कर्नाटक एसआईआर: पाँच दिनों में 2.78 करोड़ एन्यूमरेशन फॉर्म बाँटे, 50.19% लक्ष्य पूरा
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान ने शुरुआती पाँच दिनों में ही उल्लेखनीय रफ्तार पकड़ ली है। कर्नाटक मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय द्वारा जारी ताज़ा आँकड़ों के अनुसार, राज्यभर में 2,78,21,970 एन्यूमरेशन फॉर्म (ईएफ) वितरित किए जा चुके हैं, जो कुल पंजीकृत मतदाताओं का 50.19 प्रतिशत है। यह घर-घर सत्यापन अभियान 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक चलाया जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम
सीईओ कार्यालय के आँकड़ों के अनुसार, 6,352 पोलिंग स्टेशनों (10.76 प्रतिशत) ने एन्यूमरेशन फॉर्म का शत-प्रतिशत वितरण पूरा कर लिया है। इसके अतिरिक्त, 5,538 पोलिंग स्टेशनों (9.38 प्रतिशत) ने 90 प्रतिशत से अधिक वितरण पूरा किया है। डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया भी साथ-साथ चल रही है — अब तक 17,88,330 फॉर्म डिजिटल किए जा चुके हैं, जो कुल मतदाताओं का 3.23 प्रतिशत है।
77,624 मतदाताओं (0.14 प्रतिशत) ने अपने एन्यूमरेशन फॉर्म ऑनलाइन जमा किए हैं, जो डिजिटल भागीदारी की शुरुआती स्वीकार्यता का संकेत देता है।
एएसडीडीओ श्रेणी में 28,611 मतदाताओं की पहचान
सत्यापन प्रक्रिया के दौरान बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) ने एएसडीडीओ (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लिकेट) श्रेणी के तहत 28,611 मतदाताओं की पहचान की है। इनमें 433 मतदाता अनुपस्थित या नहीं मिल पाए, 11,697 मतदाता स्थायी रूप से अन्यत्र चले गए, 13,859 मतदाताओं के मृत होने की सूचना मिली, 2,461 मतदाता पहले से कहीं और पंजीकृत पाए गए, और 161 मामले अन्य कारणों की श्रेणी में रखे गए।
16 जून 2026 की मतदाता सूची के अनुसार, कर्नाटक में कुल 5,54,32,314 पंजीकृत मतदाता हैं। बूथ स्तरीय अधिकारियों को एन्यूमरेशन फॉर्म मुद्रित करके दिए गए हैं।
राजनीतिक विरोध और आरोप
केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने शनिवार को एसआईआर प्रक्रिया की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में विश्वसनीयता की कमी है और माँग की कि पूरी प्रक्रिया को रद्द किया जाए। गौरतलब है कि कुमारस्वामी की यह आलोचना ऐसे समय में आई है जब राज्य में विपक्षी दलों की नज़र मतदाता सूची की शुद्धता पर टिकी है।
कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (BJP) इकाई ने राज्य चुनाव आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी ने माँग की है कि जिन क्षेत्रों में गड़बड़ियाँ सामने आ रही हैं, वहाँ मतदाता सूची का नया एसआईआर कराया जाए।
एसआईआर का उद्देश्य और आगे की प्रक्रिया
चुनाव आयोग संशोधित मतदाता सूची जारी करने से पहले घर-घर गणना और एन्यूमरेशन फॉर्म की डिजिटल प्रोसेसिंग के ज़रिए सूची को सत्यापित और अद्यतन कर रहा है। यह प्रक्रिया मतदाता सूची की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग (ECI) द्वारा अपनाई गई एक मानक पद्धति है, जिसमें फर्ज़ी, मृत और स्थानांतरित मतदाताओं को सूची से हटाया जाता है।
अभियान 29 जुलाई 2026 तक जारी रहेगा, और डिजिटाइजेशन की गति बढ़ने के साथ आँकड़ों में तेज़ी से बदलाव आने की संभावना है।