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जी-7 में ट्रंप ने मोदी को बताया 'दुनिया के सबसे कड़े वार्ताकार', भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के दिए संकेत

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जी-7 में ट्रंप ने मोदी को बताया 'दुनिया के सबसे कड़े वार्ताकार', भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के दिए संकेत

सारांश

फ्रांस के एवियन में जी-7 सम्मेलन के दौरान ट्रंप ने मोदी को 'दुनिया के सबसे कड़े वार्ताकार' बताया और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के जल्द होने के संकेत दिए। यह तब आया है जब दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ताएँ निर्णायक दौर में हैं।

मुख्य बातें

डोनाल्ड ट्रंप ने 17 जून को जी-7 सम्मेलन, एवियन (फ्रांस) में पीएम नरेंद्र मोदी को 'दुनिया के सबसे कड़े वार्ताकारों में से एक' बताया।
ट्रंप ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कहा — 'हम बहुत करीब हैं।' ट्रंप ने कहा कि जब तक वे राष्ट्रपति हैं, भारत का व्हाइट हाउस में एक अच्छा दोस्त रहेगा।
पीएम मोदी ने कहा कि वॉशिंगटन की पिछली बैठक के बाद दोनों देशों के रिश्तों को नई रफ्तार मिली है।
दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार, तकनीक, ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार, 17 जून को फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर प्रशंसा करते हुए उन्हें 'दुनिया के सबसे कड़े वार्ताकारों में से एक' बताया। द्विपक्षीय बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के जल्द होने के भी संकेत दिए।

मुख्य घटनाक्रम

जी-7 सम्मेलन के इतर आयोजित द्विपक्षीय बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, 'हमारी भारत के प्रधानमंत्री मोदी के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। अमेरिका और भारत के बीच बहुत सी अच्छी चीजें हो रही हैं।' जब उनसे दोनों देशों के बीच जारी व्यापार वार्ताओं पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा, 'हम बहुत करीब हैं।'

ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की वार्ता-कौशल की सराहना करते हुए कहा, 'पीएम मोदी बहुत सख्त बातचीत करने वाले नेता हैं। सच कहूं तो वे दुनिया के सबसे कड़े वार्ताकारों में से एक हैं।'

ट्रंप की विशेष टिप्पणियाँ

अमेरिकी राष्ट्रपति ने मोदी के व्यक्तित्व पर भी दिलचस्प टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'आप इन्हें देखिए — ये एक फरिश्ते की तरह हैं, बहुत अच्छे इंसान हैं।' इसके तुरंत बाद उन्होंने जोड़ा, 'असल में ये बहुत मजबूत और सख्त इंसान हैं। वह आपको चौंका देते हैं। उनका शांत और सरल व्यक्तित्व कई बार लोगों को गलतफहमी में डाल देता है। मैं कहता हूं कि वे बहुत सख्त हैं — बातचीत में वे बेहद मजबूत हैं।'

ट्रंप ने ह्यूस्टन में आयोजित 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम और अपने पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान की भारत यात्रा को भी याद किया। उन्होंने कहा, 'भारत में हमारा समय बहुत शानदार रहा' — उस बड़े स्टेडियम कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए जिसमें दोनों नेताओं ने साथ हिस्सा लिया था।

भारत की वैश्विक भूमिका पर ट्रंप का बयान

पश्चिम एशिया में भारत की बढ़ती भूमिका पर पूछे गए सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, 'भारत का प्रभाव लगातार बढ़ता रहेगा। भारत हर बड़े मुद्दे में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब तक पीएम मोदी हैं, भारत दुनिया में बड़ी भूमिका निभाता रहेगा।'

भारत में अमेरिकी नीतियों को लेकर उठी चिंताओं पर ट्रंप ने भरोसा दिलाते हुए कहा, 'जब तक मैं राष्ट्रपति हूं, भारत का व्हाइट हाउस में एक अच्छा दोस्त रहेगा।' उन्होंने यह भी जोड़ा, 'भारत हमारे साथ जो करना चाहे कर सकता है। हमारे संबंध सबसे बेहतरीन हैं।'

पीएम मोदी का पक्ष

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वॉशिंगटन में पिछली मुलाकात के बाद दोनों देशों के संबंधों को नई गति मिली है। उन्होंने कहा, 'पिछले साल वॉशिंगटन में हमारी बेहद सफल बैठक हुई थी और उसके बाद हमने अपने रिश्तों को नई रफ्तार और नई ऊर्जा दी है।' मोदी ने बताया कि हाल के वर्षों में भारत और अमेरिका ने रक्षा, व्यापार, तकनीक, ऊर्जा और रणनीतिक मामलों सहित कई क्षेत्रों में सहयोग को काफी बढ़ाया है।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब भारत-अमेरिका के बीच व्यापार वार्ताएँ निर्णायक दौर में बताई जा रही हैं। ट्रंप के 'हम बहुत करीब हैं' वाले बयान को कूटनीतिक हलकों में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर वार्ता कई महीनों से जारी है, और जी-7 की यह बैठक उस प्रक्रिया को नई गति दे सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि अमेरिकी टैरिफ नीति और भारतीय बाजार पहुँच पर मतभेद अभी भी सार्वजनिक रूप से अनसुलझे हैं। ट्रंप का मोदी को 'फरिश्ते जैसे दिखने वाले, लेकिन बेहद सख्त' बताना दरअसल उस वार्ता-गतिशीलता को स्वीकार करना है जिसमें भारत ने अपनी शर्तों पर खड़े रहने की क्षमता दिखाई है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत पश्चिम एशिया में भी अपनी भूमिका बढ़ा रहा है और वैश्विक शक्ति-संतुलन में एक स्वतंत्र आवाज के रूप में उभर रहा है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जी-7 सम्मेलन में ट्रंप ने मोदी के बारे में क्या कहा?
ट्रंप ने 17 जून को फ्रांस के एवियन में जी-7 सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी को 'दुनिया के सबसे कड़े वार्ताकारों में से एक' बताया। उन्होंने कहा कि मोदी का शांत व्यक्तित्व लोगों को गुमराह करता है, लेकिन वे बातचीत में बेहद मजबूत हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर ट्रंप ने क्या संकेत दिया?
ट्रंप ने कहा कि दोनों देश व्यापार समझौते के मामले में 'बहुत करीब' हैं। हालांकि उन्होंने कोई तारीख या विस्तृत शर्तें नहीं बताईं, यह बयान जारी व्यापार वार्ताओं में सकारात्मक प्रगति का संकेत माना जा रहा है।
जी-7 में मोदी-ट्रंप द्विपक्षीय बैठक कहाँ और कब हुई?
यह बैठक 17 जून को फ्रांस के एवियन में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान हुई। बैठक के बाद ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए मोदी की प्रशंसा की और भारत-अमेरिका संबंधों को 'सबसे बेहतरीन' बताया।
पीएम मोदी ने भारत-अमेरिका संबंधों पर क्या कहा?
पीएम मोदी ने कहा कि वॉशिंगटन में पिछली बैठक के बाद दोनों देशों के रिश्तों को नई रफ्तार और ऊर्जा मिली है। उन्होंने रक्षा, व्यापार, तकनीक, ऊर्जा और रणनीतिक क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग का उल्लेख किया।
ट्रंप ने 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम का जिक्र क्यों किया?
ट्रंप ने ह्यूस्टन में आयोजित 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम और अपनी भारत यात्रा को याद करते हुए दोनों नेताओं के व्यक्तिगत संबंधों की गर्मजोशी को रेखांकित किया। यह उनके पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान का कार्यक्रम था जिसमें भारी संख्या में लोग मौजूद थे।
राष्ट्र प्रेस
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