ट्रंप-मोदी की जी-7 में द्विपक्षीय बैठक, व्यापार-तकनीक-सुरक्षा एजेंडे पर व्हाइट हाउस का बड़ा बयान
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान फ्रांस में द्विपक्षीय बैठक करने जा रहे हैं, जिसमें व्यापार, तकनीक, निवेश और वैश्विक सुरक्षा प्रमुख एजेंडा होंगे। व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने 17 जून को यह जानकारी दी। फरवरी 2026 की शिखर बैठक के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली आमने-सामने की मुलाकात होगी।
व्हाइट हाउस का बयान
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने कहा, 'राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच गहरी दोस्ती है। उनके नेतृत्व में, ट्रंप प्रशासन और भारत सरकार हमारे दोनों देशों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार हैं।' देसाई ने विदेश मंत्री मार्को रुबियो की हालिया भारत यात्रा का भी उल्लेख किया और कहा कि इस यात्रा ने व्यापार व राष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग को गहरा किया, जिसमें महत्वपूर्ण खनिजों पर एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर भी शामिल हैं।
बैठक का एजेंडा
व्हाइट हाउस के अनुसार, दोनों नेता आर्थिक विकास, सप्लाई चेन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, निवेश साझेदारी और कई वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श करेंगे। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब संभावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर चर्चा जारी है और पश्चिम एशिया के संकट के समाधान के लिए राजनयिक प्रयास तेज हैं।
विशेषज्ञों की राय
हडसन इंस्टीट्यूट की वरिष्ठ विशेषज्ञ अपर्णा पांडे ने कहा कि इस बैठक में 'प्रतीकात्मकता और ठोस परिणाम दोनों ही महत्वपूर्ण होंगे।' उन्होंने कहा, 'दोनों नेता यह दर्शाना चाहेंगे कि मुश्किल हालात के बावजूद दोनों लोकतंत्रों के बीच रिश्ते मजबूत बने हुए हैं और वे रक्षा व तकनीक से जुड़े कुछ समझौतों की घोषणा करने के इच्छुक होंगे।'
वहीं, अलब्राइट स्टोनब्रिज ग्रुप के उत्तरी अमेरिका पार्टनर आत्मन त्रिवेदी ने इस बैठक को द्विपक्षीय संबंधों में तेजी लाने का अवसर बताते हुए अपेक्षाओं को सीमित रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा, 'उम्मीदें मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित होनी चाहिए कि ट्रंप और मोदी ऊर्जा, रक्षा और तकनीक सहयोग में लंबे समय से चले आ रहे साझा हितों के लिए एक-दूसरे के महत्व को फिर से दोहराएं।' गौरतलब है कि यह बातचीत ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों की मौत की घटना के बाद हो रही है, जिसने द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाने की प्रक्रिया को झटका दिया था।
जी-7 में पहली मुलाकात
इससे पहले मंगलवार को राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी ने जी-7 के 'नई साझेदारियां बनाने और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से मजबूत करने' विषयक सत्र के दौरान एक-दूसरे का अभिवादन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इवियन पहुंचकर कहा कि वह वैश्विक मुद्दों पर विश्व नेताओं के साथ चर्चा करने के लिए उत्सुक हैं।
आगे क्या
यह द्विपक्षीय बैठक भारत-अमेरिका संबंधों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है, खासकर तब जब दोनों देश व्यापार समझौते की अंतिम रूपरेखा पर काम कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि रक्षा और तकनीक क्षेत्र में किसी ठोस घोषणा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।