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एसआईआर में 50 लाख वोटर हटाने की साज़िश? कर्नाटक कांग्रेस का भाजपा पर बड़ा आरोप

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एसआईआर में 50 लाख वोटर हटाने की साज़िश? कर्नाटक कांग्रेस का भाजपा पर बड़ा आरोप

सारांश

कर्नाटक कांग्रेस ने भाजपा पर एसआईआर की आड़ में 50 लाख वैध मतदाताओं को सूची से बाहर करने का गंभीर आरोप लगाया है। साथ ही, केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी को 'राजनीतिक मोहरा' बताकर भाजपा की क्षेत्रीय दलों को कमज़ोर करने की रणनीति पर भी सवाल उठाए हैं।

मुख्य बातें

कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बी.के.
हरिप्रसाद ने बेंगलुरु में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भाजपा पर एसआईआर में हेरफेर का आरोप लगाया।
दावा किया गया कि 50 लाख वैध मतदाताओं को सूची से बाहर करने की कोशिश हो रही है, जबकि 5.65 लाख मतदाताओं की मैपिंग पहले ही हो चुकी है।
केंद्रीय मंत्री एच.डी.
कुमारस्वामी को भाजपा का 'राजनीतिक मोहरा' बताया गया।
हरिप्रसाद ने रामनगर उपचुनाव का हवाला देते हुए 'बांग्लादेशी मतदाता' वाले तर्क को चुनौती दी।
भाजपा पर CAA-NRC के बाद एसआईआर को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप।

कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद ने 7 जुलाई 2025 को बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि भाजपा मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में हेरफेर कर कर्नाटक के लगभग 50 लाख वैध मतदाताओं को सूची से बाहर करने की कोशिश कर रही है। हरिप्रसाद ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा इस अभियान में केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी को महज एक 'राजनीतिक मोहरे' के रूप में इस्तेमाल कर रही है।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

हरिप्रसाद की यह प्रतिक्रिया उस दिन आई जब केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और एच.डी. कुमारस्वामी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष कांग्रेस पर मतदाता गणना प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। हरिप्रसाद ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कर्नाटक में लगभग 5.65 लाख मतदाताओं की मैपिंग पहले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन इस प्रक्रिया की आड़ में 50 लाख असली मतदाताओं को सूची से बाहर करने की कोशिश की जा रही है।

हरिप्रसाद ने कुमारस्वामी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह समझ से परे है कि दो बार मुख्यमंत्री रह चुका एक वरिष्ठ नेता किस परिस्थिति में इस भूमिका तक पहुँच गया। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कुमारस्वामी ने अतीत में स्वयं प्रल्हाद जोशी के बारे में कई आलोचनात्मक टिप्पणियाँ की थीं।

भाजपा पर क्षेत्रीय दलों को कमज़ोर करने का आरोप

हरिप्रसाद ने एक व्यापक राजनीतिक पैटर्न की ओर इशारा करते हुए दावा किया कि भाजपा ने पहले शिवसेना, शिरोमणि अकाली दल, तृणमूल कांग्रेस (TMC) और जनता दल (यूनाइटेड) जैसी क्षेत्रीय पार्टियों को कमज़ोर किया। अब कर्नाटक में वह जनता दल (सेक्युलर) के साथ अपने गठबंधन का उपयोग कांग्रेस को निशाना बनाने के लिए कर रही है। आलोचकों का कहना है कि यह रणनीति भाजपा की उस व्यापक कोशिश का हिस्सा है जिसमें वह विपक्षी दलों को सीधे मुकाबले की जगह सहयोगियों के ज़रिए घेरती है।

रामनगर उपचुनाव का हवाला

हरिप्रसाद ने भाजपा के कथित 'बांग्लादेशी मतदाता' वाले आरोप पर पलटवार करते हुए एक तीखा सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि जब केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी की पत्नी अनीता कुमारस्वामी ने रामनगर उपचुनाव में एक लाख से अधिक मतों के अंतर से जीत हासिल की थी, तो क्या उस समय रामनगर में कथित अवैध नागरिक नहीं थे? यह सवाल भाजपा के उस तर्क को चुनौती देता है जिसमें वह एसआईआर को अवैध मतदाताओं की पहचान के लिए ज़रूरी बता रही है।

सीएए-एनआरसी से एसआईआर तक का सफर

हरिप्रसाद ने आरोप लगाया कि नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) अभियान के बाद भाजपा ने अपना ध्यान विशेष गहन पुनरीक्षण पर केंद्रित कर लिया है। उन्होंने कहा कि संविधान में निर्वाचक नामावली तैयार करने की प्रक्रिया स्पष्ट रूप से निर्धारित है और किसी भी प्रकार की लापरवाही की जाँच चुनाव आयोग करेगा। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा रहा है।

भाजपा और आरएसएस पर चुनावी इतिहास का आरोप

हरिप्रसाद ने यह भी दावा किया कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का चुनावी अनियमितताओं का इतिहास रहा है और आरोप लगाया कि उन्होंने मृत व्यक्तियों के नाम पर मतदान कराने में 'महारत' हासिल कर ली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस ने कभी भी अवैध तरीकों से चुनाव जीतने या सरकार बनाने की कोशिश नहीं की। गौरतलब है कि ये सभी आरोप अभी राजनीतिक बयानबाज़ी के दायरे में हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आने वाले दिनों में चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और एसआईआर प्रक्रिया का अंतिम परिणाम इस विवाद की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन कांग्रेस खुद इस मुद्दे पर तब तक विश्वसनीय नहीं दिखेगी जब तक वह चुनाव आयोग के समक्ष ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करती। 50 लाख मतदाताओं के हटाए जाने का दावा अत्यंत गंभीर है और इसकी स्वतंत्र सत्यापन की माँग करता है — राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से परे।
RashtraPress
6 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है और यह विवादास्पद क्यों है?
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को अद्यतन करने की एक प्रक्रिया है जिसमें मतदाताओं का सत्यापन किया जाता है। कर्नाटक में यह इसलिए विवादास्पद बन गई है क्योंकि कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया का उपयोग 50 लाख वैध मतदाताओं को सूची से हटाने के लिए किया जा रहा है।
बी.के. हरिप्रसाद ने कुमारस्वामी को 'मोहरा' क्यों कहा?
हरिप्रसाद का आरोप है कि भाजपा सीधे कांग्रेस का सामना करने में असमर्थ है, इसलिए वह अपने सहयोगी दल जनता दल (सेक्युलर) के नेता और केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी को आगे कर कांग्रेस पर निर्वाचन प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगवा रही है। उन्होंने कहा कि दो बार मुख्यमंत्री रहे नेता की यह भूमिका दुर्भाग्यपूर्ण है।
रामनगर उपचुनाव का एसआईआर विवाद से क्या संबंध है?
हरिप्रसाद ने भाजपा के 'बांग्लादेशी मतदाता' वाले तर्क को खारिज करते हुए सवाल उठाया कि जब अनीता कुमारस्वामी ने रामनगर उपचुनाव में एक लाख से अधिक मतों से जीत हासिल की थी, तो उस समय वहाँ कथित अवैध नागरिक क्यों नहीं थे। यह तर्क भाजपा की चुनिंदा आपत्तियों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाता है।
कांग्रेस का भाजपा पर क्षेत्रीय दलों को कमज़ोर करने का क्या आरोप है?
हरिप्रसाद ने दावा किया कि भाजपा ने पहले शिवसेना, शिरोमणि अकाली दल, तृणमूल कांग्रेस और जनता दल (यूनाइटेड) को कमज़ोर किया और अब कर्नाटक में जनता दल (सेक्युलर) के साथ गठबंधन का उपयोग कांग्रेस को निशाना बनाने के लिए कर रही है। यह आरोप भाजपा की राष्ट्रीय गठबंधन रणनीति पर एक व्यापक टिप्पणी है।
इस विवाद में चुनाव आयोग की क्या भूमिका है?
हरिप्रसाद ने स्पष्ट किया कि एसआईआर प्रक्रिया में किसी भी लापरवाही की जाँच चुनाव आयोग करेगा। इससे पहले भाजपा नेताओं ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष कांग्रेस पर आरोप लगाए थे, जिसके जवाब में कांग्रेस ने यह प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
राष्ट्र प्रेस
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