24 अगस्त 2026
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कर्नाटक की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी: 1.08 करोड़ मतदाता ASDDO श्रेणी में चिह्नित

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कर्नाटक की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी: 1.08 करोड़ मतदाता ASDDO श्रेणी में चिह्नित

सारांश

कर्नाटक में 24 अगस्त 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी हुई — और 1.08 करोड़ से अधिक मतदाता ASDDO श्रेणी में चिह्नित हैं। 30 जून से 17 अगस्त तक चले घर-घर सत्यापन अभियान के बाद यह सूची प्रकाशित हुई है, जो राज्य की 5.54 करोड़ की मतदाता संख्या को सटीक बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

मुख्य बातें

24 अगस्त 2026 को कर्नाटक की सभी 224 विधानसभा सीटों की ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई।
SIR प्रक्रिया में 1,07,96,339 मतदाताओं को ASDDO — अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट या अन्य — श्रेणी में चिह्नित किया गया।
16 जून 2026 तक राज्य में कुल 5,54,32,314 पंजीकृत मतदाता थे; 80.52% का डेटा डिजिटाइज़ हो चुका है।
ड्राफ्ट सूची में 2,21,59,240 पुरुष , 2,24,73,864 महिला और 10,871 थर्ड-जेंडर मतदाता शामिल हैं।
राज्य में लगभग 37 लाख युवा (18-19 वर्ष), 55 लाख दिव्यांग और 39 लाख वरिष्ठ (85+ वर्ष) मतदाता हैं।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया: उचित नोटिस और सुनवाई के बिना किसी का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा।

कर्नाटक में 24 अगस्त 2026 को भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के निर्धारित कार्यक्रम के तहत राज्य की सभी 224 विधानसभा सीटों के इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारियों (ERO) ने ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित कर दी। स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के अंतर्गत कुल 1,07,96,339 मतदाताओं को ASDDO — यानी अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट या अन्य — श्रेणी में चिह्नित किया गया है।

मुख्य घटनाक्रम

यह ड्राफ्ट सूची SIR के एन्यूमरेशन चरण के पूरा होने के बाद जारी की गई है। 30 जून से 17 अगस्त 2026 तक बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO) ने घर-घर जाकर सत्यापन का कार्य संपन्न किया। 16 जून 2026 तक राज्य में कुल 5,54,32,314 पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें से 4,46,35,975 मतदाताओं — यानी 80.52 प्रतिशत — का डेटा डिजिटाइज़ किया जा चुका है और उन्होंने अपने एन्यूमरेशन फॉर्म जमा कर दिए हैं।

ASDDO श्रेणी का विवरण

ASDDO के रूप में चिह्नित 1,07,96,339 मतदाताओं को निम्न उप-श्रेणियों में विभाजित किया गया है: 15,17,042 को 'अनुपस्थित', 65,45,679 को 'स्थायी रूप से अन्यत्र स्थानांतरित', 16,39,864 को 'मृत', 7,09,870 को 'पहले से पंजीकृत या डुप्लिकेट' और 3,83,884 को 'अन्य' श्रेणी में रखा गया है।

इन मतदाताओं की बूथ-वार सूचियाँ संबंधित ERO कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित की गई हैं और मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी सुलभ प्रारूप में उपलब्ध हैं। साथ ही, यह सूची मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ-लेवल एजेंटों के साथ भी साझा की गई है।

ड्राफ्ट सूची में मतदाताओं की संरचना

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के अनुसार कर्नाटक में 4,46,35,975 सामान्य मतदाता हैं, जिनमें 2,21,59,240 पुरुष, 2,24,73,864 महिला और 10,871 थर्ड-जेंडर मतदाता शामिल हैं। सेवारत मतदाताओं (44,176) और अनिवासी प्रवासी मतदाताओं (951) को जोड़कर कुल संख्या 4,46,80,151 हो जाती है।

राज्य में 18 से 19 वर्ष आयु के लगभग 37 लाख युवा मतदाता, लगभग 55 लाख दिव्यांग मतदाता और लगभग 39 लाख ऐसे मतदाता हैं जिनकी आयु 85 वर्ष से अधिक है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी की प्रतिक्रिया

मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबु कुमार ने मीडिया को बताया कि घर-घर जाकर गणना का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरा हो गया। उन्होंने कहा कि 30 जून से 17 अगस्त तक चले एन्यूमरेशन कार्यक्रम के बाद 24 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई। उन्होंने इस प्रक्रिया में सहयोग करने वाले मतदाताओं, राजनीतिक दलों, मीडिया संगठनों, सिविल सोसाइटी समूहों और चुनाव अधिकारियों का आभार व्यक्त किया।

अंबु कुमार के अनुसार 55.32 प्रतिशत मतदाताओं ने स्वयं को 'वंशज' के रूप में दर्ज किया है, जबकि शेष ने 'स्वयं' के रूप में पंजीकरण कराया है। लगभग 2,342 लाख मतदाताओं ने पंजीकरण संबंधी विवरण उपलब्ध नहीं कराया है।

आगे की प्रक्रिया और मतदाताओं के अधिकार

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी मतदाता का नाम सूची से हटाने से पहले उसे उचित नोटिस और सुनवाई का अवसर दिया जाएगा। ERO उन मतदाताओं को नोटिस जारी करेंगे जिनका पूर्व SIR डेटा अनुपलब्ध है या मौजूदा डेटाबेस से मेल नहीं खाता। सुनवाई के दौरान मतदाता आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं, जिनकी सूची एन्यूमरेशन फॉर्म के पीछे दी गई है। यह प्रक्रिया राज्य की मतदाता सूची को अद्यतन और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और इसकी पारदर्शिता उतनी ही ज़रूरी है जितनी इसकी सटीकता। चुनाव आयोग का यह आश्वासन कि बिना सुनवाई के कोई नाम नहीं हटेगा, सही दिशा में है, लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या वंचित, प्रवासी और ग्रामीण मतदाता समय पर नोटिस पाकर अपना पक्ष रख पाएंगे। 65 लाख से अधिक मतदाताओं को 'स्थायी रूप से स्थानांतरित' दर्ज करना शहरीकरण और आंतरिक प्रवास की व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाता है — यह सवाल उठाता है कि क्या मतदाता सूची की संरचना इस वास्तविकता के अनुरूप है।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कर्नाटक की ड्राफ्ट मतदाता सूची 2026 क्या है?
यह 24 अगस्त 2026 को ECI के निर्देशानुसार कर्नाटक की 224 विधानसभा सीटों के लिए जारी की गई अनंतिम मतदाता सूची है। इसे SIR के तहत 30 जून से 17 अगस्त तक हुए घर-घर सत्यापन अभियान के आधार पर तैयार किया गया है।
ASDDO श्रेणी में मतदाताओं को क्यों चिह्नित किया गया है?
ASDDO का अर्थ है — अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट या अन्य। BLO द्वारा घर-घर सत्यापन में जो मतदाता इन श्रेणियों में पाए गए, उन्हें चिह्नित किया गया है ताकि मतदाता सूची को अद्यतन और त्रुटिरहित बनाया जा सके।
अगर किसी मतदाता का नाम गलती से ASDDO में आ गया है तो वे क्या करें?
ऐसे मतदाताओं को ERO की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा। वे सुनवाई के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि उचित जाँच और सुनवाई के बिना किसी का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा।
ड्राफ्ट सूची में कर्नाटक में कुल कितने मतदाता हैं?
ड्राफ्ट सूची के अनुसार सामान्य, सेवारत और अनिवासी प्रवासी मतदाताओं को मिलाकर कर्नाटक में कुल 4,46,80,151 मतदाता हैं। इनमें 2,21,59,240 पुरुष, 2,24,73,864 महिला और 10,871 थर्ड-जेंडर मतदाता शामिल हैं।
ASDDO सूची कहाँ देखी जा सकती है?
ASDDO श्रेणी में चिह्नित मतदाताओं की बूथ-वार सूची संबंधित ERO कार्यालयों के नोटिस बोर्ड पर लगाई गई है और मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ-लेवल एजेंटों के साथ भी यह सूची साझा की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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