कर्नाटक एसआईआर 2026: 1.08 करोड़ मतदाता एएसडीडीओ में चिह्नित, आज ईएफ जमा करने की अंतिम तारीख
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 का घर-घर गणना चरण 17 अगस्त 2026 को समाप्त हो गया। कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 1,08,31,945 मतदाताओं — यानी कुल मतदाताओं का 19.54 प्रतिशत — को एएसडीडीओ (Already Shifted/Dead/Duplicate/Others) श्रेणी में चिह्नित किया गया है। गणना फॉर्म (ईएफ) जमा करने की समय सीमा भी आज समाप्त हो रही है।
मुख्य आंकड़े और डिजिटल प्रक्रिया
16 जून 2026 तक कर्नाटक की मतदाता सूची में कुल 5,54,32,314 मतदाता पंजीकृत थे। 30 जून से 17 अगस्त 2026 के बीच चली गणना प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल किया गया। सभी 5,54,32,314 गणना फॉर्म प्रिंट कर बूथ-स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) को वितरित किए गए थे, जिनमें से 4,46,00,369 ईएफ यानी 80.46 प्रतिशत को डिजिटल रूप में दर्ज किया जा चुका है। इसके अलावा, 7,11,712 मतदाताओं (1.28 प्रतिशत) ने अपने गणना फॉर्म ऑनलाइन जमा किए।
एएसडीडीओ श्रेणी का विस्तृत विवरण
एएसडीडीओ के तहत चिह्नित 1,08,31,945 मतदाताओं का वर्गीकरण इस प्रकार है: 65,61,607 (11.84 प्रतिशत) स्थायी रूप से अन्यत्र चले गए हैं, 16,38,839 (2.96 प्रतिशत) की मृत्यु हो चुकी है, 15,28,985 (2.76 प्रतिशत) का पता नहीं चल सका या वे अनुपस्थित रहे, 7,07,792 (1.28 प्रतिशत) पहले से अन्यत्र पंजीकृत पाए गए, और 3,94,722 (0.71 प्रतिशत) को 'अन्य' श्रेणी में रखा गया है। स्थायी रूप से प्रवासित मतदाता इस श्रेणी का सबसे बड़ा हिस्सा हैं।
गलत चिह्नांकन पर सुधार का प्रावधान
सीईओ कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं को गलत तरीके से एएसडीडीओ में चिह्नित किया गया है, वे अपनी स्थिति सुधरवा सकते हैं। 17 अगस्त 2026 तक संबंधित बीएलओ या निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) से संपर्क कर इसे ठीक कराया जा सकता है। एएसडीडीओ सूची राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई गई है और सीईओ की आधिकारिक वेबसाइट पर भी देखी जा सकती है।
सिविल सोसाइटी की आपत्तियाँ
सोमवार को सिविल सोसाइटी संगठनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधान सौधा, बेंगलुरु में कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा। अभिनेता प्रकाश राज के नेतृत्व में पहुंचे इस दल ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया से योग्य मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटाए जा सकते हैं, और दावा किया कि कर्नाटक में देशभर में सबसे अधिक मतदाता सूची से नाम हटाने की घटनाएं हो रही हैं।
आगे क्या होगा
घर-घर गणना चरण पूरा होने के बाद चुनाव अधिकारी एसआईआर के अगले चरणों की ओर बढ़ेंगे, जिसमें ड्राफ्ट मतदाता सूची का प्रकाशन और उसके बाद दावे एवं आपत्तियों की प्रक्रिया शामिल है। यह प्रक्रिया यह तय करेगी कि एएसडीडीओ में चिह्नित मतदाताओं में से कितनों के नाम अंततः सूची से हटाए जाएंगे।