एसआईआर नोटिस विवाद: चुनाव आयोग ने दी सफाई, पूर्व आयुक्त एस.एस. संधू का नाम 11 नवंबर की अंतिम मतदाता सूची में होगा शामिल
सारांश
मुख्य बातें
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 20 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि पूर्व चुनाव आयुक्त एस.एस. संधू को जारी किए गए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) नोटिस को लेकर सोशल मीडिया पर फैली जानकारी भ्रामक थी। आयोग ने कहा कि संधू द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेज़ों और तथ्यों का सत्यापन पूरा कर लिया गया है और उनका नाम 11 नवंबर 2026 को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में शामिल किया जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
चुनाव आयोग ने रविवार को जारी आधिकारिक बयान में बताया कि एस.एस. संधू की मतदाता प्रविष्टि विधानसभा क्षेत्र-38 (दिल्ली कैंट) में अंतिम सूची के लिए पहले ही सत्यापित की जा चुकी है। यह क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची 11 नवंबर 2026 को प्रकाशित होगी।
आयोग के अनुसार, 2026 की विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान संधू की प्रविष्टि को 'नाम में विसंगति' श्रेणी में चिन्हित किया गया था। यह वर्गीकरण एन्यूमरेशन फॉर्म में दी गई जानकारी और पिछली मतदाता सूची के डेटा के मिलान के आधार पर किया गया था।
नोटिस जारी करने की प्रक्रिया
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि SIR के तहत उन सभी मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाते हैं जिनकी प्रविष्टियों का पिछली सूची से तार्किक मिलान नहीं हो पाता या जिनमें किसी प्रकार की विसंगति पाई जाती है। यह एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है, न कि किसी विशेष व्यक्ति को लक्षित करने वाली कार्रवाई।
गौरतलब है कि आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि न्यायपालिका के सदस्यों, जनप्रतिनिधियों, संवैधानिक पदाधिकारियों तथा कला, संस्कृति, पत्रकारिता, खेल और लोक सेवा से जुड़ी प्रमुख हस्तियों के नाम, यदि डेटाबेस में चिन्हित हुए हों, तो उन्हें भी ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल कर दावा-आपत्ति अवधि के दौरान दस्तावेज़ प्राप्त किए जाते हैं।
नोटिस का निस्तारण और समयसीमा
आयोग के अनुसार नोटिस मिलने पर संबंधित मतदाता निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के समक्ष आवश्यक दस्तावेज़ जमा कर सकते हैं। बूथ लेवल अधिकारी (BLO) द्वारा सत्यापन के बाद इन नोटिसों का निस्तारण 29 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा।
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली समेत कई राज्यों में मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया जोरों पर है और सोशल मीडिया पर इसको लेकर तरह-तरह की अटकलें चल रही थीं।
आयोग का उद्देश्य
चुनाव आयोग ने दोहराया कि उसका मुख्य लक्ष्य पारदर्शी, सहभागी और समावेशी मतदाता सूची पुनरीक्षण सुनिश्चित करना है। इसके तहत कोई भी पात्र नागरिक सूची से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति उसमें शामिल न हो — यही आयोग की प्राथमिकता है।
आगे 11 नवंबर 2026 को विधानसभा क्षेत्र-38 (दिल्ली कैंट) की अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ यह विवाद औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगा और एस.एस. संधू की मतदाता पहचान बहाल हो जाएगी।