18 अगस्त 2026
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कर्नाटक एसआईआर 2026: 1.07 करोड़ मतदाता एएसडीडीओ श्रेणी में चिह्नित, 80.52% के ईएफ डिजिटाइज़

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कर्नाटक एसआईआर 2026: 1.07 करोड़ मतदाता एएसडीडीओ श्रेणी में चिह्नित, 80.52% के ईएफ डिजिटाइज़

सारांश

कर्नाटक में मतदाता सूची की सफाई का बड़ा अभियान: एसआईआर 2026 के तहत 1.07 करोड़ से अधिक मतदाता एएसडीडीओ श्रेणी में — जिनमें 65 लाख से ज़्यादा स्थानांतरित और 16 लाख मृत घोषित। सीईओ कार्यालय ने सूची राजनीतिक दलों को सौंपी; गलत चिह्नित मतदाता बीएलओ के ज़रिए रोलबैक माँग सकते हैं।

मुख्य बातें

कर्नाटक के सीईओ कार्यालय ने 18 अगस्त 2026 को बताया कि एसआईआर के तहत 1,07,96,415 मतदाता (19.48%) एएसडीडीओ श्रेणी में चिह्नित।
65,45,721 मतदाता (11.81%) स्थायी रूप से स्थानांतरित; 16,39,871 (2.96%) मृत घोषित।
कुल 5,54,32,314 एन्यूमरेशन फॉर्म डिजिटाइज़ — यानी 100% कवरेज; 4,46,35,899 (80.52%) सक्रिय मतदाताओं के ईएफ डिजिटाइज़।
7,13,077 मतदाताओं (1.29%) ने फॉर्म ऑनलाइन जमा किए।
एएसडीडीओ सूची राजनीतिक दलों को सौंपी गई; गलत चिह्नित मतदाता बीएलओ/ईआरओ के ज़रिए रोलबैक माँग सकते हैं।
बीबीएमपी/जीबीए क्षेत्रों में नए पंजीकरण के लिए लगभग 10 लाख 'फॉर्म 6' वितरित।

कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने 18 अगस्त 2026 को बताया कि राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत 1,07,96,415 मतदाताओं — यानी कुल मतदाताओं के 19.48 प्रतिशत — को एएसडीडीओ (पहले ही शिफ्ट हो चुके, मृत, डुप्लिकेट या अन्य) श्रेणी में चिह्नित किया गया है। साथ ही, 4,46,35,899 मतदाताओं (80.52 प्रतिशत) के एन्यूमरेशन फॉर्म (ईएफ) डिजिटाइज़ किए जा चुके हैं।

मुख्य आँकड़े और श्रेणियाँ

16 जून 2026 तक कर्नाटक में कुल 5,54,32,314 मतदाता पंजीकृत थे। इन्हीं के आधार पर घर-घर जाकर गणना और डिजिटाइज़ेशन का कार्य 30 जून से 17 अगस्त 2026 के बीच संपन्न हुआ।

एएसडीडीओ श्रेणी में चिह्नित 1.07 करोड़ मतदाताओं का विवरण इस प्रकार है: 65,45,721 मतदाताओं (11.81 प्रतिशत) को स्थायी रूप से स्थानांतरित, 16,39,871 (2.96 प्रतिशत) को मृत, 15,17,056 (2.74 प्रतिशत) को अनुपस्थित या अज्ञात पते वाले, 7,09,875 (1.28 प्रतिशत) को पहले से नामांकित, तथा 3,83,892 (0.69 प्रतिशत) को 'अन्य' श्रेणी में रखा गया है।

डिजिटाइज़ेशन की स्थिति

सीईओ कार्यालय के अनुसार, सभी 5,54,32,314 एन्यूमरेशन फॉर्म बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) को मुद्रित करके वितरित किए गए, जिससे 100 प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित हुई। एएसडीडीओ-चिह्नित मतदाताओं के फॉर्म भी डिजिटाइज़ेशन की गणना में शामिल हैं, फलस्वरूप कुल डिजिटाइज़ ईएफ की संख्या 5,54,32,314 अर्थात 100 प्रतिशत हो गई है। इसके अतिरिक्त, 7,13,077 मतदाताओं (1.29 प्रतिशत) ने अपने एन्यूमरेशन फॉर्म ऑनलाइन माध्यम से जमा किए हैं।

राजनीतिक दलों और बीएलओ को सूची उपलब्ध

सीईओ कार्यालय ने एएसडीडीओ-चिह्नित मतदाताओं की सूची सभी राजनीतिक दलों को सौंप दी है। यह सूची सत्यापन हेतु संबंधित बीएलओ के पास भी उपलब्ध है। गौरतलब है कि एसआईआर-2026 के अंतर्गत एएसडीडीओ (यूईएफ) मतदाताओं की पूरी सूची सीईओ कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी सार्वजनिक की गई है।

आम मतदाताओं पर असर और शिकायत प्रक्रिया

जो मतदाता मानते हैं कि उन्हें गलत तरीके से एएसडीडीओ श्रेणी में डाला गया है, वे संबंधित बीएलओ या इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ईआरओ) के माध्यम से अपने एन्यूमरेशन फॉर्म को वापस लेने (रोलबैक) का अनुरोध कर सकते हैं। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि वैध मतदाता इस प्रक्रिया में अनावश्यक रूप से प्रभावित न हों।

बीबीएमपी/जीबीए क्षेत्रों में नए मतदाता पंजीकरण को सुगम बनाने के लिए लगभग 10 लाख 'फॉर्म 6' आवेदन मुद्रित करके संबंधित ईआरओ को वितरित किए गए हैं। यह कदम उन नागरिकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जो मतदाता सूची में अपना नाम पहली बार दर्ज कराना चाहते हैं।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ धीरे-धीरे शुरू हो रही हैं और मतदाता सूची की शुद्धता पर सभी दलों की नज़र है। एसआईआर प्रक्रिया के पूर्ण होने के बाद संशोधित मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जो आगामी चुनावों का आधार बनेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि अतीत में वैध मतदाता भी इस तरह की सफाई अभियानों में सूची से बाहर हो चुके हैं। राजनीतिक दलों को सूची सौंपना एक सकारात्मक कदम है, लेकिन बिना स्वतंत्र सत्यापन तंत्र के यह प्रक्रिया विवादों को आमंत्रण दे सकती है। आगामी चुनावों से पहले मतदाता सूची की विश्वसनीयता सुनिश्चित करना लोकतंत्र की बुनियादी ज़रूरत है।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक एसआईआर 2026 में एएसडीडीओ श्रेणी क्या है?
एएसडीडीओ का अर्थ है — पहले ही शिफ्ट हो चुके (Already Shifted), मृत (Dead), डुप्लिकेट (Duplicate) या अन्य (Others) मतदाता। कर्नाटक के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 में ऐसे 1,07,96,415 मतदाताओं को इस श्रेणी में चिह्नित किया गया है, जो कुल मतदाताओं का 19.48 प्रतिशत है।
अगर किसी मतदाता को गलत तरीके से एएसडीडीओ में डाला गया हो तो वे क्या करें?
ऐसे मतदाता अपने संबंधित बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) या इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ईआरओ) से संपर्क करके अपने एन्यूमरेशन फॉर्म को वापस लेने (रोलबैक) का अनुरोध कर सकते हैं। एएसडीडीओ-चिह्नित मतदाताओं की सूची सीईओ कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।
कर्नाटक में एसआईआर के तहत घर-घर गणना कब हुई?
घर-घर जाकर गणना और डिजिटाइज़ेशन का कार्य 30 जून से 17 अगस्त 2026 के बीच पूरा किया गया। इस प्रक्रिया का आधार 16 जून 2026 तक पंजीकृत 5,54,32,314 मतदाताओं की सूची थी।
एसआईआर की एएसडीडीओ सूची राजनीतिक दलों को क्यों दी गई?
सीईओ कार्यालय ने पारदर्शिता और स्वतंत्र सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए यह सूची सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई है। इससे दल अपने स्तर पर जाँच कर सकते हैं कि कोई वैध मतदाता गलती से इस श्रेणी में तो नहीं आ गया।
बीबीएमपी/जीबीए क्षेत्रों में नए मतदाता पंजीकरण कैसे करें?
बीबीएमपी और जीबीए क्षेत्रों में नए मतदाता पंजीकरण के लिए लगभग 10 लाख 'फॉर्म 6' आवेदन मुद्रित करके संबंधित ईआरओ को वितरित किए गए हैं। इच्छुक नागरिक इन फॉर्म के ज़रिए अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करा सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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