून का महत्व
उत्तर-पूर्वी मानसून का मौसम सामान्यतः अक्टूबर से दिसंबर तक रहता है और यह दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत के लिए वर्षा का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। गौरतलब है कि केरल में दक्षिण-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी मानसून — दोनों ऋतुओं में वर्षा होती है, हालाँकि उत्तर-पूर्वी मानसून का राज्य की वार्षिक वर्षा में योगदान दक्षिण-पश्चिमी मानसून की तुलना में आमतौर पर कम रहता है। तमिलनाडु और दक्षिण भारत के आसपास के क्षेत्रों के लिए यह मानसून और भी अधिक निर्णायक भूमिका निभाता है।
आम जनता के लिए एहतियाती सलाह
मौसम विभाग ने नागरिकों को गरज-बिजली के दौरान अकेले पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की हिदायत दी है। खुले क्षेत्रों, जलाशयों और नदी-तटीय स्थानों से दूरी बनाए रखने की भी सलाह है। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को भूस्खलन के प्रति विशेष सतर्कता बरतनी होगी।
अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे आधिकारिक मौसम बुलेटिन और आपदा प्रबंधन अधिकारियों के निर्देशों का पालन करते रहें। स्थिति में बदलाव के साथ अलर्ट अपडेट होने की संभावना है।