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कर्नाटक एसआईआर: 3.96 करोड़ मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित, 71.53% लक्ष्य पूरा

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कर्नाटक एसआईआर: 3.96 करोड़ मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित, 71.53% लक्ष्य पूरा

सारांश

कर्नाटक में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन की रफ्तार तेज — 3.96 करोड़ से अधिक प्रपत्र वितरित, 14,194 केंद्रों पर 100% काम पूरा। साथ ही भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री शिवकुमार पर प्रक्रिया बाधित करने का आरोप लगाया है।

मुख्य बातें

कर्नाटक एसआईआर के तहत 3,96,48,190 गणना प्रपत्र वितरित — कुल मतदाताओं का 71.53 प्रतिशत ।
16 जून 2026 तक राज्य में कुल 5,54,32,314 पंजीकृत मतदाता दर्ज।
14,194 मतदान केंद्रों (24.04%) पर 100% वितरण; 11,554 केंद्रों पर 90% से अधिक।
अब तक 33,69,178 प्रपत्रों का डिजिटलीकरण — कुल का 6.08 प्रतिशत ।
सत्यापन में 73,510 मतदाता एएसडीडीओ श्रेणी में — जिनमें 31,366 मृत और 35,348 स्थानांतरित ।
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी व एचडी कुमारस्वामी ने CM डीके शिवकुमार पर एसआईआर बाधित करने का आरोप लगाया।

कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने सोमवार, 6 जुलाई 2026 को जानकारी दी कि राज्य में चल रहे विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर) के तहत अब तक 3,96,48,190 गणना प्रपत्र मतदाताओं को वितरित किए जा चुके हैं, जो कुल पंजीकृत मतदाताओं का 71.53 प्रतिशत है। 16 जून 2026 तक कर्नाटक की मतदाता सूची में कुल 5,54,32,314 पंजीकृत मतदाता दर्ज थे।

मुख्य घटनाक्रम

गणना प्रपत्र मुद्रित कर बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) को सौंपे गए हैं, जो घर-घर जाकर सत्यापन कार्य कर रहे हैं। 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक घर-घर जनगणना और प्रपत्रों का डिजिटलीकरण एक साथ चलाया जा रहा है।

राज्य के कुल मतदान केंद्रों में से 24.04 प्रतिशत यानी 14,194 मतदान केंद्रों पर गणना प्रपत्रों का 100 प्रतिशत वितरण पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त 11,554 मतदान केंद्रों (19.57 प्रतिशत) पर 90 प्रतिशत से अधिक वितरण दर्ज किया गया है।

डिजिटलीकरण की स्थिति

डिजिटलीकरण के मोर्चे पर अब तक 33,69,178 प्रपत्रों का डिजिटलीकरण हो चुका है, जो कुल मतदाताओं का 6.08 प्रतिशत है। केवल 2 मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत और 26 मतदान केंद्रों पर 90 प्रतिशत से अधिक डिजिटलीकरण पूरा हुआ है।

चुनाव आयोग ने गणना प्रपत्रों को ऑनलाइन जमा करने की सुविधा भी शुरू की है। अब तक 1,24,734 मतदाताओं (कुल का 0.23 प्रतिशत) ने ऑनलाइन माध्यम से अपने प्रपत्र जमा किए हैं।

सत्यापन में सामने आए तथ्य

क्षेत्र सत्यापन के दौरान कुल 73,510 मतदाताओं को एएसडीडीओ (अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत) श्रेणी के अंतर्गत चिह्नित किया गया है। इनमें 1,085 मतदाता लापता या अनुपस्थित पाए गए, 35,348 मतदाताओं ने अपना स्थायी निवास बदल लिया था, 31,366 मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी थी, और 5,366 मतदाता पहले से किसी अन्य स्थान पर पंजीकृत थे।

राजनीतिक विवाद

गौरतलब है कि केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और एचडी कुमारस्वामी ने सोमवार को कर्नाटक सरकार और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर राज्य में चल रहे एसआईआर को बाधित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। यह आरोप ऐसे समय में आया है जब मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया अपने निर्धारित समय-सीमा के मध्य में है।

आगे क्या होगा

सीईओ कार्यालय ने जिलावार विस्तृत रिपोर्ट भी जारी की है। वितरण और डिजिटलीकरण का कार्य 29 जुलाई 2026 तक पूरा किया जाना है, जिसके बाद संशोधित मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन डिजिटलीकरण केवल 6.08 प्रतिशत पर अटका होना एक गंभीर असंतुलन है — यदि यह अंतर 29 जुलाई की समय-सीमा तक नहीं पाटा गया, तो डेटा की विश्वसनीयता पर सवाल उठेंगे। 73,510 मतदाताओं का एएसडीडीओ श्रेणी में आना मतदाता सूची की गुणवत्ता की पुरानी समस्या को फिर उजागर करता है। भाजपा नेताओं के आरोप राजनीतिक हैं, लेकिन यह सवाल जायज़ है कि राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीच समन्वय कितना पारदर्शी है — खासकर तब जब मतदाता सूची संशोधन सीधे लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व को प्रभावित करता है।
RashtraPress
7 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक का विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर) क्या है?
एसआईआर चुनाव आयोग द्वारा संचालित एक प्रक्रिया है जिसमें बूथ स्तरीय अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी सत्यापित करते हैं और मतदाता सूची को अद्यतन करते हैं। कर्नाटक में यह अभ्यास 30 जून से 29 जुलाई 2026 तक चलाया जा रहा है।
कर्नाटक एसआईआर में अब तक कितने प्रपत्र वितरित हुए हैं?
6 जुलाई 2026 तक 3,96,48,190 गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं, जो राज्य के कुल 5,54,32,314 पंजीकृत मतदाताओं का 71.53 प्रतिशत है। 14,194 मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत वितरण पूरा हो चुका है।
एसआईआर के दौरान कितने मतदाता मृत या स्थानांतरित पाए गए?
सत्यापन में कुल 73,510 मतदाताओं को एएसडीडीओ श्रेणी में रखा गया है। इनमें 31,366 मतदाताओं की मृत्यु, 35,348 का स्थायी स्थानांतरण, 1,085 लापता और 5,366 अन्यत्र पंजीकृत पाए गए।
भाजपा नेताओं ने कर्नाटक सरकार पर क्या आरोप लगाए हैं?
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और एचडी कुमारस्वामी ने सोमवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व में कर्नाटक सरकार एसआईआर प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास कर रही है। राज्य सरकार की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
कर्नाटक एसआईआर की समय-सीमा क्या है और आगे क्या होगा?
घर-घर जनगणना और प्रपत्रों का डिजिटलीकरण 29 जुलाई 2026 तक पूरा किया जाना है। इसके बाद संशोधित मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जिसमें सत्यापन के आधार पर मृत, स्थानांतरित और नए मतदाताओं की प्रविष्टियाँ अद्यतन होंगी।
राष्ट्र प्रेस
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