बारुईपुर हिंसा पर सुवेंदु अधिकारी का ममता पर हमला: 'तुष्टीकरण की राजनीति अब भी जारी'
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार, 9 जुलाई को पूर्व मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। अधिकारी ने आरोप लगाया कि बारुईपुर में हुई हिंसक घटनाओं को ममता बनर्जी द्वारा 'स्वतः स्फूर्त प्रदर्शन' बताना उनकी तुष्टीकरण की राजनीति का ताज़ा उदाहरण है — और यह रवैया TMC की चुनावी हार के बाद भी नहीं बदला है।
विवाद की पृष्ठभूमि
दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में एक 12 वर्षीय नाबालिग से कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद इलाके में तनाव भड़क उठा था। इस दौरान पुलिसकर्मियों पर हमले हुए, पुलिस वाहनों में आग लगाई गई, रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुँचाया गया और सार्वजनिक संपत्ति में व्यापक तोड़फोड़ की गई। ममता बनर्जी ने इन घटनाओं को नाबालिग की मौत के विरोध में हुआ 'स्वतः स्फूर्त प्रदर्शन' करार दिया था।
सुवेंदु अधिकारी के आरोप
मुख्यमंत्री अधिकारी ने गुरुवार दोपहर सोशल मीडिया पर एक संदेश में ममता बनर्जी को सीधे संबोधित करते हुए कहा, 'क्या दंगाइयों को कथित तौर पर 'प्रदर्शनकारी' कहा जा सकता है? आप खुद को और अपनी पार्टी को खो चुकी हैं। आपकी पार्टी बुरी तरह हार चुकी है और थक चुकी है। फिर भी आप में कोई बदलाव नहीं आया है। लगातार तुष्टीकरण की राजनीति, धोखा और उकसावा — तीन बुरी आदतें अभी भी आपका साथ नहीं छोड़ रही हैं।'
अधिकारी ने 26 वर्षीय इंद्रजीत तांती की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या का वीडियो साझा करते हुए सवाल उठाया कि क्या ऐसे लोगों को सामान्य प्रदर्शनकारी माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि भीड़ ने तांती को केवल उनके नाम और पहचान के आधार पर निशाना बनाया और बेरहमी से मार डाला।
ममता के बयान पर सवाल
अधिकारी ने ममता बनर्जी का वह वीडियो भी साझा किया जिसमें वह रविवार दोपहर नाबालिग का शव मिलने के बाद उपजी तनावपूर्ण स्थिति को 'प्रदर्शन' बता रही थीं। मुख्यमंत्री ने कहा, 'जिन्हें आप प्रदर्शनकारी बता रही हैं, उन्होंने एक निर्दोष युवक को उसके घर से बाहर निकाला, पुलिस वाहनों में आग लगाई, रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुँचाया और अराजकता फैलाई। क्या वे वास्तव में 'प्रदर्शनकारी' हैं?'
नई सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति
मुख्यमंत्री अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार दुष्कर्म और महिलाओं व बच्चों पर अत्याचार जैसे गंभीर अपराधों के साथ-साथ भीड़ हिंसा के मामलों में भी 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाएगी। उन्होंने कहा, 'अब वह समय खत्म हो गया है जब भीड़ की आड़ लेकर और समूह बनाकर अपराध किए जा सकते थे। कानूनी प्रक्रिया के ज़रिए नई सरकार सुनिश्चित करेगी कि ऐसे अपराधियों को उनके किए की सज़ा मिले।'
आगे क्या
बारुईपुर हिंसा के मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है। यह घटना ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा और TMC के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। नई राज्य सरकार की प्रतिक्रिया और आरोपियों के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई आने वाले दिनों में राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।