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कर्नाटक में 43.8 लाख मतदाताओं को नोटिस, 24 अगस्त को जारी होगी वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट

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कर्नाटक में 43.8 लाख मतदाताओं को नोटिस, 24 अगस्त को जारी होगी वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट

सारांश

कर्नाटक में चुनाव आयोग ने SIR के दूसरे चरण में 43.8 लाख संदिग्ध या अधूरे रिकॉर्ड वाले मतदाताओं को नोटिस भेजने का फैसला किया है। 24 अगस्त को ड्राफ्ट सूची जारी होगी और 27 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची — जो अगले चुनाव का आधार बनेगी।

मुख्य बातें

चुनाव आयोग कर्नाटक में SIR के दूसरे चरण में 43.8 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजेगा।
नोटिस और निपटारे की प्रक्रिया 24 अगस्त 2026 से शुरू होगी; उसी दिन वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट प्रकाशित होगा।
कुल 5.54 करोड़ मतदाताओं की मैपिंग हुई; 1.07 करोड़ को SDDO श्रेणी में रखा गया।
20.35 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में विसंगतियाँ और 23.45 लाख 'नो-मैपिंग' श्रेणी में।
प्रक्रिया 22 अक्टूबर 2026 तक चलेगी; अंतिम सूची 27 अक्टूबर 2026 को जारी होगी।

चुनाव आयोग ने कर्नाटक में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे चरण के तहत 43.8 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजने का निर्णय लिया है। 24 अगस्त 2026 से नोटिस एवं निपटारे की प्रक्रिया शुरू होगी और उसी दिन वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट भी सार्वजनिक किया जाएगा। यह पूरी कवायद कर्नाटक की मतदाता सूची को त्रुटिरहित और अद्यतन बनाने के लक्ष्य से की जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार इस अभ्यास के अंतर्गत कर्नाटक में कुल 5.54 करोड़ मतदाताओं की मैपिंग की गई है। इनमें से 1.07 करोड़ मतदाताओं को ड्राफ्ट सूची से बाहर रखा गया है और उन्हें SDDO (संबंधित हटाई गई सूची) श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है। यह वह श्रेणी है जिसमें उन मतदाताओं के नाम होते हैं जो मृत, अनुपस्थित या स्थानांतरित पाए गए हैं।

शेष 4.46 करोड़ मतदाता सक्रिय (एक्टिव) श्रेणी में हैं। इनमें से 20.35 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में विसंगतियाँ पाई गई हैं, जबकि 23.45 लाख मतदाता 'नो-मैपिंग' श्रेणी में हैं। चुनाव आयोग इन दोनों समूहों — यानी कुल 43.8 लाख मतदाताओं — को नोटिस जारी करेगा।

प्रक्रिया और समयसीमा

नोटिस और निपटारे की यह प्रक्रिया 24 अगस्त 2026 से प्रारंभ होकर 22 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची 27 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। जिन मतदाताओं को नोटिस भेजा जाएगा, उन्हें निर्धारित अवधि में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर अपनी प्रविष्टि की पुष्टि करानी होगी, अन्यथा उनका नाम अंतिम सूची से बाहर हो सकता है।

SDDO श्रेणी क्या है

निर्वाचन प्रक्रिया में SDDO (Supplementary Deleted/Doubtful/Others) श्रेणी उन मतदाताओं से संबंधित है जिनके नाम सूची से हटाए जाने या संशोधित किए जाने के लिए चिह्नित किए जाते हैं। यह तब होता है जब मतदाता मृत पाए जाते हैं, दीर्घकाल से अनुपस्थित हों, या किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित हो गए हों। गौरतलब है कि यह वर्गीकरण मतदाता सूची की शुद्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

आम मतदाताओं पर असर

जिन 43.8 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजा जाएगा, उनके लिए यह जरूरी है कि वे समय पर प्रतिक्रिया दें। यदि रिकॉर्ड में गड़बड़ी है या जानकारी अधूरी है, तो संबंधित दस्तावेज जमा कर अपनी एंट्री को अंतिम सूची में शामिल कराया जा सकता है। SIR के बाद जारी होने वाली अंतिम मतदाता सूची ही आगामी चुनावों का आधार बनेगी, इसलिए समय पर कार्रवाई आवश्यक है।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में चल रही हैं। 27 अक्टूबर 2026 को जारी होने वाली अंतिम सूची तय करेगी कि राज्य के कितने नागरिक मताधिकार का उपयोग कर पाएंगे। चुनाव आयोग का स्पष्ट उद्देश्य है कि सूची में न कोई फर्जी नाम हो और न ही कोई वास्तविक मतदाता छूटे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इतने बड़े पैमाने पर नोटिस का जवाब देने की क्षमता क्या आम मतदाता के पास है। ग्रामीण और वंचित तबके के मतदाताओं के लिए दस्तावेज जुटाना और समय पर प्रतिक्रिया देना अक्सर चुनौतीपूर्ण साबित होता है, जिससे वैध नाम भी सूची से बाहर हो सकते हैं। SIR की मंशा भले ही सूची को शुद्ध करना हो, पर बिना व्यापक जन-जागरण अभियान के यह प्रक्रिया उन्हीं को नुकसान पहुँचा सकती है जिनकी आवाज़ पहले से कमज़ोर है।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में 43.8 लाख मतदाताओं को नोटिस क्यों भेजा जा रहा है?
चुनाव आयोग के SIR अभ्यास में 20.35 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में विसंगतियाँ और 23.45 लाख मतदाता 'नो-मैपिंग' श्रेणी में पाए गए हैं। इन दोनों समूहों को नोटिस भेजा जाएगा ताकि वे दस्तावेज देकर अपनी प्रविष्टि की पुष्टि करा सकें।
कर्नाटक वोटर लिस्ट ड्राफ्ट कब जारी होगा?
वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट 24 अगस्त 2026 को प्रकाशित किया जाएगा। इसी दिन से नोटिस और निपटारे की प्रक्रिया भी शुरू होगी, जो 22 अक्टूबर 2026 तक चलेगी।
अंतिम मतदाता सूची कब जारी होगी और इसका क्या महत्त्व है?
अंतिम मतदाता सूची 27 अक्टूबर 2026 को जारी होगी। यही सूची कर्नाटक में आगामी चुनावों का आधार बनेगी, इसलिए जिनका नाम इसमें नहीं होगा वे मतदान नहीं कर पाएंगे।
SDDO श्रेणी में रखे गए 1.07 करोड़ मतदाताओं का क्या होगा?
SDDO श्रेणी उन मतदाताओं से संबंधित है जो मृत, अनुपस्थित या स्थानांतरित पाए गए हैं। इन्हें ड्राफ्ट सूची से बाहर रखा गया है और इनके नाम अंतिम सूची में शामिल नहीं होंगे जब तक कि वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी स्थिति स्पष्ट न करें।
नोटिस पाने वाले मतदाताओं को क्या करना होगा?
नोटिस प्राप्त मतदाताओं को 22 अक्टूबर 2026 तक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर अपनी जानकारी सही करानी होगी। समय पर प्रतिक्रिया न देने पर उनका नाम अंतिम वोटर लिस्ट से बाहर हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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