9 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

बारुईपुर हिंसा पर सुवेंदु अधिकारी का ममता पर हमला: 'तुष्टीकरण की राजनीति अब भी जारी'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
बारुईपुर हिंसा पर सुवेंदु अधिकारी का ममता पर हमला: 'तुष्टीकरण की राजनीति अब भी जारी'

सारांश

बारुईपुर में नाबालिग से दुष्कर्म-हत्या के बाद भड़की हिंसा को ममता बनर्जी ने 'प्रदर्शन' बताया — मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इसे तुष्टीकरण की राजनीति का ताज़ा नमूना कहा और 26 वर्षीय इंद्रजीत तांती की भीड़ द्वारा हत्या का वीडियो साझा कर सवाल उठाया कि क्या ये लोग 'प्रदर्शनकारी' हैं।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 9 जुलाई को सोशल मीडिया पर ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला।
बारुईपुर में 12 वर्षीय नाबालिग से कथित दुष्कर्म और हत्या के बाद हिंसा भड़की — पुलिस वाहनों में आग, रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त।
भीड़ ने 26 वर्षीय इंद्रजीत तांती को केवल नाम-पहचान के आधार पर निशाना बनाकर पीट-पीटकर मार डाला।
ममता बनर्जी ने हिंसा को 'स्वतः स्फूर्त प्रदर्शन' बताया; अधिकारी ने इसे तुष्टीकरण की राजनीति करार दिया।
नई राज्य सरकार ने दुष्कर्म, भीड़ हिंसा और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान पर 'जीरो टॉलरेंस' नीति की घोषणा की।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार, 9 जुलाई को पूर्व मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। अधिकारी ने आरोप लगाया कि बारुईपुर में हुई हिंसक घटनाओं को ममता बनर्जी द्वारा 'स्वतः स्फूर्त प्रदर्शन' बताना उनकी तुष्टीकरण की राजनीति का ताज़ा उदाहरण है — और यह रवैया TMC की चुनावी हार के बाद भी नहीं बदला है।

विवाद की पृष्ठभूमि

दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में एक 12 वर्षीय नाबालिग से कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद इलाके में तनाव भड़क उठा था। इस दौरान पुलिसकर्मियों पर हमले हुए, पुलिस वाहनों में आग लगाई गई, रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुँचाया गया और सार्वजनिक संपत्ति में व्यापक तोड़फोड़ की गई। ममता बनर्जी ने इन घटनाओं को नाबालिग की मौत के विरोध में हुआ 'स्वतः स्फूर्त प्रदर्शन' करार दिया था।

सुवेंदु अधिकारी के आरोप

मुख्यमंत्री अधिकारी ने गुरुवार दोपहर सोशल मीडिया पर एक संदेश में ममता बनर्जी को सीधे संबोधित करते हुए कहा, 'क्या दंगाइयों को कथित तौर पर 'प्रदर्शनकारी' कहा जा सकता है? आप खुद को और अपनी पार्टी को खो चुकी हैं। आपकी पार्टी बुरी तरह हार चुकी है और थक चुकी है। फिर भी आप में कोई बदलाव नहीं आया है। लगातार तुष्टीकरण की राजनीति, धोखा और उकसावा — तीन बुरी आदतें अभी भी आपका साथ नहीं छोड़ रही हैं।'

अधिकारी ने 26 वर्षीय इंद्रजीत तांती की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या का वीडियो साझा करते हुए सवाल उठाया कि क्या ऐसे लोगों को सामान्य प्रदर्शनकारी माना जा सकता है। उन्होंने कहा कि भीड़ ने तांती को केवल उनके नाम और पहचान के आधार पर निशाना बनाया और बेरहमी से मार डाला।

ममता के बयान पर सवाल

अधिकारी ने ममता बनर्जी का वह वीडियो भी साझा किया जिसमें वह रविवार दोपहर नाबालिग का शव मिलने के बाद उपजी तनावपूर्ण स्थिति को 'प्रदर्शन' बता रही थीं। मुख्यमंत्री ने कहा, 'जिन्हें आप प्रदर्शनकारी बता रही हैं, उन्होंने एक निर्दोष युवक को उसके घर से बाहर निकाला, पुलिस वाहनों में आग लगाई, रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुँचाया और अराजकता फैलाई। क्या वे वास्तव में 'प्रदर्शनकारी' हैं?'

नई सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति

मुख्यमंत्री अधिकारी ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार दुष्कर्म और महिलाओं व बच्चों पर अत्याचार जैसे गंभीर अपराधों के साथ-साथ भीड़ हिंसा के मामलों में भी 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाएगी। उन्होंने कहा, 'अब वह समय खत्म हो गया है जब भीड़ की आड़ लेकर और समूह बनाकर अपराध किए जा सकते थे। कानूनी प्रक्रिया के ज़रिए नई सरकार सुनिश्चित करेगी कि ऐसे अपराधियों को उनके किए की सज़ा मिले।'

आगे क्या

बारुईपुर हिंसा के मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है। यह घटना ऐसे समय में आई है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद भाजपा और TMC के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। नई राज्य सरकार की प्रतिक्रिया और आरोपियों के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई आने वाले दिनों में राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि अधिकारी इंद्रजीत तांती की हत्या को केंद्र में रखकर 'पहचान आधारित हिंसा' का आख्यान स्थापित कर रहे हैं। गौरतलब है कि बंगाल में सत्ता-विरोधी हिंसा की यह पहली बड़ी परीक्षा है — और दोनों पक्ष इसे अपने-अपने तरीके से परिभाषित करने की होड़ में हैं। असली सवाल यह है कि नई सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति केवल विपक्ष पर निशाना साधने तक सीमित रहती है, या दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने में भी उतनी ही तेज़ी दिखाती है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बारुईपुर में क्या हुआ जिसने यह विवाद खड़ा किया?
दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में एक 12 वर्षीय नाबालिग से कथित दुष्कर्म और हत्या के बाद हिंसा भड़क उठी। भीड़ ने पुलिस वाहनों में आग लगाई, रेलवे ट्रैक क्षतिग्रस्त किया और 26 वर्षीय इंद्रजीत तांती की पीट-पीटकर हत्या कर दी।
ममता बनर्जी ने बारुईपुर हिंसा पर क्या कहा?
ममता बनर्जी ने बारुईपुर में हुई हिंसक घटनाओं को नाबालिग की मौत के विरोध में हुआ 'स्वतः स्फूर्त प्रदर्शन' बताया। मुख्यमंत्री अधिकारी ने इस बयान को तुष्टीकरण की राजनीति का उदाहरण बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई।
सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाए?
अधिकारी ने कहा कि ममता बनर्जी TMC की चुनावी हार से कोई सबक नहीं सीखा है और तुष्टीकरण, धोखे और उकसावे की राजनीति जारी है। उन्होंने इंद्रजीत तांती की हत्या का वीडियो साझा कर सवाल किया कि ऐसे लोगों को 'प्रदर्शनकारी' कैसे कहा जा सकता है।
पश्चिम बंगाल की नई सरकार की नीति क्या है?
मुख्यमंत्री अधिकारी ने घोषणा की कि नई राज्य सरकार दुष्कर्म, महिलाओं व बच्चों पर अत्याचार और भीड़ हिंसा — सभी पर 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाएगी। उन्होंने कहा कि कानूनी प्रक्रिया के ज़रिए अपराधियों को सज़ा दिलाई जाएगी।
इंद्रजीत तांती कौन थे और उनकी हत्या कैसे हुई?
इंद्रजीत तांती 26 वर्षीय युवक थे जिन्हें बारुईपुर हिंसा के दौरान भीड़ ने कथित तौर पर केवल उनके नाम और पहचान के आधार पर निशाना बनाया। भीड़ ने उन्हें उनके घर से बाहर निकालकर बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 घंटे पहले
  2. 5 घंटे पहले
  3. 2 दिन पहले
  4. 3 दिन पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 8 महीने पहले