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कर्नाटक एसआईआर: बोम्मई की अधिकारियों से अपील — राजनीतिक दबाव के बिना करें मतदाता सूची पुनरीक्षण

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कर्नाटक एसआईआर: बोम्मई की अधिकारियों से अपील — राजनीतिक दबाव के बिना करें मतदाता सूची पुनरीक्षण

सारांश

कर्नाटक में एसआईआर शुरू होते ही BJP सांसद बसवराज बोम्मई ने अधिकारियों से राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर काम करने की अपील की। पहले दिन 12.48 लाख प्रपत्र वितरित हुए और 291 मृत व 116 स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान हुई — लेकिन असली सवाल यह है कि क्या प्रक्रिया निष्पक्ष रहेगी।

मुख्य बातें

बसवराज बोम्मई ने 1 जुलाई 2026 को एसआईआर अधिकारियों से राजनीतिक दबाव से मुक्त रहकर कार्य करने की अपील की।
कथित तौर पर खबरें आई हैं कि कुछ अधिकारियों को कर्नाटक सरकार और कांग्रेस के दबाव में काम करने के निर्देश दिए गए थे।
एसआईआर के पहले दिन 12.48 लाख गणना प्रपत्र वितरित, 5.54 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं का 2.25% कवर।
पहले दिन 291 मृत , 116 स्थानांतरित और 77 दोहरे पंजीकृत मतदाताओं की पहचान।
बोम्मई ने चुनाव आयोग से सतर्कता टीमों को सख्त निर्देश और सार्वजनिक आदेश जारी करने की माँग की।

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद बसवराज बोम्मई ने बुधवार, 1 जुलाई को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में तैनात अधिकारियों से आग्रह किया कि वे पूर्णतः निष्पक्ष रहें और किसी भी राजनीतिक दबाव के सामने न झुकें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि न तो कोई अयोग्य व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल होना चाहिए और न ही कोई पात्र मतदाता उससे बाहर होना चाहिए।

बोम्मई की मुख्य माँगें

बोम्मई ने एक बयान में कहा कि एसआईआर प्रक्रिया मंगलवार, 30 जून को राज्यभर में गणना प्रपत्रों के वितरण के साथ आरंभ हुई। उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि कुछ खबरों में आरोप लगाया गया है कि मतदाता सूची संशोधन के दौरान अधिकारियों को कर्नाटक सरकार और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के दबाव में काम करने के निर्देश दिए गए थे।

उन्होंने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों, उपायुक्तों, चुनाव अधिकारियों, पंचायत विकास अधिकारियों (PDO) और राजस्व विभाग के अधिकारियों से अपील की कि वे अपने दायित्वों का निर्वाह पूरी तरह निष्पक्षता से करें।

चुनाव आयोग से सख्त निर्देश की माँग

बोम्मई ने चुनाव आयोग (ECI) से आग्रह किया कि प्रत्येक जिले में गठित सतर्कता टीमों को पुनरीक्षण प्रक्रिया की बारीकी से निगरानी के लिए सख्त निर्देश जारी किए जाएँ। उन्होंने यह भी माँग की कि आयोग एक स्पष्ट सार्वजनिक निर्देश जारी करे, जिसमें दोहराया जाए कि एसआईआर में शामिल सभी अधिकारी स्वतंत्र रूप से और बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के कार्य करें।

यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक BJP ने एक दिन पहले कांग्रेस के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर एसआईआर प्रक्रिया में बाधा डालने का आरोप लगाया था।

एसआईआर के पहले दिन के आँकड़े

कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के अनुसार, पहले दिन राज्यभर में 12.48 लाख से अधिक गणना प्रपत्र वितरित किए गए, जो राज्य के 5.54 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं के 2.25 प्रतिशत को कवर करते हैं।

पहले दिन की पहचान में 291 मृत मतदाता, 116 स्थानांतरित मतदाता और 77 ऐसे व्यक्ति सामने आए जो पहले से कहीं और पंजीकृत थे। 2 मामले अन्य श्रेणी में रखे गए।

डिजिटलीकरण की प्रगति

फील्ड वर्क के साथ-साथ भरे हुए प्रपत्रों का डिजिटलीकरण भी प्रारंभ हो गया। पहले दिन 47,817 प्रपत्रों का डिजिटलीकरण किया गया, जो कुल मतदाताओं का 0.09 प्रतिशत है। इसके अतिरिक्त, 6,840 मतदाताओं ने अपने प्रपत्र ऑनलाइन जमा किए, जो कुल का 0.01 प्रतिशत है। एसआईआर की शुरुआत बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLO) द्वारा घर-घर जाकर पात्र मतदाताओं को प्रपत्र वितरित करने से हुई।

आगे की राह

बोम्मई ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची संशोधन की विश्वसनीयता बनाए रखना मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए अपरिहार्य है। अब सभी की निगाहें चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और राज्य में एसआईआर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी राज्य सरकार के अधिकारियों की भागीदारी हमेशा राजनीतिक संदेह का कारण बनती है। असली कसौटी यह है कि क्या चुनाव आयोग इन आरोपों की स्वतंत्र जाँच करेगा या बयानबाज़ी तक सीमित रहेगा। पहले दिन के आँकड़े प्रक्रिया की व्यापकता दर्शाते हैं, लेकिन निष्पक्षता का सवाल अभी भी खुला है।
RashtraPress
1 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है?
एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण एक चुनावी प्रक्रिया है जिसमें बूथ स्तरीय अधिकारी घर-घर जाकर मतदाता सूची की सटीकता सुनिश्चित करते हैं। इसका उद्देश्य अयोग्य, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं को सूची से हटाना और पात्र नागरिकों को जोड़ना है।
बसवराज बोम्मई ने एसआईआर पर चिंता क्यों जताई?
बोम्मई ने कहा कि कुछ रिपोर्टों में आरोप है कि कर्नाटक सरकार और कांग्रेस के दबाव में अधिकारियों को काम करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता के लिए खतरा बताया।
एसआईआर के पहले दिन कितने प्रपत्र वितरित हुए?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, पहले दिन कर्नाटक में 12.48 लाख से अधिक गणना प्रपत्र वितरित किए गए, जो राज्य के 5.54 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं का 2.25 प्रतिशत है।
पहले दिन कितने मृत और स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान हुई?
पहले दिन 291 मृत मतदाताओं और 116 स्थानांतरित मतदाताओं की पहचान की गई। इसके अलावा 77 ऐसे व्यक्ति मिले जो पहले से कहीं और पंजीकृत थे, और 2 मामले अन्य श्रेणी में रखे गए।
बोम्मई ने चुनाव आयोग से क्या माँग की?
बोम्मई ने चुनाव आयोग से माँग की कि प्रत्येक जिले की सतर्कता टीमों को सख्त निर्देश दिए जाएँ और एक स्पष्ट सार्वजनिक आदेश जारी किया जाए जिसमें कहा जाए कि एसआईआर के सभी अधिकारी बिना किसी राजनीतिक हस्तक्षेप के स्वतंत्र रूप से कार्य करें।
राष्ट्र प्रेस
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