20 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एसआईआर नोटिस विवाद: चुनाव आयोग ने दी सफाई, पूर्व आयुक्त एस.एस. संधू का नाम 11 नवंबर की अंतिम मतदाता सूची में होगा शामिल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एसआईआर नोटिस विवाद: चुनाव आयोग ने दी सफाई, पूर्व आयुक्त एस.एस. संधू का नाम 11 नवंबर की अंतिम मतदाता सूची में होगा शामिल

सारांश

चुनाव आयोग ने पूर्व आयुक्त एस.एस. संधू को जारी SIR नोटिस पर भ्रम दूर किया — दस्तावेज़ सत्यापित हो चुके हैं और उनका नाम 11 नवंबर को दिल्ली कैंट की अंतिम मतदाता सूची में शामिल होगा। सोशल मीडिया पर फैली भ्रामक जानकारी के बाद आयोग को यह स्पष्टीकरण जारी करना पड़ा।

मुख्य बातें

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 20 सितंबर 2026 को पूर्व चुनाव आयुक्त एस.एस.
संधू के SIR नोटिस पर आधिकारिक सफाई दी।
संधू के दस्तावेज़ सत्यापित; उनका नाम विधानसभा क्षेत्र-38 (दिल्ली कैंट) की अंतिम मतदाता सूची में 11 नवंबर 2026 को शामिल होगा।
प्रविष्टि को 'नाम में विसंगति' श्रेणी में चिन्हित किया गया था — यह एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है।
SIR नोटिसों का निस्तारण BLO सत्यापन के बाद 29 अक्टूबर 2026 तक होगा।
आयोग ने सोशल मीडिया पर फैली भ्रामक जानकारी को खारिज करते हुए पारदर्शी प्रक्रिया का आश्वासन दिया।

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 20 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि पूर्व चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू को जारी किए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) नोटिस को लेकर सोशल मीडिया पर फैली जानकारी भ्रामक थी। आयोग ने कहा कि संधू द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेज़ों और तथ्यों का सत्यापन पूरा कर लिया गया है और उनका नाम 11 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।

मुख्य घटनाक्रम

चुनाव आयोग ने रविवार को जारी आधिकारिक बयान में बताया कि एस.एस. संधू की मतदाता प्रविष्टि विधानसभा क्षेत्र-38 (दिल्ली कैंट) में अंतिम सूची के लिए पहले ही सत्यापित की जा चुकी है। यह क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची 11 नवंबर 2026 को प्रकाशित होगी।

आयोग के अनुसार, 2026 की विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान संधू की प्रविष्टि को 'नाम में विसंगति' श्रेणी में चिन्हित किया गया था। यह वर्गीकरण एन्यूमरेशन फॉर्म में दी गई जानकारी और पिछली मतदाता सूची के डेटा के मिलान के आधार पर किया गया था।

नोटिस जारी करने की प्रक्रिया

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि SIR के तहत उन सभी मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाते हैं जिनकी प्रविष्टियों का पिछली सूची से तार्किक मिलान नहीं हो पाता या जिनमें किसी प्रकार की विसंगति पाई जाती है। यह एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है, न कि किसी विशेष व्यक्ति को लक्षित करने वाली कार्रवाई।

गौरतलब है कि आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि न्यायपालिका के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों, संवैधानिक पदाधिकारियों तथा कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल और लोक सेवा से जुड़ी प्रमुख हस्तियों के नाम, यदि डेटाबेस में चिन्हित हुए हों, तो उन्हें भी ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल कर दावा-आपत्ति अवधि के दौरान दस्तावेज़ प्राप्त किए जाते हैं।

नोटिस का निस्तारण और समयसीमा

आयोग के अनुसार नोटिस मिलने पर संबंधित मतदाता निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के समक्ष आवश्यक दस्तावेज़ जमा कर सकते हैं। बूथ लेवल अधिकारी (BLO) द्वारा सत्यापन के बाद इन नोटिसों का निस्तारण 29 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा।

यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली समेत कई राज्यों में मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया जोरों पर है और सोशल मीडिया पर इसको लेकर तरह-तरह की अटकलें चल रही थीं।

आयोग का उद्देश्य

चुनाव आयोग ने दोहराया कि उसका मुख्य लक्ष्य पारदर्शी, सहभागी और समावेशी मतदाता सूची पुनरीक्षण सुनिश्चित करना है। इसके तहत कोई भी पात्र नागरिक सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति उसमें शामिल न हो — यही आयोग की प्राथमिकता है।

आगे 11 नवंबर 2026 को विधानसभा क्षेत्र-38 (दिल्ली कैंट) की अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ यह विवाद औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगा और एस.एस. संधू की मतदाता पहचान बहाल हो जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन जब एक पूर्व चुनाव आयुक्त को ही 'विसंगति' वाली श्रेणी में डाला जाता है, तो यह सवाल उठता है कि क्या आयोग की आंतरिक डेटा-मिलान प्रणाली संवेदनशील मामलों में पर्याप्त रूप से परिष्कृत है। इससे भी बड़ी बात यह है कि जब तक आयोग ने स्पष्टीकरण जारी किया, तब तक सोशल मीडिया पर आख्यान पहले ही आकार ले चुका था — जो चुनावी संस्था की संचार रणनीति की सीमाओं को रेखांकित करता है।
RashtraPress
20 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पूर्व चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू को SIR नोटिस क्यों जारी किया गया था?
2026 की विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान उनकी प्रविष्टि को 'नाम में विसंगति' श्रेणी में चिन्हित किया गया था। यह वर्गीकरण एन्यूमरेशन फॉर्म की जानकारी और पिछली मतदाता सूची के मिलान के आधार पर हुआ, जो एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है।
क्या एस.एस. संधू का नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल होगा?
हाँ, चुनाव आयोग ने पुष्टि की है कि उनके दस्तावेज़ सत्यापित हो चुके हैं और उनका नाम विधानसभा क्षेत्र-38 (दिल्ली कैंट) की अंतिम मतदाता सूची में 11 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली सूची में शामिल किया जाएगा।
SIR नोटिस मिलने पर मतदाता को क्या करना चाहिए?
SIR नोटिस मिलने पर संबंधित मतदाता निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के समक्ष आवश्यक दस्तावेज़ जमा कर सकते हैं। बूथ लेवल अधिकारी (BLO) द्वारा सत्यापन के बाद इन नोटिसों का निस्तारण 29 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने इस मामले में सफाई क्यों देनी पड़ी?
आयोग के अनुसार, सोशल मीडिया पर इस नोटिस को लेकर भ्रामक जानकारी प्रसारित हो रही थी। इसी भ्रम को दूर करने के लिए आयोग ने 20 सितंबर 2026 को आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया।
SIR प्रक्रिया में प्रमुख हस्तियों के नाम कैसे संभाले जाते हैं?
चुनाव आयोग ने बताया कि न्यायपालिका के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों, संवैधानिक पदाधिकारियों और अन्य प्रमुख हस्तियों के नाम यदि डेटाबेस में चिन्हित होते हैं, तो उन्हें ड्राफ्ट सूची में शामिल कर दावा-आपत्ति अवधि के दौरान दस्तावेज़ माँगे जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले