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कर्नाटक एसआईआर अभियान: पहले दिन 291 मृत और 116 स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान, 12.48 लाख फॉर्म वितरित

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कर्नाटक एसआईआर अभियान: पहले दिन 291 मृत और 116 स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान, 12.48 लाख फॉर्म वितरित

सारांश

कर्नाटक के एसआईआर अभियान का पहला दिन कई अहम खुलासे लेकर आया — 291 मृत और 116 स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान, 12.48 लाख फॉर्म वितरित। 7 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची।

मुख्य बातें

कर्नाटक में एसआईआर अभियान के पहले दिन 30 जून 2026 को 12.48 लाख से अधिक एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित किए गए।
पहले दिन 291 मृत और 116 स्थायी रूप से शिफ्ट हो चुके मतदाताओं की पहचान हुई।
47,817 फॉर्म डिजिटल किए गए; 6,840 मतदाताओं ने ऑनलाइन फॉर्म जमा किए।
राज्य में कुल 5,54,32,314 पंजीकृत मतदाता हैं; 91.61% की मैपिंग पहले ही पूरी।
घर-घर सर्वेक्षण 29 जुलाई तक; अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को जारी होगी।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सदाशिवनगर आवास पर स्वयं फॉर्म भरकर अभियान की शुरुआत की।

कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) अभियान के पहले दिन — 30 जून 2026 — राज्यभर में 12.48 लाख से अधिक एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित किए गए, जो राज्य के कुल 5.54 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं का 2.25 प्रतिशत है। कर्नाटक मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने मंगलवार को जारी अपने दैनिक प्रेस वक्तव्य में यह जानकारी दी।

पहले दिन की मुख्य पहचान

अभियान के पहले ही दिन 291 मृत मतदाताओं और 116 स्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके मतदाताओं की पहचान की गई। इसके अलावा 77 ऐसे मतदाता मिले जिनका नाम पहले से किसी अन्य स्थान पर भी दर्ज था। 2 मामलों को 'अन्य' श्रेणी में रखा गया, जबकि बूथ लेवल अधिकारियों ने एएसडीडीओ श्रेणी के तहत 488 मामलों की अलग से पहचान की। 2 मतदाताओं से संपर्क नहीं हो सका क्योंकि वे घर पर उपलब्ध नहीं थे।

डिजिटलीकरण की प्रगति

फील्ड कार्य के साथ-साथ भरे हुए एन्यूमरेशन फॉर्मों को डिजिटल करने का काम भी पहले दिन से शुरू हो गया। 47,817 फॉर्म डिजिटल किए गए, जो कुल पंजीकृत मतदाताओं का 0.09 प्रतिशत है। इसके अतिरिक्त, 6,840 मतदाताओं ने अपने फॉर्म ऑनलाइन जमा किए, जो कुल मतदाताओं का 0.01 प्रतिशत है। गौरतलब है कि अभियान की तैयारी के तहत 91.61 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पहले ही पूरी की जा चुकी थी।

अभियान का ढाँचा और समयसीमा

16 जून 2026 तक कर्नाटक में 5,54,32,314 पंजीकृत मतदाता हैं, जो सभी इस संशोधन अभियान के दायरे में हैं। बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) द्वारा घर-घर जाकर फॉर्म वितरण और डिजिटलीकरण का कार्य 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक चलेगा। 5 अगस्त को मतदाता सूची का मसौदा जारी किया जाएगा, जिसके बाद 4 सितंबर तक दावे और आपत्तियाँ दर्ज कराई जा सकेंगी। अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।

मुख्यमंत्री और著名 हस्तियों की भागीदारी

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को सदाशिवनगर स्थित अपने आवास पर स्वयं एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर अभियान की प्रतीकात्मक शुरुआत की। उन्होंने सभी योग्य मतदाताओं से अपील की कि वे अपने मतदान अधिकारों की सुरक्षा के लिए इस प्रक्रिया को समय पर पूरा करें और इस बात पर जोर दिया कि सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए मतदाता पंजीकरण आवश्यक है।

बुकर पुरस्कार विजेता कन्नड़ लेखिका बानू मुश्ताक ने भी अभियान में भाग लिया और इसे 'एक सरल और सीधी प्रक्रिया' बताया। उन्होंने कहा कि उनके व्यक्तिगत अनुभव ने यह आशंका निर्मूल कर दी कि यह अभियान नागरिकों को परेशान करने के लिए शुरू किया गया था। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे एन्यूमरेशन प्रक्रिया के दौरान जनता का धैर्यपूर्वक मार्गदर्शन करें।

आगे क्या होगा

यह अभियान ऐसे समय में आया है जब मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज है। सीईओ कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि पहले दिन की पहचान प्रारंभिक है और आने वाले हफ्तों में यह संख्या बढ़ने की संभावना है। अभियान की सफलता काफी हद तक बीएलओ की पहुँच और मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पहले दिन के आँकड़े — 5.54 करोड़ में से महज 12.48 लाख फॉर्म यानी 2.25% — यह भी बताते हैं कि असली चुनौती अभी बाकी है। मृत और स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान स्वागतयोग्य है, पर सवाल यह है कि जो मतदाता घर पर नहीं मिले या जिनसे संपर्क नहीं हो सका, उनके साथ क्या होगा — क्या उन्हें सूची से हटाने से पहले पर्याप्त अवसर मिलेगा? डिजिटल फॉर्म जमा करने की दर (0.01%) दर्शाती है कि डिजिटल भागीदारी अभी भी नाममात्र है, जो ग्रामीण और वृद्ध मतदाताओं के लिए पहुँच की बड़ी चुनौती उजागर करती है।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक एसआईआर अभियान क्या है?
एसआईआर यानी 'विशेष गहन संशोधन' एक चुनाव आयोग की प्रक्रिया है जिसके तहत बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाता सूची को अद्यतन करते हैं — मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट नाम हटाए जाते हैं और नए योग्य मतदाता जोड़े जाते हैं। कर्नाटक में यह अभियान 30 जून 2026 को शुरू हुआ और 29 जुलाई तक चलेगा।
कर्नाटक की अंतिम मतदाता सूची कब जारी होगी?
मतदाता सूची का मसौदा 5 अगस्त 2026 को जारी किया जाएगा। इसके बाद 4 सितंबर तक दावे और आपत्तियाँ दर्ज कराई जा सकेंगी और अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी।
एसआईआर अभियान में एन्यूमरेशन फॉर्म कैसे जमा करें?
मतदाता बूथ लेवल अधिकारी को घर पर आने पर भरा हुआ फॉर्म सौंप सकते हैं या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से डिजिटल रूप से जमा कर सकते हैं। पहले दिन 6,840 मतदाताओं ने ऑनलाइन फॉर्म जमा किए।
क्या एसआईआर से कोई मतदाता सूची से बाहर हो सकता है?
अभियान का उद्देश्य मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट नामों को हटाना और योग्य नए मतदाताओं को जोड़ना है। जो मतदाता फॉर्म नहीं भर पाते, वे 4 सितंबर तक मसौदा सूची पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने एसआईआर अभियान में क्या भूमिका निभाई?
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने 30 जून को सदाशिवनगर स्थित अपने आवास पर स्वयं एन्यूमरेशन फॉर्म भरकर अभियान की प्रतीकात्मक शुरुआत की और सभी योग्य मतदाताओं से समय पर फॉर्म भरने की अपील की।
राष्ट्र प्रेस
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