एसआईआर में 50 लाख वोटर हटाने की साज़िश? कर्नाटक कांग्रेस का भाजपा पर बड़ा आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने 7 जुलाई 2025 को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि भाजपा मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में हेरफेर कर कर्नाटक के लगभग 50 लाख वैध मतदाताओं को सूची से बाहर करने की कोशिश कर रही है। हरिप्रसाद ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा इस अभियान में केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी को महज एक 'राजनीतिक मोहरे' के रूप में इस्तेमाल कर रही है।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम
हरिप्रसाद की यह प्रतिक्रिया उस दिन आई जब केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और एच.डी. कुमारस्वामी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष कांग्रेस पर मतदाता गणना प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। हरिप्रसाद ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कर्नाटक में लगभग 5.65 लाख मतदाताओं की मैपिंग पहले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन इस प्रक्रिया की आड़ में 50 लाख असली मतदाताओं को सूची से बाहर करने की कोशिश की जा रही है।
हरिप्रसाद ने कुमारस्वामी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह समझ से परे है कि दो बार मुख्यमंत्री रह चुका एक वरिष्ठ नेता किस परिस्थिति में इस भूमिका तक पहुँच गया। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कुमारस्वामी ने अतीत में स्वयं प्रल्हाद जोशी के बारे में कई आलोचनात्मक टिप्पणियाँ की थीं।
भाजपा पर क्षेत्रीय दलों को कमज़ोर करने का आरोप
हरिप्रसाद ने एक व्यापक राजनीतिक पैटर्न की ओर इशारा करते हुए दावा किया कि भाजपा ने पहले शिवसेना, शिरोमणि अकाली दल, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और जनता दल (यूनाइटेड) जैसी क्षेत्रीय पार्टियों को कमज़ोर किया। अब कर्नाटक में वह जनता दल (सेक्युलर) के साथ अपने गठबंधन का उपयोग कांग्रेस को निशाना बनाने के लिए कर रही है। आलोचकों का कहना है कि यह रणनीति भाजपा की उस व्यापक कोशिश का हिस्सा है जिसमें वह विपक्षी दलों को सीधे मुकाबले की जगह सहयोगियों के ज़रिए घेरती है।
रामनगर उपचुनाव का हवाला
हरिप्रसाद ने भाजपा के कथित 'बांग्लादेशी मतदाता' वाले आरोप पर पलटवार करते हुए एक तीखा सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि जब केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी की पत्नी अनीता कुमारस्वामी ने रामनगर उपचुनाव में एक लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की थी, तो क्या उस समय रामनगर में कथित अवैध नागरिक नहीं थे? यह सवाल भाजपा के उस तर्क को चुनौती देता है जिसमें वह एसआईआर को अवैध मतदाताओं की पहचान के लिए ज़रूरी बता रही है।
सीएए-एनआरसी से एसआईआर तक का सफर
हरिप्रसाद ने आरोप लगाया कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) अभियान के बाद भाजपा ने अपना ध्यान विशेष गहन पुनरीक्षण पर केंद्रित कर लिया है। उन्होंने कहा कि संविधान में निर्वाचक नामावली तैयार करने की प्रक्रिया स्पष्ट रूप से निर्धारित है और किसी भी प्रकार की लापरवाही की जाँच चुनाव आयोग करेगा। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा रहा है।
भाजपा और आरएसएस पर चुनावी इतिहास का आरोप
हरिप्रसाद ने यह भी दावा किया कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का चुनावी अनियमितताओं का इतिहास रहा है और आरोप लगाया कि उन्होंने मृत व्यक्तियों के नाम पर मतदान कराने में 'महारत' हासिल कर ली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने कभी भी अवैध तरीकों से चुनाव जीतने या सरकार बनाने की कोशिश नहीं की। गौरतलब है कि ये सभी आरोप अभी राजनीतिक बयानबाज़ी के दायरे में हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आने वाले दिनों में चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और एसआईआर प्रक्रिया का अंतिम परिणाम इस विवाद की दिशा तय करेगा।