3 अगस्त 2026
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ट्रंप ने जी7 में कहा — भारतीय 'बेहद प्रतिभाशाली', अमेरिका में कुशल पेशेवरों के लिए द्वार खुले

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ट्रंप ने जी7 में कहा — भारतीय 'बेहद प्रतिभाशाली', अमेरिका में कुशल पेशेवरों के लिए द्वार खुले

सारांश

फ्रांस के एवियन में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने मोदी से मुलाकात में भारतीयों को 'बेहद प्रतिभाशाली' बताया और अमेरिका में कुशल पेशेवरों के लिए द्वार खुले रहने का भरोसा दिलाया। यह बयान H-1B और आव्रजन नीति को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच भारतीय पेशेवर समुदाय के लिए राहत का संकेत है।

मुख्य बातें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 17 जून 2026 को जी7 शिखर सम्मेलन, एवियन (फ्रांस) में भारतीय कुशल पेशेवरों को 'बेहद प्रतिभाशाली' बताया।
ट्रंप ने कहा कि भारत के साथ रोज़गार के क्षेत्र में 'हमेशा से बहुत अच्छे संबंध' रहे हैं और अवसर बने रहेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक में ट्रंप ने उन्हें 'सर्वश्रेष्ठ वार्ताकारों में से एक' बताया।
मोदी ने कहा कि वॉशिंगटन बैठक के बाद से दोनों देशों के सहयोग में नई गति आई है।
भारत अमेरिका में सर्वाधिक कुशल कर्मचारी — इंजीनियर, तकनीकी विशेषज्ञ, शोधकर्ता — भेजने वाले देशों में शीर्ष पर है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार, 17 जून 2026 को फ्रांस के एवियन में आयोजित जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक में भारतीय कुशल पेशेवरों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। ट्रंप ने कहा कि भारतीय 'बेहद प्रतिभाशाली' लोग हैं और अमेरिका में उनके लिए अवसर बने रहेंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-अमेरिका व्यापार और आव्रजन नीति को लेकर दोनों देशों के बीच गहन कूटनीतिक संवाद जारी है।

जी7 में क्या बोले ट्रंप

जब एक संवाददाता ने ट्रंप से पूछा कि क्या उनके कार्यकाल में भारतीय कुशल पेशेवरों को अमेरिका में अवसर मिलते रहेंगे, तो उन्होंने सकारात्मक उत्तर दिया। ट्रंप ने कहा, 'भारत के साथ रोज़गार के मामले में हमारे हमेशा से बहुत अच्छे संबंध रहे हैं।' उन्होंने भारतीय पेशेवरों को 'बेहद प्रतिभाशाली' बताते हुए स्पष्ट किया कि अमेरिका में कुशल लोगों के लिए जगह है।

मोदी-ट्रंप द्विपक्षीय बैठक के मुख्य बिंदु

ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की वार्ता-कुशलता की भी सराहना की। उन्होंने कहा, 'वह बहुत मज़बूत बातचीत करने वाले नेता हैं — वास्तव में, सबसे अच्छे वार्ताकारों में से एक।' ट्रंप ने दोनों देशों के रिश्तों को 'अब तक के सबसे करीबी' बताते हुए कहा, 'मुझे नहीं लगता कि मेरे और प्रधानमंत्री मोदी के बीच या हमारे दोनों देशों के बीच इससे ज़्यादा करीबी रिश्ता हो सकता है।'

प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक में कहा कि पिछले वॉशिंगटन दौरे के बाद से द्विपक्षीय सहयोग में उल्लेखनीय गति आई है। उन्होंने कहा, 'हमने अपने रिश्तों में नई ऊर्जा दी है और दोनों देश कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं।' मोदी ने यह भी बताया कि दोनों देशों की टीमें तय लक्ष्यों को पूरा करने के लिए निरंतर समन्वय कर रही हैं।

भारत के लिए यह क्यों अहम है

भारत उन देशों में शामिल है जो अमेरिका में सबसे अधिक कुशल कर्मचारी — इंजीनियर, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ, शोधकर्ता और छात्र — भेजते हैं। गौरतलब है कि H-1B वीज़ा के सबसे बड़े लाभार्थियों में भारतीय पेशेवर शीर्ष पर रहे हैं। ट्रंप प्रशासन की आव्रजन नीतियों को लेकर पहले से अनिश्चितता का माहौल रहा है, इसलिए जी7 में दिया गया यह बयान भारतीय तकनीकी और पेशेवर समुदाय के लिए राहत की खबर माना जा रहा है।

भारत-अमेरिका संबंधों की व्यापक तस्वीर

यह बैठक ऐसे समय में हुई जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत जारी है। ट्रंप ने कहा, 'अमेरिका और भारत के बीच बहुत सारी चीज़ें आगे बढ़ रही हैं।' विश्लेषकों के अनुसार, जी7 जैसे बहुपक्षीय मंच पर इस तरह के सकारात्मक बयान दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत करने का संकेत देते हैं।

आगे क्या

दोनों देशों की टीमें द्विपक्षीय एजेंडे पर काम जारी रखेंगी। व्यापार, प्रौद्योगिकी और कुशल आव्रजन — तीनों मोर्चों पर ठोस नीतिगत घोषणाओं की प्रतीक्षा है। भारतीय पेशेवरों और छात्रों की नज़र अब इस पर होगी कि ट्रंप के इन सकारात्मक बयानों का अनुवाद ठोस वीज़ा और रोज़गार नीति में कब और कैसे होता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इन्हें नीतिगत प्रतिबद्धता मानना जल्दबाज़ी होगी — क्योंकि इसी प्रशासन ने H-1B वीज़ा प्रक्रिया को कठिन बनाने और आव्रजन पर सख्ती के संकेत दिए हैं। जी7 जैसे मंच पर कूटनीतिक प्रशंसा और घरेलू आव्रजन नीति के बीच का फ़र्क अक्सर बड़ा होता है। असली कसौटी यह होगी कि क्या ये बयान वीज़ा अनुमोदन दरों, H-1B कोटे और OPT नियमों में ठोस बदलाव के रूप में सामने आते हैं। भारतीय पेशेवर समुदाय को शब्दों से ज़्यादा नीतिगत स्पष्टता की ज़रूरत है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने जी7 में भारतीय पेशेवरों के बारे में क्या कहा?
ट्रंप ने 17 जून 2026 को फ्रांस के एवियन में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान कहा कि भारतीय 'बेहद प्रतिभाशाली' लोग हैं और अमेरिका में कुशल पेशेवरों के लिए अवसर बने रहेंगे। उन्होंने भारत के साथ रोज़गार क्षेत्र में 'हमेशा से अच्छे संबंध' होने की बात भी कही।
मोदी-ट्रंप जी7 द्विपक्षीय बैठक में क्या हुआ?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने एवियन (फ्रांस) में जी7 के दौरान द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका संबंधों को 'सबसे करीबी' बताया और कहा कि दोनों देशों की टीमें कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर रही हैं।
ट्रंप के इस बयान का भारतीय पेशेवरों पर क्या असर होगा?
यह बयान H-1B वीज़ा और आव्रजन नीति को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच भारतीय इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के लिए सकारात्मक संकेत है। हालाँकि, विशेषज्ञों का कहना है कि ठोस नीतिगत बदलाव आने पर ही इसका वास्तविक प्रभाव स्पष्ट होगा।
ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी के बारे में क्या कहा?
ट्रंप ने मोदी को 'बहुत मज़बूत वार्ताकार' और 'सर्वश्रेष्ठ बातचीत करने वालों में से एक' बताया। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों नेताओं और दोनों देशों के बीच इससे ज़्यादा करीबी रिश्ता संभव नहीं।
भारत-अमेरिका संबंध अभी किस दिशा में हैं?
मोदी के अनुसार, पिछले वॉशिंगटन दौरे के बाद से द्विपक्षीय सहयोग में नई गति और ऊर्जा आई है। दोनों देश व्यापार, प्रौद्योगिकी और कुशल आव्रजन सहित कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं, और दोनों पक्षों की टीमें तय लक्ष्यों पर निरंतर काम कर रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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