24 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ट्रंप के 'अप्रत्याशित व्यवहार' से सतर्क था भारत, एवियान बैठक में अपनाई विशेष रणनीति

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ट्रंप के 'अप्रत्याशित व्यवहार' से सतर्क था भारत, एवियान बैठक में अपनाई विशेष रणनीति

सारांश

एवियान जी7 में मोदी-ट्रंप मुलाकात से पहले भारत ने संयुक्त मीडिया इंटरेक्शन से परहेज़ का 'विशेष अनुरोध' किया था। वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि यह ट्रंप के 'अप्रत्याशित व्यवहार' को देखते हुए भारत की मानक सावधानी थी — दक्षिण अफ्रीका और यूक्रेन के साथ उनकी बातचीत इसकी मिसाल है।

मुख्य बातें

18 जून 2026 को फ्रांस के एवियान में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान PM मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की द्विपक्षीय बैठक हुई।
भारत ने ट्रंप के 'अप्रत्याशित व्यवहार' के मद्देनज़र बैठक के बाद संयुक्त मीडिया इंटरेक्शन से बचने का अनुरोध किया था।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की टिप्पणी के बाद भारत सरकार के अधिकारियों ने इसे मानक राजनयिक प्रक्रिया बताया।
दोनों नेताओं ने COMPACT के तहत रक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और व्यापार में प्रगति की समीक्षा की।
अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत में प्रगति पर दोनों पक्षों ने संतोष व्यक्त किया।

भारत सरकार के शीर्ष अधिकारियों ने सोमवार को खुलासा किया कि 18 जून 2026 को फ्रांस के एवियान में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की द्विपक्षीय बैठक में भारत ने जानबूझकर 'सावधानीपूर्ण रुख' अपनाया था। अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय ट्रंप के 'अप्रत्याशित व्यवहार' को ध्यान में रखते हुए लिया गया था।

मामला कैसे सामने आया

यह खुलासा तब हुआ जब अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सप्ताहांत में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत ने दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद मीडिया के साथ किसी भी संयुक्त बातचीत से बचने का 'विशेष अनुरोध' किया था। इस टिप्पणी के बाद मामले से परिचित सरकारी अधिकारियों ने भारत का पक्ष स्पष्ट किया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी वीवीआईपी यात्रा से पहले नेताओं के सार्वजनिक कार्यक्रमों और मीडिया से बातचीत की व्यवस्था को लेकर चर्चा एक सामान्य राजनयिक प्रक्रिया है।

भारत का स्पष्टीकरण

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'इस संबंध में भारतीय पक्ष ने ऐसी यात्राओं के लिए अपनी मानक प्रक्रिया से अमेरिकी पक्ष को अवगत कराया। जब कोई प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी राष्ट्रपति से मिलता है तो उनके अप्रत्याशित व्यवहार को लेकर सतर्क रहता है।'

अधिकारी ने आगे कहा कि दक्षिण अफ्रीका और यूक्रेन के राष्ट्रपतियों के साथ ट्रंप की बातचीत में भी ऐसा व्यवहार देखा गया है। 'यही कारण है कि भारत ने सावधानीपूर्ण रुख अपनाया,' अधिकारी ने कहा।

बैठक में क्या हुआ

18 जून को एवियान में हुई बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को समाप्त करने और क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बहाल करने की दिशा में ट्रंप के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन स्वतंत्रता और निर्बाध वाणिज्यिक गतिविधियों को बनाए रखने के महत्व पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से जारी बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने फरवरी 2025 में वाशिंगटन डीसी में हुई बैठक के बाद से भारत-अमेरिका COMPACT (Catalyzing Opportunities for Military Partnership, Accelerated Commerce and Technology) के तहत हुई महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा की।

द्विपक्षीय संबंधों पर असर

PMO के बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने रक्षा, रणनीतिक प्रौद्योगिकी, ऊर्जा और द्विपक्षीय व्यापार के क्षेत्रों में हुई प्रमुख प्रगति का स्वागत किया। दोनों पक्षों ने अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत में हुई प्रगति पर विशेष संतोष व्यक्त किया और अधिकारियों को जल्द से जल्द संतुलित, पारस्परिक रूप से लाभकारी तथा व्यावसायिक रूप से सार्थक समझौते की दिशा में काम करने का निर्देश दिया।

आगे क्या

दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने तथा सभी क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता एक नाजुक दौर में है और दोनों देश अंतरिम समझौते की दिशा में काम कर रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

असल में एक बड़ी कूटनीतिक सच्चाई को उजागर करता है — भारत अमेरिका के साथ संबंधों को व्यक्तित्व-आधारित जोखिम के रूप में देख रहा है, न कि केवल नीति-आधारित। दक्षिण अफ्रीका और यूक्रेन के राष्ट्रपतियों के साथ ट्रंप की सार्वजनिक झड़पों का हवाला देना यह दर्शाता है कि नई दिल्ली ने इन घटनाओं से सबक लिया है। हालाँकि, यह सावधानी एक दोधारी तलवार भी है — जहाँ यह भारत की परिपक्व कूटनीति दर्शाती है, वहीं यह सवाल भी उठाती है कि क्या इतनी 'सुरक्षित दूरी' से व्यापार वार्ता में वह दबाव बनाया जा सकता है जो भारत को चाहिए।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत ने एवियान में ट्रंप के साथ संयुक्त मीडिया इंटरेक्शन से क्यों परहेज़ किया?
वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के अनुसार, भारत ने ट्रंप के 'अप्रत्याशित व्यवहार' को देखते हुए यह सावधानी बरती। अधिकारियों ने दक्षिण अफ्रीका और यूक्रेन के राष्ट्रपतियों के साथ ट्रंप की बातचीत का उदाहरण देते हुए कहा कि यह भारत की मानक राजनयिक प्रक्रिया है।
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने क्या कहा था?
राजदूत सर्जियो गोर ने सप्ताहांत में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि भारत ने मोदी-ट्रंप मुलाकात के बाद मीडिया के साथ किसी भी संयुक्त बातचीत से बचने का 'विशेष अनुरोध' किया था। इसी टिप्पणी के बाद भारत सरकार ने अपना पक्ष स्पष्ट किया।
एवियान में मोदी-ट्रंप बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
18 जून 2026 को हुई बैठक में दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में शांति, होर्मुज स्ट्रेट में नौवहन स्वतंत्रता, और COMPACT के तहत रक्षा, प्रौद्योगिकी, ऊर्जा व व्यापार में प्रगति की समीक्षा की। अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत में हुई प्रगति पर भी संतोष व्यक्त किया गया।
भारत-अमेरिका COMPACT क्या है?
COMPACT का पूरा नाम है 'Catalyzing Opportunities for Military Partnership, Accelerated Commerce and Technology'। यह फरवरी 2025 में वाशिंगटन डीसी में मोदी-ट्रंप बैठक के बाद स्थापित द्विपक्षीय सहयोग ढाँचा है, जो रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में दोनों देशों के सहयोग को गति देता है।
क्या भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कोई प्रगति हुई है?
PMO के बयान के अनुसार, अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते को लेकर बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। दोनों नेताओं ने अधिकारियों को जल्द से जल्द संतुलित, पारस्परिक रूप से लाभकारी और व्यावसायिक रूप से सार्थक समझौते की दिशा में काम करने का निर्देश दिया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले