बारुईपुर में दुर्गा पूजा समिति विवाद: झड़प में भाजपा कार्यकर्ता बापी प्रमाणिक की मौत
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में रविवार देर रात एक स्थानीय दुर्गा पूजा समिति के नियंत्रण को लेकर दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ता बापी प्रमाणिक (45 वर्ष) की मौत हो गई। बारुईपुर पुलिस जिले के एडिशनल सुपरिटेंडेंट अतिश बिस्वास ने सोमवार, 24 अगस्त को इसकी पुष्टि की। यह घटना हरदोहो ग्राम पंचायत क्षेत्र में हुई, जो बारुईपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आती है।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के अनुसार, झड़प में बापी प्रमाणिक गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी मृत्यु हो गई। इस हिंसा में कई अन्य व्यक्ति भी घायल हुए हैं।
मृतक के परिवार का दावा है कि रविवार देर रात एक फोन कॉल के ज़रिये उन्हें घर से बाहर बुलाया गया और इसके बाद उनकी हत्या कर दी गई। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि इस घटना के पीछे स्थानीय भाजपा नेता सुजन मंडल का हाथ है, जिन्हें हाल ही में पार्टी विरोधी और कथित अनैतिक गतिविधियों के चलते पार्टी से निलंबित किया गया था।
भाजपा का आरोप
दक्षिण 24 परगना में भाजपा के पूर्व संगठनात्मक जिला अध्यक्ष उत्तम कर ने आरोप लगाया कि इस हत्या के पीछे तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े उपद्रवियों का एक समूह है। उन्होंने कहा, "जिस स्थानीय नेता पर आरोप लगाए जा रहे हैं, उन्हें कुछ दिन पहले ही पार्टी ने निलंबित कर दिया था।"
कर ने यह भी बताया कि बापी प्रमाणिक लंबे समय से भाजपा से जुड़े हुए थे। उनके अनुसार, पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान भाजपा से संबंध के कारण प्रमाणिक को अपना घर छोड़ना पड़ा था और वे लगभग 10 वर्षों तक कहीं और रहे। वे इस वर्ष की शुरुआत में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद ही घर लौटे थे।
पुलिस की प्रतिक्रिया
एडिशनल सुपरिटेंडेंट अतिश बिस्वास ने बताया कि पूछताछ के लिए कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "मृतक के परिवार की शिकायत के आधार पर जाँच शुरू कर दी गई है। इलाके में तनाव को नियंत्रित रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।"
आम जनता पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा की तैयारियाँ ज़ोरों पर हैं और पूजा समितियों पर राजनीतिक नियंत्रण का विवाद नया नहीं है। गौरतलब है कि राज्य में पिछले कई वर्षों से त्योहारी समितियों को लेकर सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच तनाव की खबरें आती रही हैं। इस घटना ने स्थानीय समुदाय में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा किया है।
क्या होगा आगे
पुलिस ने जाँच जारी रखने और दोषियों की पहचान कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। भाजपा की ओर से इस मामले को राजनीतिक हिंसा का हिस्सा बताते हुए उच्चस्तरीय जाँच की माँग उठाई जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं।