3 अगस्त 2026
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केरल में बाढ़-भूस्खलन का कहर: 11 की मौत, 7,674 लोग राहत शिविरों में; CM सतीशन ने बुलाई आपातकालीन बैठक

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केरल में बाढ़-भूस्खलन का कहर: 11 की मौत, 7,674 लोग राहत शिविरों में; CM सतीशन ने बुलाई आपातकालीन बैठक

सारांश

केरल में मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर 2018 की विभीषिका की याद दिला दी है। 11 मौतें, 7,674 विस्थापित, मूझियार बांध रेड अलर्ट पर — और 5 अगस्त से भारी बारिश का एक और दौर आने की चेतावनी। CM सतीशन ने आपात बैठक बुलाकर राज्य की आपदा प्रतिक्रिया को युद्धस्तर पर सक्रिय किया।

मुख्य बातें

केरल में 3 अगस्त 2026 तक बाढ़ और भूस्खलन से 11 लोगों की मौत की पुष्टि।
7,674 लोग राज्यभर के 273 राहत शिविरों में विस्थापित; पथानामथिट्टा में 75 , कोट्टायम में 64 शिविर।
मूझियार बांध का जलस्तर रेड अलर्ट स्तर 190 मीटर पर; अधिकतम क्षमता 192.63 मीटर पर शटर खुलने की चेतावनी।
IMD ने सभी 14 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी; 5 अगस्त से भारी बारिश के नए दौर की चेतावनी।
30 घर पूरी तरह नष्ट , 293 घरों को आंशिक नुकसान; मछली पकड़ने और जल-पर्यटन पर प्रतिबंध।
सतीशन ने उच्चस्तरीय आपातकालीन बैठक बुलाकर बचाव और राहत अभियान की समीक्षा की।

केरल में 3 अगस्त 2026 को लगातार मूसलाधार बारिश के चलते राज्यव्यापी बाढ़ और भूस्खलन की गंभीर स्थिति बन गई है — 11 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, 7,674 विस्थापित नागरिक राज्य भर के 273 राहत शिविरों में शरण ले रहे हैं, और मूझियार बांध का जलस्तर रेड अलर्ट स्तर तक पहुँच गया है। मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने सोमवार को जिला कलेक्टरों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय आपातकालीन बैठक बुलाई, जिसमें बचाव अभियान और राहत कार्यों की समीक्षा की गई।

आपातकालीन बैठक में क्या हुआ

मुख्यमंत्री सतीशन की अध्यक्षता में हुई इस हाई-लेवल ऑनलाइन बैठक में गृह मंत्री, राजस्व मंत्री, सभी जिलों के प्रभारी मंत्री, मुख्य सचिव और जिला कलेक्टर शामिल हुए। बैठक में राज्यभर में बारिश की स्थिति, राहत शिविरों के संचालन, बचाव अभियानों की प्रगति और एहतियाती उपायों की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने आपदा प्रतिक्रिया तंत्र को और मज़बूत करने के लिए आगे के निर्देश जारी किए।

मौसम विभाग की चेतावनी और बारिश का कारण

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को केरल के सभी 14 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और तेज हवाओं तथा आँधी-तूफान के साथ भारी बारिश की चेतावनी दी है। IMD के अनुसार, बारिश का यह दौर दक्षिण गुजरात तट से लेकर उत्तर केरल तट तक फैले एक तटीय गर्त की वजह से आया है। मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि 5 अगस्त से भारी बारिश का एक और दौर शुरू होने की संभावना है।

मूझियार बांध और नदियों का खतरनाक जलस्तर

सबसे बड़ी चिंता मूझियार बांध को लेकर है, जहाँ जलग्रहण क्षेत्र में अत्यधिक बारिश के कारण जलाशय का स्तर रेड अलर्ट सीमा यानी 190 मीटर तक पहुँच गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जलस्तर अधिकतम क्षमता 192.63 मीटर तक पहुँचा, तो बांध के शटर खोलकर पानी कक्काट्टार नदी में छोड़ा जाएगा, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ेगा। पम्बा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है, जिसके चलते पथानामथिट्टा जिले के रानी और कोझेनचेरी तालुकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है। कक्काट्टार और पम्बा नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को नदियों के पास न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।

नुकसान और राहत कार्यों की स्थिति

सरकारी आँकड़ों के अनुसार, 30 घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं और 293 घरों को आंशिक नुकसान पहुँचा है। 7,674 लोगों को 273 राहत शिविरों में रखा गया है — इनमें पथानामथिट्टा में 75, कोट्टायम में 64 और कोझिकोड में 36 शिविर शामिल हैं। हालाँकि, कुछ शिविरों से बुनियादी सुविधाओं और साफ-सफाई की कमी की शिकायतें भी सामने आई हैं। समुद्र में प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण केरल के तट पर मछली पकड़ने और जल-पर्यटन गतिविधियों पर पाबंदी लगा दी गई है।

2018 की बाढ़ की यादें और आगे की चुनौती

यह ऐसे समय में आया है जब केरल अभी तक 2018 की विनाशकारी बाढ़ की मनोवैज्ञानिक और बुनियादी ढाँचागत छाप से पूरी तरह उबरा नहीं है। गौरतलब है कि वायनाड में कुछ राहत मिली है, जबकि मलप्पुरम में रुक-रुक कर बारिश जारी है। थमारासेरी घाट पास और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पाबंदियाँ लागू हैं, और कोझिकोड शहर में भारी जलभराव की समस्या बनी हुई है। आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा मौसम प्रणाली, पानी से भरे जलग्रहण क्षेत्र और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अत्यधिक सतर्कता जरूरी है — भले ही मौसम वैज्ञानिक 2018 जैसी अभूतपूर्व स्थिति की सीधी पुनरावृत्ति की आशंका अभी नहीं जता रहे।

संपादकीय दृष्टिकोण

आपदाओं की पुनरावृत्ति की रफ्तार से धीमी रही है। राहत शिविरों में बुनियादी सुविधाओं की कमी की शिकायतें यह भी उजागर करती हैं कि प्रतिक्रिया-तंत्र अभी भी प्रतिक्रियात्मक है, निवारक नहीं। असली सवाल यह है कि क्या केरल 2018 के बाद बनाई गई आपदा-पूर्व तैयारी की नीतियाँ ज़मीन पर उतरी हैं, या वे केवल कागज़ों पर हैं।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

केरल में बाढ़ की मौजूदा स्थिति कितनी गंभीर है?
3 अगस्त 2026 तक केरल में बाढ़ और भूस्खलन से 11 लोगों की मौत हो चुकी है और 7,674 लोग 273 राहत शिविरों में विस्थापित हैं। 30 घर पूरी तरह नष्ट और 293 घरों को आंशिक नुकसान पहुँचा है।
मूझियार बांध को लेकर इतनी चिंता क्यों है?
मूझियार बांध का जलस्तर रेड अलर्ट सीमा 190 मीटर तक पहुँच गया है, जबकि इसकी अधिकतम क्षमता 192.63 मीटर है। यदि जलस्तर अधिकतम सीमा पार करता है, तो बांध के शटर खोलने होंगे, जिससे कक्काट्टार नदी के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ जाएगा।
IMD ने केरल के लिए क्या चेतावनी जारी की है?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को केरल के सभी 14 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि 5 अगस्त से भारी बारिश का एक और दौर शुरू हो सकता है।
मुख्यमंत्री सतीशन की आपातकालीन बैठक में क्या निर्णय हुए?
मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय ऑनलाइन बैठक में गृह मंत्री, राजस्व मंत्री, जिला कलेक्टर और मुख्य सचिव शामिल हुए। बैठक में बचाव कार्यों, राहत शिविरों और एहतियाती उपायों की समीक्षा की गई और आपदा प्रतिक्रिया को मज़बूत करने के निर्देश जारी किए गए।
क्या 2026 की यह बाढ़ 2018 जैसी विनाशकारी हो सकती है?
आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, मौजूदा मौसम प्रणाली, भरे हुए जलग्रहण क्षेत्र और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए अत्यधिक सतर्कता जरूरी है। हालाँकि मौसम वैज्ञानिक अभी 2018 जैसी अभूतपूर्व बाढ़ की सीधी पुनरावृत्ति की आशंका नहीं जता रहे, लेकिन 5 अगस्त से भारी बारिश के नए दौर की चेतावनी ने चिंता बढ़ा दी है।
राष्ट्र प्रेस
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