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ट्रंप-मोदी द्विपक्षीय वार्ता आज एवियन में; व्यापार, एआई और वैश्विक सुरक्षा एजेंडे पर

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ट्रंप-मोदी द्विपक्षीय वार्ता आज एवियन में; व्यापार, एआई और वैश्विक सुरक्षा एजेंडे पर

सारांश

एवियन में आज ट्रंप और मोदी की द्विपक्षीय बैठक — व्यापार, एआई और वैश्विक सुरक्षा पर। यह जी7 में भारत की 13वीं और मोदी की लगातार सातवीं भागीदारी है, जो ग्लोबल साउथ की आवाज़ के रूप में भारत की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका को रेखांकित करती है।

मुख्य बातें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को एवियन, फ्रांस में द्विपक्षीय बैठक करेंगे।
एजेंडे में आर्थिक विकास, सप्लाई चेन, एआई, निवेश साझेदारी और वैश्विक सुरक्षा शामिल हैं।
मंगलवार को दोनों नेताओं ने जी7 आउटरीच सत्र से पहले हाथ मिलाया और संक्षिप्त बातचीत की।
यह जी7 में भारत की 13वीं और मोदी की लगातार सातवीं भागीदारी है।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, चर्चा का फोकस अंतरराष्ट्रीय साझेदारी, समावेशी विकास और एआई के जिम्मेदार उपयोग पर रहेगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार, 18 जून को फ्रांस के एवियन में द्विपक्षीय बैठक करेंगे — यह मुलाकात जी7 नेताओं, आउटरीच भागीदारों और प्रमुख प्रौद्योगिकी कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ आयोजित वर्किंग लंच से ठीक पहले होगी। दोनों नेता आर्थिक विकास, सप्लाई चेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), निवेश साझेदारी और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श करेंगे।

मंगलवार को हुई संक्षिप्त मुलाकात

इससे पहले मंगलवार, 17 जून को 52वें जी7 शिखर सम्मेलन के आउटरीच सत्र के दौरान दोनों नेताओं की भेंट हुई। 'नई साझेदारियां बनाना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को पुनर्स्थापित करना' विषय पर आयोजित वर्किंग सत्र से पहले ट्रंप और मोदी ने हाथ मिलाया और संक्षिप्त बातचीत की। इस सत्र में जी7 देशों, साझेदार देशों, विश्व बैंक और अफ्रीकी विकास बैंक के प्रतिनिधि भी शामिल रहे।

व्हाइट हाउस की पुष्टि

व्हाइट हाउस ने शनिवार को पुष्टि की थी कि यह द्विपक्षीय बैठक वर्किंग लंच से पहले निर्धारित है, जिसमें जी7 नेता, आउटरीच भागीदार और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शीर्ष अधिकारी एक साथ बैठेंगे। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है।

मोदी का एक्स पर संदेश

एवियन पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, 'जी7 शिखर सम्मेलन के लिए फ्रांस के एवियन पहुंच गया हूं। विश्व नेताओं के साथ बातचीत करने और महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श करने के लिए उत्सुक हूं। भारत अधिक टिकाऊ और समृद्ध विश्व के लिए सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।'

भारत की जी7 में भागीदारी

भारत को 15 से 17 जून तक आयोजित इस सम्मेलन में साझेदार देश के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह जी7 में भारत की 13वीं और प्रधानमंत्री मोदी की लगातार सातवीं भागीदारी है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, चर्चा का केंद्र अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को मजबूत करना, समावेशी विकास को बढ़ावा देना और एआई के जिम्मेदार उपयोग पर रहेगा।

ग्लोबल साउथ की आवाज़

विदेश मंत्रालय ने कहा कि जी7 में भारत की नियमित भागीदारी शांति, सुरक्षा, विकास और पर्यावरण से जुड़ी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है। गौरतलब है कि भारत ने जी7, जी20 और 'वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट' जैसे मंचों पर लगातार विकासशील देशों की प्राथमिकताओं और आकांक्षाओं को प्रमुखता से उठाया है। आगे यह देखना अहम होगा कि ट्रंप-मोदी वार्ता से दोनों देशों के बीच व्यापार और प्रौद्योगिकी सहयोग को कोई ठोस दिशा मिलती है या नहीं।

संपादकीय दृष्टिकोण

पिछले कई जी7 सत्रों में भारत-अमेरिका के बीच 'ऐतिहासिक' घोषणाएं हुईं, लेकिन ठोस व्यापार समझौते अब भी अधूरे हैं। असली कसौटी यह होगी कि इस बार वर्किंग लंच की मेज़ से कोई बाध्यकारी प्रतिबद्धता निकलती है या नहीं।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप और मोदी की एवियन में द्विपक्षीय बैठक कब होगी?
यह बैठक बुधवार, 18 जून को फ्रांस के एवियन में जी7 वर्किंग लंच से पहले निर्धारित है। व्हाइट हाउस ने शनिवार को इसकी पुष्टि की थी।
ट्रंप-मोदी वार्ता में किन मुद्दों पर चर्चा होगी?
दोनों नेता आर्थिक विकास, सप्लाई चेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, निवेश साझेदारी और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर बातचीत करेंगे। यह बैठक भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों के लिहाज़ से अहम मानी जा रही है।
52वें जी7 शिखर सम्मेलन में भारत की क्या भूमिका है?
भारत को 15 से 17 जून तक आयोजित इस सम्मेलन में साझेदार देश के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह जी7 में भारत की 13वीं और प्रधानमंत्री मोदी की लगातार सातवीं भागीदारी है।
जी7 आउटरीच सत्र में किन विषयों पर चर्चा होगी?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, चर्चा का केंद्र अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों को मजबूत करना, समावेशी और संतुलित विकास को बढ़ावा देना तथा एआई के प्रभावी एवं जिम्मेदार उपयोग पर रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने जी7 में भारत की भागीदारी पर क्या कहा?
एवियन पहुंचने पर मोदी ने एक्स पर लिखा कि वह विश्व नेताओं के साथ बातचीत और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने कहा कि भारत एक टिकाऊ और समृद्ध विश्व के लिए सामूहिक प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
राष्ट्र प्रेस
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